Retimes india
  • Home
  • Education News
  • Technology
  • Uncategorized
  • India News
  • Science
  • sports
  • Stock Market News
  • Defence News
Reading: जीएसटी रिवैंप 2025: 12% टैक्स स्लैब हटाने की तैयारी, आम आदमी और व्यवसायों को मिलेगी राहत
Share
Retimes indiaRetimes india
Font ResizerAa
  • Home
  • Education News
  • Technology
  • Uncategorized
  • India News
  • Science
  • sports
  • Stock Market News
  • Defence News
  • Home
  • Education News
  • Technology
  • Uncategorized
  • India News
  • Science
  • sports
  • Stock Market News
  • Defence News
© All Rights Reserved. Retimes India. Hosted on Elga Cloud Web Hosting Company.
Retimes india > Blog > India News > जीएसटी रिवैंप 2025: 12% टैक्स स्लैब हटाने की तैयारी, आम आदमी और व्यवसायों को मिलेगी राहत
India News

जीएसटी रिवैंप 2025: 12% टैक्स स्लैब हटाने की तैयारी, आम आदमी और व्यवसायों को मिलेगी राहत

Retimes india
Last updated: July 17, 2025 5:39 pm
Retimes india
Share
GST Revamp 2025: Preparations to remove 12% tax slab, common man and businesses will get relief
SHARE

भारत में गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (जीएसटी) को 1 जुलाई 2017 को लागू किया गया था, और अब आठ साल बाद सरकार इसे बड़े पैमाने पर बदलने की योजना बना रही है। हाल ही में 16 जुलाई 2025 को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने जीएसटी ढांचे में व्यापक बदलाव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस रिवैंप का सबसे बड़ा हाईलाइट 12% टैक्स स्लैब को हटाने का प्रस्ताव है, जिसके तहत कई सामान 5% या 18% स्लैब में शिफ्ट हो सकते हैं। यह बदलाव न केवल आम आदमी के लिए राहत लाएगा, बल्कि व्यवसायों के लिए भी जीएसटी अनुपालन को सरल बनाएगा। आइए, इस रिवैंप के प्रमुख पहलुओं, इसके कारणों और प्रभावों पर विस्तार से चर्चा करें।

जीएसटी ढांचे का नया स्वरूप

जीएसटी लागू होने के समय से इसमें पांच मुख्य टैक्स स्लैब हैं: 0%, 5%, 12%, 18%, और 28%, साथ ही सोने-चांदी जैसे बुलियन के लिए 0.25% और 3% की विशेष दरें। कुल जीएसटी सामानों में से 21% 5% स्लैब में, 19% 12% स्लैब में, और 44% 18% स्लैब में आते हैं, जबकि 28% स्लैब में केवल 3% सामान शामिल हैं। सरकार अब 12% स्लैब को पूरी तरह हटाने पर विचार कर रही है, जिसमें इसके सामान या तो 5% या 18% स्लैब में स्थानांतरित होंगे। यह प्रस्ताव अगस्त 2025 में होने वाली 56वीं जीएसटी काउंसिल बैठक में अंतिम रूप ले सकता है।

जीएसटी रिवैंप के पीछे का कारण

पिछले आठ वर्षों में, व्यवसायियों, नीति निर्माताओं और विशेषज्ञों ने जीएसटी ढांचे की जटिलता और उच्च टैक्स दरों की शिकायत की है। खासकर, मध्यम और निम्न-आय वर्ग द्वारा उपयोग किए जाने वाले सामानों पर 12% टैक्स को अनावश्यक रूप से बोझिल माना गया है। उदाहरण के लिए, पॉपकॉर्न जैसे छोटे सामानों पर टैक्स दर को लेकर हाल ही में विवाद हुआ, जिसने जीएसटी की विसंगतियों को उजागर किया। PwC जैसे कंसल्टिंग फर्मों ने सुझाव दिया है कि जीएसटी को तीन स्लैब (5%, मध्यवर्ती, और 28%) में सरल करना चाहिए और पेट्रोलियम उत्पादों को भी इसके दायरे में लाना चाहिए, हालांकि यह प्रस्ताव अभी विवादास्पद है। इसके अलावा, भारत की मजबूत मैक्रोइकनॉमिक स्थिति और मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) की दिशा में बढ़ते कदमों के कारण सरल जीएसटी ढांचे की आवश्यकता और बढ़ गई है।

