बिहार में वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन की प्रक्रिया पूरे साल चलती रहती है। अगर आप विशेष अभियान में आवेदन नहीं कर पाए, तो घबराएं नहीं! नामांकन की आखिरी तारीख से 10 दिन पहले तक आप आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन या अपने बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के जरिए फॉर्म भरकर जमा करें। अंतिम वोटर लिस्ट 30 सितंबर को जारी होगी, जिसे आप ईसीआई के पोर्टल पर देख सकते हैं।
नामांकन से 10 दिन पहले तक बन सकते हैं मतदाता
पटना, जागरण संवाददाता। एक सितंबर को वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का दूसरा चरण, यानी दावा-आपत्ति जमा करने की तारीख, खत्म हो चुकी है। अगर आप किसी वजह से वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, हटाने या नाम-पते में सुधार के लिए आवेदन नहीं कर पाए, तो चिंता न करें। विधानसभा चुनाव के नामांकन की आखिरी तारीख से 10 दिन पहले तक आप ये काम कर सकते हैं।
वोटिंग के दिन भले ही आपका वोटर आईडी कार्ड न मिले, लेकिन ईसीआई के मतदाता सेवा पोर्टल (eci.gov.in) पर अपनी विधानसभा की वोटर लिस्ट में बूथ नंबर और नाम चेक करके, 12 पहचान पत्रों में से किसी एक को दिखाकर आप वोट डाल सकते हैं।
पटना सदर के इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर ने बताया कि वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन की प्रक्रिया साल भर चलती है। विशेष अभियान खत्म होने के बाद भी आप ऑनलाइन फॉर्म भरकर या अपने नजदीकी बीएलओ से संपर्क करके आवेदन कर सकते हैं।
इसके लिए आप 1950 हेल्पलाइन पर कॉल करके अपने बूथ के बीएलओ का नंबर ले सकते हैं। इसके अलावा, अपने प्रखंड या अनुमंडल कार्यालय में फॉर्म-6, फॉर्म-7 या फॉर्म-8 के साथ जरूरी दस्तावेज जमा कर सकते हैं। अगर आप नामांकन की तारीख से कम से कम 10 दिन पहले आवेदन करते हैं, तो आपका नाम वोटर लिस्ट में शामिल हो जाएगा।
30 सितंबर को आएगी अंतिम वोटर लिस्ट
गृहवार गणना के दौरान मिले फॉर्म्स पर फैसला और दावा-आपत्तियों का निपटारा 25 सितंबर तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद 30 सितंबर को अंतिम वोटर लिस्ट प्रकाशित होगी। आप ईसीआई के मतदाता सेवा पोर्टल पर जाकर अपने नाम और विवरण की जांच कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन करने वालों को रेफरेंस नंबर मिलता है, जिससे वे अपने आवेदन की स्थिति चेक कर सकते हैं।
अगर आपका आवेदन रिजेक्ट हो जाता है, तो आप अपील कर सकते हैं या दोबारा ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। मैनुअल फॉर्म जमा करने部分
System: करने वालों के लिए, बीएलओ से संपर्क करके रेफरेंस नंबर प्राप्त कर आवेदन की स्थिति जांच सकते हैं। रिजेक्शन की स्थिति में अपील या दोबारा आवेदन संभव है।
सवाल-जवाब: आपके वोटर लिस्ट से जुड़े सवालों के जवाब
सवाल 1: वोटर लिस्ट में पता कैसे बदलवाएं
जवाब: पटना सदर के इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर के मुताबिक, वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन की प्रक्रिया साल भर चलती है। अगर आप विशेष अभियान में आवेदन नहीं कर पाए, तो ऑनलाइन फॉर्म-8 भरें। मैनुअल तरीके से आवेदन करने के लिए 1950 हेल्पलाइन पर कॉल कर अपने ईपिक नंबर के आधार पर बीएलओ का नंबर लें। फिर बीएलओ, प्रखंड या अनुमंडल कार्यालय में निवास प्रमाणपत्र, बिजली बिल, टेलीफोन बिल, राशन कार्ड, बैंक स्टेटमेंट, किरायानामा, पोस्ट ऑफिस पासबुक या नए पते वाला आधार कार्ड जैसे दस्तावेजों के साथ फॉर्म-8 जमा करें।
सवाल 2: पिता का नाम या अन्य विवरण गलत है, क्या करें
जवाब: पिता का नाम या जन्मतिथि ठीक करने के लिए जन्म प्रमाणपत्र, हाईस्कूल सर्टिफिकेट, पासपोर्ट, राशन कार्ड या आधार कार्ड (जिसमें सही विवरण हो) के साथ फॉर्म-8 और घोषणापत्र जमा करें।
सवाल 3: एक विधानसभा से दूसरी विधानसभा में पता बदलने पर क्या करें
जवाब: अगर आप दूसरी विधानसभा में गए हैं, तो वहां फॉर्म-6 भरकर नाम जुड़वाएं। अगर एक ही विधानसभा में घर का पता बदला है, तो फॉर्म-8 भरें। नए पंजीकरण के लिए पहचान और निवास प्रमाणपत्र जैसे बिजली बिल, बैंक स्टेटमेंट या रेंट एग्रीमेंट आदि जमा करें।
सवाल 4: वोटर लिस्ट में नाम है या नहीं, कैसे पता करें
जवाब: एक अगस्त को जारी प्रारूप वोटर लिस्ट ईसीआई पोर्टल पर देख सकते हैं। विशेष अभियान में नाम जोड़ने या संशोधन का आवेदन किया है, तो 30 सितंबर को अंतिम वोटर लिस्ट देखें। अगर नाम नहीं है या कोई त्रुटि है, तो फॉर्म-6 या फॉर्म-8 भरकर सुधार कराएं।
- जिले में विशेष अभियान से पहले वोटर लिस्ट में 50 लाख 47 हजार 194 मतदाता थे।
- एक अगस्त को प्रकाशित प्रारूप लिस्ट में 46 लाख 51 हजार 694 (92.16%) मतदाता थे।
- 3 लाख 95 हजार 500 मतदाताओं का नाम मृत्यु, स्थायी स्थानांतरण या पहले से पंजीकरण के कारण हटाया गया।
- एक अगस्त से एक सितंबर तक 73 हजार 509 लोगों ने फॉर्म-6 पर नाम जोड़ने के लिए आवेदन किया।
- 35 हजार 142 लोगों ने फॉर्म-8 पर नाम-पता या अन्य विवरण में सुधार के लिए आवेदन किया।
- 13 हजार 544 लोगों ने फॉर्म-7 पर नाम हटाने के लिए आवेदन किया।
