भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इन्फोसिस 11 सितंबर 2025 को अपने शेयरों के बायबैक पर विचार करने जा रही है। यह खबर ऐसे समय में आई है जब कंपनी के शेयरों में पिछले एक साल में करीब 25% की गिरावट दर्ज की गई है। फिर भी, कंपनी ने जून तिमाही में 9% की शानदार प्रॉफिट ग्रोथ और 8% की रेवेन्यू वृद्धि हासिल की है। आइए जानते हैं इस बायबैक प्रस्ताव की पूरी कहानी और इसका निवेशकों पर क्या असर हो सकता है!
शेयर बायबैक का ऐलान
इन्फोसिस ने सोमवार को बाजार बंद होने के बाद घोषणा की कि उसका बोर्ड 11 सितंबर 2025 को होने वाली बैठक में शेयर बायबैक के प्रस्ताव पर चर्चा करेगा। यह खबर तब आई जब कंपनी के शेयर एनएसई पर 0.59% की गिरावट के साथ 1,436.10 रुपये पर बंद हुए। यह बायबैक प्रस्ताव निवेशकों के लिए राहत की खबर हो सकता है, क्योंकि पिछले एक साल में इन्फोसिस के शेयरों में 25% और 2025 में अब तक 24% की गिरावट आई है।
शेयरों की गिरावट और आईटी सेक्टर की चुनौतियां
इन्फोसिस के शेयरों का प्रदर्शन पूरे आईटी सेक्टर की सुस्ती को दर्शाता है। निफ्टी आईटी इंडेक्स में भी पिछले एक साल में 19% की गिरावट देखी गई है। इन्फोसिस के शेयर वर्तमान में अपने 50-दिवसीय (1,524.5 रुपये) और 200-दिवसीय (1,669.6 रुपये) साधारण मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहे हैं। ट्रेंडलाइन के अनुसार, शेयर की एक साल की बीटा वैल्यू 1.1 है, जो उच्च अस्थिरता को दर्शाती है।
मजबूत वित्तीय प्रदर्शन
शेयरों की गिरावट के बावजूद, इन्फोसिस ने वित्तीय मोर्चे पर शानदार प्रदर्शन किया है। जून 2025 को समाप्त तिमाही में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 9% बढ़कर 6,921 करोड़ रुपये हो गया। परिचालन से रेवेन्यू 8% बढ़कर 42,279 करोड़ रुपये रहा। स्थिर मुद्रा (कॉन्स्टेंट करेंसी) में रेवेन्यू सालाना आधार पर 3.8% और तिमाही आधार पर 2.6% बढ़ा। कंपनी ने इस दौरान 3.8 बिलियन डॉलर के सौदे हासिल किए, जिनमें 55% नए सौदे थे।
इन्फोसिस ने अपने FY26 के रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को 1-3% तक बढ़ाया है। अप्रैल-जून तिमाही में ऑपरेटिंग मार्जिन 20.8% रहा, जो सालाना आधार पर 0.3% और तिमाही आधार पर 0.2% कम है। कंपनी को उम्मीद है कि FY26 के बाकी समय में मार्जिन 20-22% के बीच रहेगा।
सेगमेंट-वाइज प्रदर्शन
- फाइनेंशियल सर्विसेज: 5.6% की कॉन्स्टेंट करेंसी ग्रोथ।
- मैन्युफैक्चरिंग: 12.2% की मजबूत वृद्धि।
- रिटेल: 0.4% की सपाट ग्रोथ।
- हाई-टेक: 1.7% की मामूली बढ़ोतरी।
बायबैक का महत्व
यह बायबैक प्रस्ताव इन्फोसिस के मजबूत वित्तीय स्थिति और प्रबंधन के दीर्घकालिक विकास में विश्वास को दर्शाता है। इससे पहले, कंपनी ने 2022 में 9,300 करोड़ रुपये का बायबैक प्रोग्राम चलाया था, जिसमें 1,850 रुपये प्रति शेयर की अधिकतम कीमत पर 50.27 मिलियन शेयर वापस खरीदे गए थे। अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो यह निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत हो सकता है।