आम आदमी पर प्रभाव

12% स्लैब के तहत आने वाले सामान, जैसे पैकेज्ड फूड, फर्नीचर, चिकित्सा उपकरण, और घरेलू सामान, यदि 5% स्लैब में शिफ्ट होते हैं, तो उनकी कीमतों में कमी आएगी। इससे मध्यम और निम्न-आय वर्ग के उपभोक्ताओं को सीधा लाभ होगा, क्योंकि उनकी रोजमर्रा की जरूरतों पर खर्च कम होगा। सरकार का अनुमान है कि इस कदम से प्रारंभिक तौर पर 40,000-50,000 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हो सकता है, लेकिन बढ़ती खपत और बेहतर टैक्स अनुपालन से लंबे समय में यह नुकसान पूरा हो सकता है। उदाहरण के लिए, ट्रैक्टर जैसे उत्पाद, जो वर्तमान में 12% स्लैब में हैं, 5% स्लैब में आने पर किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

व्यवसायों के लिए फायदे

जीएसटी रिवैंप का एक प्रमुख उद्देश्य अनुपालन प्रक्रिया को सरल बनाना है। वर्तमान में, जीएसटी फाइलिंग और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का दावा करना व्यवसायों के लिए जटिल है। 12% स्लैब को हटाने से वर्गीकरण संबंधी विवाद कम होंगे, जिससे व्यवसायों का समय और लागत बचेगी। इसके अलावा, सरकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित विवाद समाधान तंत्र शुरू करने की योजना बना रही है, जो टैक्स रिटर्न और ITC दावों को और आसान बनाएगा। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और टैक्स वकीलों जैसे पेशेवरों के लिए भी यह बदलाव कार्य को सरल करेगा, क्योंकि कम स्लैब्स से गलतियों की संभावना कम होगी।

अन्य प्रस्तावित बदलाव

12% स्लैब को हटाने के अलावा, जीएसटी काउंसिल कुछ अन्य बदलावों पर भी विचार कर रही है। उदाहरण के लिए, शुद्ध टर्म इंश्योरेंस पर 18% जीएसटी को हटाकर इसे नील स्लैब में लाने या 5% तक कम करने का प्रस्ताव है। हालांकि, 28% स्लैब, जिसमें सिगरेट, लक्जरी कारें और तंबाकू जैसे “सिन गुड्स” शामिल हैं, की समीक्षा मार्च 2026 तक टाल दी गई है। इसके अलावा, पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने का सुझाव PwC ने दिया है, लेकिन राज्यों के विरोध के कारण यह अभी संभव नहीं लगता।

पॉपकॉर्न टैक्स विवाद और विसंगतियों का समाधान

हाल ही में पॉपकॉर्न जैसे छोटे सामानों पर जीएसटी दरों को लेकर विवाद ने सुर्खियां बटोरीं। अलग-अलग प्रकार के पॉपकॉर्न (पैकेज्ड, अनपैकेज्ड, या रेडी-टू-ईट) पर अलग-अलग टैक्स दरें लागू होने से व्यवसायों और उपभोक्ताओं में भ्रम पैदा हुआ। जीएसटी रिवैंप के तहत ऐसी विसंगतियों को दूर करने की कोशिश की जाएगी, ताकि टैक्स दरें अधिक पारदर्शी और एकसमान हों। यह कदम न केवल उपभोक्ताओं के लिए, बल्कि छोटे और मध्यम व्यवसायों के लिए भी राहतकारी होगा।

भविष्य की संभावनाएं

जीएसटी रिवैंप भारत की टैक्स प्रणाली को अधिक सरल और व्यवसाय-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कम स्लैब्स और सरल अनुपालन प्रक्रियाओं से न केवल भारत में कारोबारी माहौल बेहतर होगा, बल्कि वैश्विक व्यापार समझौतों में भी भारतीय व्यवसायों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सुधार लंबे समय से लंबित था, और अब मजबूत आर्थिक परिस्थितियों के बीच इसे लागू करने का सही समय है।

जीएसटी रिवैंप 2025 भारत की टैक्स प्रणाली में एक ऐतिहासिक बदलाव लाने की क्षमता रखता है। 12% स्लैब को हटाने से उपभोक्ताओं को रोजमर्रा के सामानों पर राहत मिलेगी, जबकि व्यवसायों के लिए अनुपालन आसान होगा। हालांकि, इस बदलाव को लागू करने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच सहमति बनाना महत्वपूर्ण होगा। अगर यह सुधार सफल होता है, तो यह न केवल आम आदमी की जेब को राहत देगा, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था को और मजबूत करेगा।

Subscribe to Our Newsletter
Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!
TAGGED:Goods and Services TaxGST benefits for common manGST Council Meeting 2025GST relief for businessesGST Revamp 2025Input tax creditPetroleum GSTPopcorn tax disputeRemoval of 12% GST slabTax slab simplification
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article Mahindra's new electric vehicles will compete with Tesla Cybertruck महिंद्रा की नई इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ टेस्ला साइबरट्रक को टक्कर देगी
Next Article Assam became India's first oil producing state, big discovery in Namrup Borhat असम बना भारत का पहला तेल उत्पादक राज्य, नामरूप बोरहाट में बड़ी खोज
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Headlines

