Retimes india
  • Home
  • Education News
  • Technology
  • Uncategorized
  • India News
  • Science
  • sports
  • Stock Market News
  • Defence News
Reading: ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों के खिलाफ सड़कों पर क्यों उतरे हजारों लोग? कई शहरों में भड़के विरोध प्रदर्शन
Share
Retimes indiaRetimes india
Font ResizerAa
  • Home
  • Education News
  • Technology
  • Uncategorized
  • India News
  • Science
  • sports
  • Stock Market News
  • Defence News
  • Home
  • Education News
  • Technology
  • Uncategorized
  • India News
  • Science
  • sports
  • Stock Market News
  • Defence News
© All Rights Reserved. Retimes India. Hosted on Elga Cloud Web Hosting Company.
Retimes india > Blog > Uncategorized > ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों के खिलाफ सड़कों पर क्यों उतरे हजारों लोग? कई शहरों में भड़के विरोध प्रदर्शन
Uncategorized

ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों के खिलाफ सड़कों पर क्यों उतरे हजारों लोग? कई शहरों में भड़के विरोध प्रदर्शन

Retimes india
Last updated: August 31, 2025 3:59 pm
Retimes india
Share
SHARE

ऑस्ट्रेलिया के कई शहरों में रविवार को हजारों लोग सड़कों पर उतरे और आव्रजन विरोधी (एंटी-इमिग्रेशन) रैलियों में हिस्सा लिया। इन प्रदर्शनों की प्रचार सामग्री में भारतीय प्रवासियों को खास तौर पर निशाना बनाया गया। हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने इन रैलियों की कड़ी निंदा की है और इन्हें नफरत फैलाने वाला और नियो-नाजियों से जुड़ा बताया है। ‘मार्च फॉर ऑस्ट्रेलिया’ नाम की इन रैलियों के विज्ञापनों में भारतीय मूल के लोगों को प्रमुखता से दिखाया गया, जो अब ऑस्ट्रेलिया की जनसंख्या का करीब तीन प्रतिशत हैं।

प्रवासी भारतीयों को बनाया निशाना

एक प्रचार पर्चे में लिखा गया, “पिछले पांच साल में जितने भारतीय आए हैं, उतने तो 100 साल में ग्रीक और इटालियन भी नहीं आए। यह सिर्फ एक देश की बात है, और हम जानते हैं कि प्रवासन का सांस्कृतिक असर पड़ता है। यह कोई छोटा-मोटा बदलाव नहीं है। ऑस्ट्रेलिया कोई ऐसा आर्थिक क्षेत्र नहीं है, जिसके संसाधनों का विदेशी लोग शोषण करें।”

प्रदर्शन से पहले फेसबुक पर प्रचारित सामग्री में भारतीयों का जिक्र था, जिनकी संख्या 2013 से 2023 तक दोगुनी होकर लगभग 8,45,800 हो गई है। ‘मार्च फॉर ऑस्ट्रेलिया’ की वेबसाइट का कहना है कि बड़े पैमाने पर प्रवासन ने “हमारे समुदायों को जोड़ने वाले रिश्तों को तोड़ दिया है।” इस ग्रुप ने एक्स पर लिखा कि वे वह करने की कोशिश कर रहे हैं, जो मुख्यधारा के राजनेता कभी हिम्मत नहीं करते—यानी सामूहिक प्रवासन को पूरी तरह रोकने की मांग करना।

सिडनी और मेलबर्न में उमड़ा जनसैलाब

आयोजकों ने खुद को ऑस्ट्रेलियाई लोगों को एकजुट करने की जमीनी कोशिश बताया और अन्य समूहों के साथ अपने संबंधों से इनकार किया। सिडनी, मेलबर्न, कैनबरा और कई अन्य शहरों में बड़े पैमाने पर रैलियां हुईं। सिडनी में 5,000 से 8,000 लोग, जिनमें कई ऑस्ट्रेलियाई झंडों में लिपटे थे, शहर के मैराथन मैदान के पास जमा हुए।

वहीं, पास में ही रिफ्यूजी एक्शन कोएलिशन ने जवाबी रैली निकाली, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए। गठबंधन के एक प्रवक्ता ने कहा, “हमारा यह आयोजन ‘मार्च फॉर ऑस्ट्रेलिया’ के दक्षिणपंथी एजेंडे के खिलाफ गुस्सा और नफरत दर्शाता है।” पुलिस ने बताया कि सिडनी में सैकड़ों अधिकारियों को तैनात किया गया था और यह आयोजन बिना किसी बड़ी घटना के खत्म हुआ।

