Google का Gemini AI डिफॉल्ट रूप से आपके निजी चैट्स का इस्तेमाल ट्रेनिंग के लिए करता है। जानें इसे कैसे रोकें और अपनी प्राइवेसी बचाएं।
Google Gemini AI ने हाल ही में एक नया फीचर “पर्सनल कॉन्टेक्स्ट” लॉन्च किया है, जो आपके पिछले चैट्स को याद रखकर जवाबों को और बेहतर बनाता है। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि यह फीचर डिफॉल्ट रूप से चालू रहता है, यानी Google आपकी निजी बातचीत को AI ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल कर सकता है। अगर आप अपनी प्राइवेसी को लेकर चिंतित हैं, तो घबराएं नहीं! हम आपको बताएंगे कि इस सेटिंग को कैसे बंद करना है और अपनी जानकारी को सुरक्षित रखना है।
Gemini AI का “पर्सनल कॉन्टेक्स्ट” फीचर क्या है?
Google ने Gemini AI में “पर्सनल कॉन्टेक्स्ट” फीचर जोड़ा है, जो आपके पिछले चैट्स का विश्लेषण करके आपके जवाबों को ज्यादा व्यक्तिगत और सटीक बनाता है। यह आपके पसंद, रुचियों और बातचीत के पैटर्न को सीखता है। हालांकि यह सुविधा आपके अनुभव को बेहतर बना सकती है, लेकिन यह आपकी निजी जानकारी को Google के साथ साझा भी करता है। डिफॉल्ट रूप से यह फीचर ऑन रहता है, जिसका मतलब है कि आपकी सहमति के बिना ही आपकी चैट्स AI ट्रेनिंग का हिस्सा बन सकती हैं।
प्राइवेसी पर सवाल
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इस फीचर पर चिंता जताई है। X पर एक यूजर ने लिखा, “क्या आप Gemini ऐप यूज करते हैं? अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स चेक करें। Google का ‘पर्सनल कॉन्टेक्स्ट’ फीचर डिफॉल्ट रूप से आपकी चैट्स को ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल करता है।” यह खबर तेजी से वायरल हो रही है, क्योंकि कई लोग नहीं चाहते कि उनकी निजी बातचीत का इस्तेमाल AI मॉडल को बेहतर बनाने में हो।
Gemini AI की प्राइवेसी सेटिंग्स कैसे बदलें?
Google ने यूजर्स को इस फीचर को बंद करने का विकल्प दिया है। आप वेब और मोबाइल दोनों पर अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स को आसानी से बदल सकते हैं। नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करें:
वेब पर:
- Gemini की वेबसाइट पर जाएं: अपने ब्राउजर में Gemini की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
- सेटिंग्स में जाएं: अपने प्रोफाइल आइकन पर क्लिक करें और “सेटिंग्स” चुनें।
- पर्सनल कॉन्टेक्स्ट ऑप्शन ढूंढें: “पर्सनल कॉन्टेक्स्ट” या “Your Past Chats” सेक्शन में जाएं।
- फीचर बंद करें: “Use Past Chats for Personalization” को अनचेक करें।
- सेव करें: बदलावों को सेव करने के लिए “Save” बटन पर क्लिक करें।
मोबाइल ऐप पर:
- Gemini ऐप खोलें: अपने फोन पर Gemini ऐप लॉन्च करें (iOS या Android)।
- मेन्यू में जाएं: ऊपरी दाएं कोने में मेन्यू आइकन (तीन लाइनें) पर टैप करें।
- सेटिंग्स चुनें: “Settings” ऑप्शन पर जाएं।
- पर्सनल कॉन्टेक्स्ट बंद करें: “Personal Context” सेक्शन में “Use Past Chats” को ऑफ करें।
- कन्फर्म करें: बदलावों को लागू करने के लिए “Confirm” पर टैप करें।
टेम्परेरी चैट मोड का इस्तेमाल करें
Google ने एक टेम्परेरी चैट मोड भी पेश किया है, जो आपकी बातचीत को AI ट्रेनिंग से बाहर रखता है। इस मोड में आपकी चैट्स को न तो स्टोर किया जाता है और न ही पर्सनलाइजेशन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो बिना किसी डेटा ट्रैकिंग के Gemini का इस्तेमाल करना चाहते हैं।
टेम्परेरी चैट कैसे शुरू करें:
- Gemini ऐप या वेबसाइट पर चैट शुरू करने से पहले “Temporary Chat” ऑप्शन चुनें।
- यह सुनिश्चित करता है कि आपकी बातचीत प्राइवेट रहे और AI ट्रेनिंग का हिस्सा न बने।
क्यों जरूरी है प्राइवेसी सेटिंग्स चेक करना?
Gemini AI का डिफॉल्ट सेटिंग्स आपके चैट्स को ट्रेनिंग डेटा के तौर पर इस्तेमाल करने की अनुमति देता है, जो आपकी निजी जानकारी जैसे व्यक्तिगत सवाल, पसंद या संवेदनशील डेटा को शामिल कर सकता है। इसे बंद करना सुनिश्चित करता है कि आपकी बातचीत निजी रहे। विशेषज्ञों का कहना है कि यूजर्स को हमेशा डिफॉल्ट सेटिंग्स की जांच करनी चाहिए, क्योंकि कई टेक कंपनियां डेटा कलेक्शन को ऑन रखती हैं।
क्या कहते हैं यूजर्स?
X पर यूजर्स इस फीचर को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “Google Gemini अब आपके चैट्स से सीखता है, जब तक आप इसे ऑप्ट-आउट नहीं करते।” वहीं, कुछ यूजर्स ने इसे एक उपयोगी फीचर बताया, लेकिन प्राइवेसी को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी।
Google का जवाब
Google ने कहा है कि वह यूजर्स की प्राइवेसी को गंभीरता से लेता है और टेम्परेरी चैट मोड जैसे विकल्प देकर पारदर्शिता बरत रहा है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि पर्सनल कॉन्टेक्स्ट फीचर को यूजर्स की सहमति के साथ ही इस्तेमाल किया जाता है, और इसे बंद करने का आसान तरीका उपलब्ध है।
सलाह: तुरंत एक्शन लें
अगर आप Gemini AI का इस्तेमाल करते हैं, तो अपनी सेटिंग्स तुरंत चेक करें। “पर्सनल कॉन्टेक्स्ट” को बंद करने से आपकी चैट्स AI ट्रेनिंग से सुरक्षित रहेंगी। साथ ही, टेम्परेरी चैट मोड का इस्तेमाल करें ताकि आपकी बातचीत पूरी तरह प्राइवेट रहे। अपनी डिजिटल प्राइवेसी को प्राथमिकता देना आज के समय में बेहद जरूरी है।
