Retimes india
  • Home
  • Education News
  • Technology
  • Uncategorized
  • India News
  • Science
  • sports
  • Stock Market News
  • Defence News
Reading: भारत ने विकसित की पहली स्वदेशी मलेरिया वैक्सीन: जानें R21/Matrix-M से जुड़ी खास बातें
Share
Retimes indiaRetimes india
Font ResizerAa
  • Home
  • Education News
  • Technology
  • Uncategorized
  • India News
  • Science
  • sports
  • Stock Market News
  • Defence News
  • Home
  • Education News
  • Technology
  • Uncategorized
  • India News
  • Science
  • sports
  • Stock Market News
  • Defence News
© All Rights Reserved. Retimes India. Hosted on Elga Cloud Web Hosting Company.
Retimes india > Blog > Science > भारत ने विकसित की पहली स्वदेशी मलेरिया वैक्सीन: जानें R21/Matrix-M से जुड़ी खास बातें
Science

भारत ने विकसित की पहली स्वदेशी मलेरिया वैक्सीन: जानें R21/Matrix-M से जुड़ी खास बातें

Retimes india
Last updated: July 21, 2025 5:28 pm
Retimes india
Share
SHARE

भारत ने मलेरिया के खिलाफ लड़ाई में एक और वैज्ञानिक सफलता हासिल की है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने भुवनेश्वर स्थित क्षेत्रीय चिकित्सा अनुसंधान केंद्र (RMRC) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इम्यूनोलॉजी (NII) के सहयोग से पहली स्वदेशी मलेरिया वैक्सीन, AdFalciVax, विकसित की है। यह वैक्सीन न केवल मलेरिया के परजीवी प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम को रोकने में कारगर है, बल्कि इसके सामुदायिक संचरण को भी कम करती है। यह उपलब्धि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है।

AdFalciVax वैक्सीन कैसे काम करती है?

AdFalciVax एक रिकॉम्बिनेंट चिमेरिक मल्टी-स्टेज वैक्सीन है, जो मलेरिया के परजीवी के दो प्रमुख चरणों को लक्षित करती है। यह वैक्सीन शरीर में लंबे समय तक प्रभावी रहने वाले एंटीबॉडीज उत्पन्न करती है, जो परजीवी को शरीर में पनपने से रोकते हैं। मौजूदा मलेरिया वैक्सीन्स, जैसे Mosquirix और R21/Matrix-M, की प्रभावशीलता 33% से 67% तक है, जबकि प्रीक्लीनिकल試験ों में AdFalciVax इससे बेहतर परिणाम देने की क्षमता दिखा चुकी है। यह वैक्सीन न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा प्रदान करती है, बल्कि मच्छरों के जरिए मलेरिया के प्रसार को भी कम करती है।

वैक्सीन की लागत और पहुंच

ICMR के अनुसार, AdFalciVax न केवल अधिक प्रभावी है, बल्कि इसकी कीमत भी मौजूदा वैक्सीन्स की तुलना में कम होने की उम्मीद है। इसका मतलब है कि यह वैक्सीन ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों में भी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। यह भारत जैसे देश के लिए महत्वपूर्ण है, जहां बारिश के मौसम में मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियां हर साल लाखों लोगों को प्रभावित करती हैं।

वैक्सीन का विकास और सहयोग

AdFalciVax को तीन प्रमुख संस्थानों ने मिलकर विकसित किया है:

  • ICMR: भारत की सबसे बड़ी मेडिकल रिसर्च संस्था, जो इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रही है।
  • RMRC, भुवनेश्वर: पूर्वी भारत के मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में अनुसंधान के लिए जाना जाता है।
  • NII (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इम्यूनोलॉजी): इम्यून रिस्पांस पर विशेषज्ञता के साथ इस वैक्सीन की प्रभावशीलता को बढ़ाने में योगदान दिया।

प्रीक्लीनिकल試験ों में यह वैक्सीन सुरक्षित और प्रभावी पाई गई है। RMRC के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सुशील सिंह के अनुसार, यह वैक्सीन लंबे समय तक प्रभावी एंटीबॉडीज बनाती है, जो मलेरिया के प्रसार को रोकने में मदद करती है।