इमिग्रेशन रोकने की मांग

मेलबर्न में प्रदर्शनकारी ऑस्ट्रेलियाई झंडों और आव्रजन-विरोधी तख्तियों के साथ फ्लिंडर्स स्ट्रीट स्टेशन के बाहर जमा हुए और मार्च निकाला। एक प्रदर्शनकारी थॉमस सेवेल ने रैली को संबोधित करते हुए दावा किया कि उनके समर्थकों ने मार्च का नेतृत्व किया और कहा, “अगर हम आव्रजन नहीं रोकेंगे, तो हमारा अंत तय है।”

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसमें मिर्च स्प्रे, लाठियों और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए हथियारों का इस्तेमाल हुआ। छह लोगों को गिरफ्तार किया गया और दो पुलिस अधिकारी घायल हुए। पुलिस का अनुमान है कि मेलबर्न की रैली और जवाबी प्रदर्शनों में कुल 5,000 लोग शामिल थे।

कुछ प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक सेवाओं को लेकर अपनी नाराजगी जताई। सिडनी में ‘मार्च फॉर ऑस्ट्रेलिया’ में शामिल ग्लेन ऑलचिन ने कहा, “यह हमारे देश की बढ़ती आर्थिक तंगी की बात है। सरकार ज्यादा से ज्यादा लोगों को यहां ला रही है। हमारे बच्चे घर खरीदने के लिए जूझ रहे हैं, अस्पतालों में सात घंटे इंतजार करना पड़ता है, और सड़कें कम पड़ रही हैं।”

सियासी दलों ने की निंदा

ऑस्ट्रेलिया के सभी राजनीतिक दलों ने इन रैलियों की निंदा की। संघीय श्रम मंत्री मरे वाट ने स्काई न्यूज को बताया, “हम ‘मार्च फॉर ऑस्ट्रेलिया’ रैली की कड़ी निंदा करते हैं। इसका मकसद सामाजिक सद्भाव बढ़ाना नहीं, बल्कि नफरत फैलाना और समुदाय को बांटना है।” उन्होंने कहा कि ये रैलियां नियो-नाजी संगठनों द्वारा आयोजित और प्रचारित की गई थीं।

गृह मंत्री टोनी बर्क ने कहा, “हमारे देश में उन लोगों के लिए कोई जगह नहीं है जो हमारी सामाजिक एकता को तोड़ना चाहते हैं। हम इन रैलियों के खिलाफ आधुनिक ऑस्ट्रेलिया के साथ खड़े हैं।”

भारतीय और यहूदी विरोधी भावनाएं

संघीय विपक्षी नेता सुजैन ले ने रैलियों से पहले एक वीडियो में कहा, “हिंसा, नस्लवाद या धमकी के लिए कोई जगह नहीं है। चाहे यह दूर से उकसाया गया हो या यहीं से, हम नफरत और डर को हमारे सामाजिक ताने-बाने को नष्ट नहीं करने दे सकते।” अटॉर्नी जनरल जूलियन लीसर ने कहा, “कुछ लोग नीति परिवर्तन चाहते होंगे, लेकिन उन्हें अपनी संगति से सावधान रहना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा, “मैंने प्रदर्शन की कुछ सामग्री देखी है, और मुझे वहां व्यक्त की गई भारत-विरोधी और यहूदी-विरोधी भावनाएं परेशान करती हैं।” ऑस्ट्रेलिया, जहां लगभग आधी आबादी विदेश में पैदा हुई है या उनके माता-पिता विदेशी मूल के हैं, वहां हाल के वर्षों में दक्षिणपंथी गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई है।

अक्टूबर 2023 में इजरायल-गाजा युद्ध शुरू होने के बाद यहूदी-विरोधी हमलों की घटनाएं बढ़ीं, जिसके जवाब में इस साल नए कानून लागू किए गए। इनमें चरमपंथी प्रतीकों के प्रदर्शन या बिक्री पर रोक और उल्लंघन करने पर जेल की सजा का प्रावधान शामिल है।

Subscribe to Our Newsletter
Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!
TAGGED:आव्रजन विरोधी प्रदर्शनऑस्ट्रेलिया में प्रवासी विरोधी रैलीऑस्ट्रेलिया में भारतीय प्रवासीदक्षिणपंथी प्रदर्शननियो-नाजी रैलीभारतीयों के खिलाफ प्रदर्शनमार्च फॉर ऑस्ट्रेलियासामाजिक एकतासिडनी मेलबर्न विरोध
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article भारत-चीन में बड़ी सहमति: सीमा पर शांति, आतंकवाद के खिलाफ एकजुट, और क्या-क्या हुआ तय
Next Article MP का सबसे लंबा फ्लाईओवर बना रीलबाजों का अड्डा! 3 दिन में 190 चालान, 83 हजार का जुर्माना
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Headlines

