“ईपीएफओ ने डेथ रिलीफ फंड के तहत एक्स-ग्रेशिया राशि को 8.8 लाख से बढ़ाकर 15 लाख किया, 1 अप्रैल 2025 से लागू होगा नया नियम”
यूटिलिटी डेस्क, नई दिल्ली। अगर आप नौकरीपेशा हैं और आपका पीएफ खाता है, तो आपके लिए एक बड़ी खबर है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने कर्मचारियों के लिए एक अहम फैसला लिया है। डेथ रिलीफ फंड के तहत दी जाने वाली एक्स-ग्रेशिया राशि को बढ़ाकर अब 15 लाख रुपये कर दिया गया है। पहले यह राशि 8.8 लाख रुपये थी। आइए जानते हैं कि ये राशि किन्हें मिलेगी, कब से लागू होगी और इसका फायदा कैसे मिलेगा।
15 लाख रुपये की राशि किसके लिए?
अगर आप नौकरी करते हैं और आपका पीएफ खाता है, तो ये खबर आपके लिए जरूरी है। ईपीएफओ ने मृत्यु राहत कोष (डेथ रिलीफ फंड) के तहत दी जाने वाली एक्स-ग्रेशिया राशि को 8.8 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दिया है। यह नया नियम 1 अप्रैल 2025 से लागू होगा। ये राशि उन कर्मचारियों के परिवार, नॉमिनी या कानूनी वारिस को मिलेगी, जिनकी सर्विस के दौरान मृत्यु हो जाती है।
किन्हें मिलेगा 15 लाख का लाभ?
ये 15 लाख रुपये की राशि केवल सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के कर्मचारियों के परिवारों को मिलेगी। यानी, अगर कोई कर्मचारी, जो ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड के तहत काम करता है, उसकी सर्विस के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो उनके नॉमिनी या कानूनी वारिस को यह राशि दी जाएगी। यह राशि स्टाफ वेलफेयर फंड से दी जाएगी।
राशि में हर साल होगी बढ़ोतरी
ईपीएफओ ने न सिर्फ एक्स-ग्रेशिया राशि को बढ़ाया है, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया है कि यह राशि समय के साथ बढ़ती रहे। 1 अप्रैल 2026 से इस राशि में हर साल 5 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। इसका मकसद है कि महंगाई और बढ़ती लागत के बीच यह आर्थिक मदद कर्मचारियों के परिवारों के लिए उपयोगी बनी रहे।
फैसले के पीछे का कारण
यह फैसला ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज ने लिया है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों, नियोक्ताओं और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हैं। इस कदम का उद्देश्य कर्मचारियों के परिवारों को मुश्किल समय में ज्यादा आर्थिक सहारा देना है। इसके साथ ही, ईपीएफओ ने मृत्यु दावों की प्रक्रिया को भी आसान किया है, जैसे कि नाबालिग बच्चों के खाते में राशि ट्रांसफर करने के लिए अब गार्जियनशिप सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होगी।