प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन की योजना

ICMR ने AdFalciVax के व्यावसायिक उत्पादन के लिए निजी कंपनियों से रुचि पत्र (EoI) आमंत्रित किए हैं। यह गैर-अनन्य समझौते के तहत होगा, जिससे कई कंपनियां इस वैक्सीन का उत्पादन कर सकें। भारत बायोटेक और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया जैसी कंपनियों के साथ बातचीत की संभावना है, हालांकि अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। ICMR उत्पादन के सभी चरणों में तकनीकी सहायता और विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान करेगा। यह पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल यह सुनिश्चित करेगा कि वैक्सीन जल्दी और कम लागत में उपलब्ध हो।

ह्यूमन ट्रायल्स और WHO गाइडलाइंस

वर्तमान में AdFalciVax के ह्यूमन ट्रायल्स शुरू होने वाले हैं। जैसे ही यह वैक्सीन सुरक्षा और प्रभावशीलता के मानकों पर खरी उतरेगी, इसे बाजार में लाया जाएगा। अगर यह वैक्सीन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की गाइडलाइंस को पूरा करती है, तो इसे अफ्रीका और दक्षिण अफ्रीका जैसे मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में निर्यात किया जा सकता है। यह भारत की वैक्सीन डिप्लोमेसी को और मजबूत करेगा, जैसा कि कोवैक्सीन और कोविशील्ड के साथ देखा गया था।

वैश्विक प्रभाव और आत्मनिर्भर भारत

AdFalciVax की सफलता न केवल भारत के लिए, बल्कि वैश्विक स्तर पर मलेरिया के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम है। WHO के अनुसार, 2023 में वैश्विक स्तर पर 263 मिलियन मलेरिया के मामले और 597,000 मौतें दर्ज की गईं, जिनमें से 94% मामले और 95% मौतें अफ्रीकी क्षेत्र में थीं। AdFalciVax की कम लागत और उच्च प्रभावशीलता इसे इन क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण समाधान बनाती है। यह वैक्सीन भारत की वैज्ञानिक क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है, जो मलेरिया जैसी घातक बीमारी से जूझ रहे लाखों लोगों के लिए उम्मीद की किरण है।who.int

भविष्य की संभावनाएं

AdFalciVax के ह्यूमन ट्रायल्स और उत्पादन की प्रक्रिया शुरू होने के साथ, भारत मलेरिया के खिलाफ अपनी लड़ाई को और मजबूत करने की दिशा में बढ़ रहा है। यह वैक्सीन न केवल बारिश के मौसम में बढ़ने वाले मलेरिया के खतरे को कम करेगी, बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य में भारत की भूमिका को भी रेखांकित करेगी। ICMR और इसकी सहयोगी संस्थाओं के वैज्ञानिकों की यह मेहनत लाखों जिंदगियों को बचाने का रास्ता खोल रही है।

Subscribe to Our Newsletter
Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!
TAGGED:AdFalciVaxAfrica malaria vaccineBharat BiotechICMRindigenous malaria vaccinemalaria preventionmalaria vaccinePlasmodium falciparumself-reliant IndiaSerum Institutevaccine diplomacyWHO guidelines
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article केरल में 19 साल पुराने ट्रिपल मर्डर केस को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से सुलझाया गया
Next Article भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में उछाल: चीन की बेचैनी और भारत का जवाब
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Headlines

T-20 में नेपाली लायंस ने वेस्टइंडीज को 19 रन से हराया, 180 मैचों बाद टेस्ट टीम पर पहली धमाकेदार जीत

नेपाल क्रिकेट टीम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ शारजाह में खेले गए तीन मैचों की टी20…

4 Min Read

ऐतिहासिक मेगा प्रोजेक्ट भारत की 36 नदियों को जोड़ा जायेगा

भारत अब एक ऐतिहासिक मेगा प्रोजेक्ट पर काम करने जा रहा है, जिससे देश के सूखा और बाढ़…

3 Min Read

भारत में अब इन लोगों की No Entry! वीजा नियम सख्त, मोदी सरकार का बड़ा प्लान जानें

भारत सरकार ने देश की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए आव्रजन नियमों को…

