भारत सरकार ने स्वदेशी 2 नैनोमीटर (2nm) सेमीकंडक्टर चिप और विश्वस्तरीय ग्राफिक प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) विकसित करने की घोषणा की है। इस परियोजना के लिए बेंगलुरु स्थित C-DAC को 200 मिलियन डॉलर की फंडिंग दी गई है। यह कदम भारत को AI और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास है।
2nm चिप और GPU क्या हैं?
- 2nm चिप: ये अत्यंत उन्नत सेमीकंडक्टर चिप्स हैं, जो 3nm चिप्स से तेज, ऊर्जा-कुशल, और थर्मल दक्षता में बेहतर हैं। अभी तक कोई भी कंपनी 2nm चिप्स का व्यावसायिक उत्पादन नहीं कर पाई है।
- GPU: ग्राफिक प्रोसेसिंग यूनिट AI, मशीन लर्निंग, और सुपरकंप्यूटिंग के लिए महत्वपूर्ण हैं। NVIDIA इस क्षेत्र में वैश्विक नेता है।
भारत की रणनीति
- फंडिंग: C-DAC को 200 मिलियन डॉलर आवंटित किए गए हैं। FY24 में इसे 1056 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली थी।
- TSMC साझेदारी: ताइवान की TSMC की विशेषज्ञता से भारत उन्नत चिप निर्माण में तेजी लाएगा।
- लागत: भारत के GPU और चिप्स NVIDIA की तुलना में 50% कम लागत वाले होंगे।
- समयसीमा: 2025 में प्रीव्यू, 2028 में प्रोटोटाइप, और 2030 में व्यावसायिक उत्पादन।
क्यों है यह साहसिक?
- अमेरिका की नीति का जवाब: जनवरी 2025 में अमेरिका ने AI चिप्स के निर्यात पर प्रतिबंध की नीति बनाई, जिसमें भारत शामिल था। यह कदम निर्भरता कम करेगा।
- वैश्विक प्रतिस्पर्धा: भारत NVIDIA, Intel, और AMD को टक्कर देना चाहता है।
- आर्थिक लाभ: आयात कम होगा, रोजगार बढ़ेगा, और भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत होगा।
उद्योग की प्रतिक्रिया
HCL के चेयरमैन अजय चौधरी ने इस कदम का स्वागत किया, इसे अमेरिकी निर्भरता कम करने का तरीका बताया।
यह परियोजना भारत को तकनीकी आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाएगी। यह एक साहसिक, लेकिन संभावनाओं से भरा कदम है। अपने विचार कमेंट करें ।भारत सरकार ने स्वदेशी 2 नैनोमीटर (2nm) सेमीकंडक्टर चिप और विश्वस्तरीय ग्राफिक प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) विकसित करने की घोषणा की है। इस परियोजना के लिए बेंगलुरु स्थित C-DAC को 200 मिलियन डॉलर की फंडिंग दी गई है। यह कदम भारत को AI और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास है।
2nm चिप और GPU क्या हैं?
- 2nm चिप: ये अत्यंत उन्नत सेमीकंडक्टर चिप्स हैं, जो 3nm चिप्स से तेज, ऊर्जा-कुशल, और थर्मल दक्षता में बेहतर हैं। अभी तक कोई भी कंपनी 2nm चिप्स का व्यावसायिक उत्पादन नहीं कर पाई है।
- GPU: ग्राफिक प्रोसेसिंग यूनिट AI, मशीन लर्निंग, और सुपरकंप्यूटिंग के लिए महत्वपूर्ण हैं। NVIDIA इस क्षेत्र में वैश्विक नेता है।
भारत की रणनीति
- फंडिंग: C-DAC को 200 मिलियन डॉलर आवंटित किए गए हैं। FY24 में इसे 1056 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली थी।
- TSMC साझेदारी: ताइवान की TSMC की विशेषज्ञता से भारत उन्नत चिप निर्माण में तेजी लाएगा।
- लागत: भारत के GPU और चिप्स NVIDIA की तुलना में 50% कम लागत वाले होंगे।
- समयसीमा: 2025 में प्रीव्यू, 2028 में प्रोटोटाइप, और 2030 में व्यावसायिक उत्पादन।
क्यों है यह साहसिक?
- अमेरिका की नीति का जवाब: जनवरी 2025 में अमेरिका ने AI चिप्स के निर्यात पर प्रतिबंध की नीति बनाई, जिसमें भारत शामिल था। यह कदम निर्भरता कम करेगा।
- वैश्विक प्रतिस्पर्धा: भारत NVIDIA, Intel, और AMD को टक्कर देना चाहता है।
- आर्थिक लाभ: आयात कम होगा, रोजगार बढ़ेगा, और भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत होगा।
उद्योग की प्रतिक्रिया
HCL के चेयरमैन अजय चौधरी ने इस कदम का स्वागत किया, इसे अमेरिकी निर्भरता कम करने का तरीका बताया।
यह परियोजना भारत को तकनीकी आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाएगी। यह एक साहसिक, लेकिन संभावनाओं से भरा कदम है। अपने विचार कमेंट करें ।
