समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने ट्रंप के पीएम मोदी पर दिए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दोस्ती अपनी जगह है, लेकिन भारत और अमेरिका के बीच मजबूत और स्थिर रिश्ते हर हाल में बने रहने चाहिए।
समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव। इमेज: फाइल फोटो
समाजवादी पार्टी (एसपी) के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के “मैं हमेशा मोदी के दोस्त रहूंगा” वाले बयान पर अपनी राय रखी। उत्तर प्रदेश के कन्नौज में मीडिया से बात करते हुए अखिलेश ने कहा, “दोस्ती तो अलग चीज है।” उन्होंने इशारा किया कि यह दोस्ती मौजूदा राजनीतिक माहौल की वजह से है, न कि भारत और अमेरिका के बीच मजबूत रिश्तों की वजह से।
“यह दोस्ती इसलिए है क्योंकि भारत में बीजेपी सत्ता में है और मोदी प्रधानमंत्री हैं,” अखिलेश ने कहा। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत और अमेरिका के बीच रिश्ते हमेशा मजबूत रहने चाहिए, चाहे राजनीतिक परिस्थितियां कैसी भी हों।
अखिलेश ने कहा, “अमेरिका के साथ अच्छे रिश्ते बहुत जरूरी हैं। अमेरिका वह देश है जो कारोबार के दम पर चलता है। यह पूंजीवाद का गढ़ है, जहां लोग बड़े सपने देखते हैं और मेहनत करके उन्हें पूरा करते हैं। इसका नतीजा यह है कि इन्फ्रास्ट्रक्चर, हेल्थकेयर, शिक्षा और टेक्नोलॉजी में अमेरिका दुनिया में सबसे आगे है।”
“ऐसे देश के साथ हमारे रिश्ते कभी खराब नहीं होने चाहिए,” उन्होंने आगे कहा।
अखिलेश की टिप्पणी सिर्फ ट्रंप के बयान तक सीमित नहीं थी। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय रिश्तों और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की। हाल ही में पीएम मोदी की चीन यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “हमें अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे रिश्ते रखने चाहिए, लेकिन अगर कोई पड़ोसी आपकी जमीन पर कब्जा करता है, आपकी सीमा पर नजर रखता है और पाकिस्तान का समर्थन करता है, तो हमें सतर्क रहना होगा।”
उन्होंने ‘सिंदूर ऑपरेशन’ का जिक्र करते हुए कहा, “इस ऑपरेशन में हमें पाकिस्तान से ज्यादा चीन का सामना करना पड़ा। हम सरकार को सलाह नहीं दे सकते, लेकिन हमें ऐसे पड़ोसियों से सावधान रहना चाहिए।”
अखिलेश ने भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया ताकि देश के हितों की रक्षा हो सके। उन्होंने कहा, “इन चुनौतियों का सामना करने के लिए हमें अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करना होगा। अमेरिका जैसे देश को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, जिसके साथ हमारा भारी व्यापार है। अमेरिका में 8 लाख भारतीय छात्र पढ़ते हैं, जिनमें से कई गुजरात से हैं। हमें उम्मीद है कि अमेरिका में बड़े पदों पर बैठे गुजराती भारत-अमेरिका रिश्तों को नुकसान नहीं होने देंगे।”
अखिलेश की यह टिप्पणी ट्रंप के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने पहले कहा था कि अमेरिका ने भारत को चीन के हाथों ‘खो दिया’। बाद में ट्रंप ने अपने बयान को नरम करते हुए कहा, “मैं हमेशा मोदी के दोस्त रहूंगा। वह एक शानदार प्रधानमंत्री हैं। लेकिन इस समय मैं उनके कुछ कदमों से खुश नहीं हूं। फिर भी, भारत और अमेरिका के बीच एक खास रिश्ता है। चिंता की कोई बात नहीं है।”
पीएम मोदी ने ट्रंप के इस बयान का जवाब देते हुए कहा कि वह उनकी भावनाओं की कद्र करते हैं और इसे पूरी तरह से साझा करते हैं। यह बयान भारत-अमेरिका के बीच तनावपूर्ण दौर के बाद आया, जिसमें व्यापारिक टैरिफ विवाद और यह खबरें थीं कि पीएम मोदी ने ट्रंप के कई फोन कॉल्स स्वीकार नहीं किए।
अखिलेश की यह प्रतिक्रिया कन्नौज दौरे के दौरान आई, जहां उन्होंने 15 अगस्त को बिजली का झटका लगने से मृत बृजेश राठौर के परिवार से मुलाकात की। अखिलेश ने परिवार को 2 लाख रुपये का मुआवजा दिया और केंद्र सरकार से पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की।
उन्होंने बिजली के झटके के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और परिवार के खिलाफ दर्ज कथित झूठे मामलों को वापस लेने को कहा। इसके साथ ही, उन्होंने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पुलिस ने न्याय की मांग कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज किया और विरोध को दबाने की कोशिश की।