Bigg Boss 19 -सलमान खान अपनी फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं, इसलिए इस बार फराह खान संभालेंगी वीकेंड का वार की कमान।

‘बिग बॉस 19’ का वीकेंड का वार इस बार कुछ खास होने वाला है! सलमान…

2 Min Read

Film Wrap: विराट कोहली संग विवाद पर अवनीत कौर का खुलासा, बिग बॉस 19 में फ्लॉप हुई ये हिट सोशल मीडिया जोड़ी

“सोमवार का दिन एंटरटेनमेंट की दुनिया में रहा हंगामेदार! अवनीत कौर ने विराट कोहली संग…

4 Min Read

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: वैवाहिक विवादों में गुप्त कॉल रिकॉर्डिंग स्वीकार्य

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने 14 जुलाई 2025 को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया, जिसने वैवाहिक…

7 Min Read

लामिने यामाल पर क्यों है सबकी नजर: बार्सिलोना का नया सुपरस्टार

लियोनेल मेसी की आइकॉनिक जर्सी नंबर 10 पहनने वाले लामिने यामाल पर हैं बड़ी उम्मीदें,…

6 Min Read

ट्रंप की धमकी और भारत पर यूरोपियन यूनियन ने लगाया प्रतिबंध

ट्रंप की रणनीति और भारत पर प्रभाव अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस पर दबाव बनाने…

6 Min Read

उत्तर प्रदेश बकरी पालन योजना 2025: 50% सब्सिडी के साथ शुरू करें लाभदायक व्यवसाय

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों और बेरोजगार युवाओं के लिए एक अनूठी पहल…

2 Min Read

ट्रंप के टैरिफ से 25 साल की भारत-अमेरिका दोस्ती पर खतरा! पूर्व राजनयिकों ने दी चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों से भारत और अमेरिका के बीच 25 साल की…

4 Min Read

भारत का 702 बिलियन डॉलर का खजाना: ग्लोबल सुपरपावर बनने का रहस्य

भारत 702.78 बिलियन डॉलर के विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) के साथ ग्लोबल स्टेज पर…

6 Min Read

दिल्ली में सनसनीखेज खुलासा: सर्जरी कर बन गए फर्जी किन्नर, दो बांग्लादेशी घुसपैठिए गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने एक हैरान करने वाले मामले में दो बांग्लादेशी नागरिकों को…

2 Min Read

मुंबई में नेटवर्क ठप, दिल्ली में बारिश का कहर: उड़ानों में देरी से यात्री परेशान

शनिवार, 9 अगस्त 2025 को देश के दो प्रमुख हवाई अड्डों—मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज…

5 Min Read

You Might Also Like

जुबीन गर्ग की मौत का रहस्य खोलेगी CID! CM हिमंत खुद लाएंगे शव, सिंगापुर से मांगी पूरी डिटेल

20 सितंबर 2025 असम के सुपरस्टार गायक जुबीन गर्ग की अचानक मौत ने पूरे देश को सदमे में डाल दिया…

West Bengal: Mamata government's big decision, 76 new castes included in OBC list
Uncategorized

पश्चिम बंगाल: ममता सरकार का बड़ा फैसला, ओबीसी सूची में 76 नई जातियां शामिल

कोलकाता, 4 जून 2025: पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ममता बनर्जी सरकार ने एक…

8 Min Read

सैफ अली खान को बड़ा झटका: भोपाल की 15,000 करोड़ की प्रॉपर्टी को हाईकोर्ट ने ‘एनिमी प्रॉपर्टी’ घोषित किया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान की भोपाल स्थित 15,000 करोड़ रुपये की पैतृक संपत्ति को 'एनिमी…

3 Min Read
Gyan Sadhna Scholarship 2025: Complete Details – Eligibility, Documents & Application Process
Uncategorized

ज्ञान साधना छात्रवृत्ति 2025: पूरी जानकारी – पात्रता, डॉक्युमेंट और आवेदन प्रक्रिया

ज्ञान साधना छात्रवृत्ति एक सरकारी योजना है जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को शिक्षा जारी रखने के लिए…

5 Min Read
Retimes india

Popular Category

  • India News
  • Stock Market News
  • Technology
  • Education News

Latest Vews

  • Defence News
  • Education News
  • Science
  • sports

Policy Pages

  • About Us
  • DMCA
  • Term and Conditions
  • Privacy Policy

Get in Touch

  • Contact

© All Rights Reserved. Retimes India. Hosted on Elga Cloud Web Hosting Company.

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?