दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में एक प्राइवेट मैनेजमेंट कॉलेज की 17 छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न का आरोपी खुद को संत बताने वाला स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती अभी फरार है। पुलिस की जांच में ऐसे चौंकाने वाले राज खुल रहे हैं जो किसी फिल्म की कहानी जैसे लगते हैं। स्वामी ने हॉस्टल को बिग बॉस के घर की तरह बना रखा था, जहां हर छात्रा हर पल कैमरों की नजर में रहती थी। और सबसे हैरान करने वाली बात ये कि इन सारे कैमरों की लाइव फीड सीधे उसके स्मार्टफोन पर आती थी।
पुलिस जांच से पता चला है कि स्वामी ने हॉस्टल में डर का ऐसा माहौल बना रखा था कि छात्राएं कुछ बोलने से भी कतराती थीं। 24 घंटे निगरानी का ये तरीका उनके दिमाग पर दबाव डालने का एक हथियार था। जांच एजेंसियों ने पाया कि स्वामी के फोन पर हॉस्टल के सभी सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड देखने का पूरा कंट्रोल था, जिससे वो छात्राओं की हर छोटी-बड़ी हरकत पर नजर रखता था।
इसके अलावा, स्वामी ने हॉस्टल के DVR सिस्टम से छेड़छाड़ करके कई जरूरी फुटेज डिलीट कर दिए, जो उसके गलत कामों को उजागर कर सकते थे। सुरक्षा के नाम पर कैमरे लॉबी, गेट और यहां तक कि बाथरूम के पास भी लगाए गए थे, ताकि छात्राओं को लगे कि वो हर वक्त देखी जा रही हैं। इससे वो खुद को असुरक्षित महसूस करतीं और किसी से मदद मांगने से डरतीं। स्वामी ने कुछ छात्राओं के पढ़ाई के सर्टिफिकेट रोकने की धमकी भी दी, जिससे वो कॉलेज छोड़ने या शिकायत करने का हिम्मत नहीं जुटा पातीं। कॉलेज स्टाफ पर भी उसका इतना दबदबा था कि अगर कोई विरोध करता तो नामांकन कैंसल करने की चेतावनी मिलती।
स्वामी के दावों की जांच अभी चल रही है, जैसे कि उसने शिकागो यूनिवर्सिटी से एमबीए या पीएचडी करने का झूठा दावा किया था। पुलिस ने उसकी वोल्वो कार भी जब्त की है, जिसमें कथित तौर पर फर्जी यूएन नंबर प्लेट लगी थी। जांच में ये भी सामने आया कि स्वामी श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट एंड रिसर्च की छात्राओं को मानसिक और पढ़ाई के दबाव में रखता था। वो आर्थिक रूप से कमजोर तबके की छात्राओं को खास निशाना बनाता, क्योंकि उसे पता था कि स्कॉलरशिप छिनने या पढ़ाई रुकने के डर से वो चुप रहेंगी। मार्च 2025 में वो कुछ छात्राओं को अपनी नई बीएमडब्ल्यू कार में ऋषिकेश ले गया था। वहां आश्रम के पास घाट पर उन्हें बुलाकर आपत्तिजनक बातें करता और छेड़छाड़ की कोशिश करता। देर रात वो अश्लील मैसेज भेजता और अपने कमरे में बुलाता। जब छात्राओं ने फैकल्टी से शिकायत की, तो उन्होंने मैसेज डिलीट करवाए और चुप रहने की धमकी दी।
छात्राओं ने स्वामी चैतन्यानंद पर यौन उत्पीड़न, अश्लील मैसेज भेजने और जबरन बॉडी टच करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि अगर वो उसकी बात नहीं मानतीं तो फेल करने, स्कॉलरशिप काटने या सर्टिफिकेट नहीं देने की धमकी मिलती। माता-पिता को भी इसमें घसीटने से रोका जाता। स्वामी की हरकतों से तंग आकर छात्राएं इतनी परेशान हो गईं कि उन्होंने वायुसेना मुख्यालय में यूनिवर्सिटी आउटरीच प्रोग्राम से जुड़ी एक ग्रुप कैप्टन को ई-मेल से शिकायत भेजी। एक अगस्त को ग्रुप कैप्टन ने कॉलेज मैनेजमेंट को इस बारे में बताया, जिसके बाद कॉलेज ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में पांच अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। स्वामी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी हो चुका है। एफआईआर के बाद उसने बैंक से 50 लाख से ज्यादा रुपये निकाले, जिन्हें पुलिस ट्रैक कर रही है। एक दूसरे फ्रॉड मामले में कोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत की अर्जी ठुकरा दी है। पुलिस जांच तेजी से कर रही है और जल्द ही आरोपी को पकड़ने की उम्मीद जता रही है।