संभल हिंसा: जामा मस्जिद में मिले हरिहर मंदिर के सबूत, जांच आयोग ने CM योगी को सौंपी सनसनीखेज रिपोर्ट

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के संभल में पिछले साल 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा की…

5 Min Read

धनतेरस 2025: कब है धनतेरस? जानें सटीक तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा का समय

धनतेरस का पर्व हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया…

3 Min Read

बिग बॉस 19: मृदुल-नतालिया का रोमांस हुआ वायरल, सलमान खान के सामने दिखाया जबरदस्त डांस

पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 19' इन दिनों खूब चर्चा में है। शो को शुरू…

2 Min Read

Artificial-Intelligence डेटा सेंटर्स के कारण पीने के पानी पर संकट की छाया 2030 तक हालत होंगे ख़राब

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग आज हर क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है, चाहे…

7 Min Read

इंस्टाग्राम पर 1,000 व्यूज से पैसे कमाएंगे? सच्चाई सामने आई

इंस्टाग्राम आज सिर्फ फोटोज शेयर करने की जगह नहीं रहा, बल्कि यह एक बड़ा कमाई…

4 Min Read

सावधान! UP बोर्ड के नाम पर फर्जी वेबसाइट का जाल, छात्रों और-अभिभावकों को लूटने की साजिश में अपराधी निशाने पर

प्रयागराज में साइबर बदमाशों ने यूपी बोर्ड की नकली वेबसाइट लॉन्च कर दी है, जिससे…

2 Min Read

Bigg Boss 19 -सलमान खान अपनी फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं, इसलिए इस बार फराह खान संभालेंगी वीकेंड का वार की कमान।

‘बिग बॉस 19’ का वीकेंड का वार इस बार कुछ खास होने वाला है! सलमान…

2 Min Read

गौरव खन्ना की अभिषेक को दो टूक नसीहत: “महिलाओं की इज्जत करो, झगड़े में भी रखो शालीनता!”

मुंबई: टीवी इंडस्ट्री के मशहूर अभिनेता गौरव खन्ना ने अपने को-स्टार अभिषेक बजाज को ऐसी…

3 Min Read

महाभियोग क्या है और भारत में इसकी प्रक्रिया: जस्टिस यशवंत वर्मा केस के संदर्भ में

महाभियोग का अर्थ और महत्व महाभियोग एक संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से…

9 Min Read

बाढ़ में जन्मा ‘सैलाब सिंह’! गांव वालों ने नवजात का रखा अनोखा नाम, मां को ऐसे बचाया गया

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में बाढ़ की तबाही के बीच एक ऐसी कहानी सामने…

3 Min Read

You Might Also Like

Bihar Voter List 2025: Become a voter 10 days before nomination, contact online or BLO
India News

बिहार वोटर लिस्ट 2025: नामांकन से 10 दिन पहले तक बनें मतदाता, ऑनलाइन या बीएलओ से करें संपर्क

बिहार में वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन की प्रक्रिया पूरे साल चलती रहती है। अगर आप विशेष…

32 Min Read
Firing at Disha Patni's house in Bareilly, Goldie Brar gang said- 'This was just a trailer'
India News

बरेली में दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग, गोल्डी बरार गिरोह ने कहा- ‘ये तो सिर्फ ट्रेलर था!’

बरेली: बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी और उनकी बहन, रिटायर्ड मेजर खुशबू पाटनी के बरेली में सिविल लाइंस स्थित घर के…

3 Min Read
India is building a 130 km 'secret road' to DBO, it will be hidden from the eyes of China
India News

भारत बना रहा है DBO तक 130 किमी की ‘गुप्त सड़क’, चीन की नजरों से होगी छिपी

भारत लद्दाख क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक सड़क का निर्माण कर रहा है, जिसे "सीक्रेट रूट" के नाम से जाना…

6 Min Read
New changes in NPS! Starting October 1st, you can invest your entire corpus in equities, opening a new avenue for returns.
India News

NPS में नया बदलाब ! 1 अक्टूबर से अपना पूरा पैसा इक्विटी में लगा सकेंगे, रिटर्न का नया रास्ता खुला

रिटायरमेंट की चिंता अब कम हो सकती है! पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)…

3 Min Read
Retimes india

Popular Category

  • India News
  • Stock Market News
  • Technology
  • Education News

Latest Vews

  • Defence News
  • Education News
  • Science
  • sports

Policy Pages

  • About Us
  • DMCA
  • Term and Conditions
  • Privacy Policy

Get in Touch

  • Contact

© All Rights Reserved. Retimes India. Hosted on Elga Cloud Web Hosting Company.

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?