4 Min Read

कुत्ते का चाटना भी है खतरनाक! डॉक्टर ने बताए चौंकाने वाले नुकसान

बदायूं में एक दिल दहला देने वाली घटना ने सबका ध्यान खींचा है, जहां एक…

4 Min Read

हाई कोर्ट के जज ने कहाँ आप हिंदी में जवाब क्यों दे रहे हैं: क्या आपको अंग्रेजी नहीं आती:क्या अंग्रेजी न बोल पाना अक्षमता का प्रमाण है

उत्तराखंड हाईकोर्ट की नैनीताल बेंच में एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान एक ऐसा…

7 Min Read

बिहार चुनाव 2025: मुजफ्फरपुर में टिकट की जंग! लोजपा के NDA में शामिल होने से RJD को देनी पड़ सकती है कुर्बानी

 बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की आहट के साथ ही मुजफ्फरपुर की सियासत गर्मा गई है।…

4 Min Read

लेह-लद्दाख में सेना का कमाल: 17,000 फीट की ऊंचाई पर फंसे कोरियाई दंपत्ति को रात के अंधेरे में बचाया

भारतीय सेना ने लेह-लद्दाख के कोंगमारूला दर्रे में 17,000 फीट की ऊंचाई पर फंसे एक…

3 Min Read

भारत की सबसे लंबी मालगाड़ी रुद्रास्त्र ने रचा इतिहास

भारत ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है! भारतीय रेलवे ने देश की अब…

3 Min Read

ट्रंप के टैरिफ को BJP की करारा जवाब: स्वदेशी जागरण अभियान की शुरुआत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ की चुनौती का जवाब देने के लिए भारतीय जनता…

3 Min Read

जियो पीसी: रिलायंस जियो का नया क्लाउड-आधारित कंप्यूटिंग सर्विस

रिलायंस जियो ने एक बार फिर सबको चौंकाते हुए एक नई सेवा JioPC लॉन्च की है। यह…

9 Min Read

You Might Also Like

चीन में चिकनगुनिया का कहर, लाखों लोग चपेट में, जानें लक्षण और बचाव के तरीके
Science

चीन में चिकनगुनिया का कहर, लाखों लोग चपेट में, जानें लक्षण और बचाव के तरीके

न्यूज डेस्क, रीटाइम्स इंडियाप्रकाशित: बुधवार, 06 अगस्त 2025 चिकनगुनिया वायरस ने दुनियाभर में हड़कंप मचा दिया है और अब यह…

8 Min Read
The end of cancer? Russia's new vaccine will bring revolution!
Science

कैंसर का अंत? रूस की नई वैक्सीन लाएगी क्रांति!

कैंसर – एक ऐसा नाम, जिसे सुनते ही दिल में डर और निराशा समा जाती है। मेडिकल साइंस ने भले…

5 Min Read
The phone also felt heavy!’ Shubhanshu Shukla, who returned from space, narrated his unique experience of coming back to earth
Science

‘फोन भी भारी लगा!’ अंतरिक्ष से लौटे शुभांशु शुक्ला ने सुनाया धरती पर आने का अनोखा अनुभव

भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने एक्सिओम-4 मिशन के तहत 20 दिन की अंतरिक्ष यात्रा पूरी कर धरती पर लौटने…

4 Min Read

क्या जैसलमेर में उड़ते थे डायनासोर? मेघा गांव में झील की खुदाई में मिले जुरासिक युग के जीवाश्म

राजस्थान के जैसलमेर जिले के मेघा गांव में झील के पास खुदाई के दौरान स्थानीय लोगों को जीवाश्म जैसे अवशेष…

2 Min Read
Retimes india

Popular Category

  • India News
  • Stock Market News
  • Technology
  • Education News

Latest Vews

  • Defence News
  • Education News
  • Science
  • sports

Policy Pages

  • About Us
  • DMCA
  • Term and Conditions
  • Privacy Policy

Get in Touch

  • Contact

© All Rights Reserved. Retimes India. Hosted on Elga Cloud Web Hosting Company.

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?