दुनिया भर के शेयर बाजार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ हमले से लड़खड़ा रहे हैं, लेकिन इस उथल-पुथल के बीच एक डिजिटल संपत्ति फिर से चमक रही है – बिटकॉइन। क्रिप्टोकरेंसी का यह राजा दो महीने की नींद तोड़कर नए रिकॉर्ड बनाने की ओर बढ़ रहा है। 11 जुलाई को लंदन मार्केट में बिटकॉइन की कीमत 1.18 लाख रुपये को पार कर गई, जबकि कुछ ऑप्शन ट्रेडर्स इसे 1.5 लाख रुपये तक जाने की भविष्यवाणी कर रहे हैं।
क्यों बढ़ रहा है बिटकॉइन का क्रेज
बिटकॉइन की तेजी के पीछे कई कारण हैं। पहला, संस्थागत निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी। दूसरा, अमेरिकी संसद में क्रिप्टो सप्ताह की तैयारी और चीन में क्रिप्टोकरेंसी पर बर्फ़ पिघलने के संकेत। तीसरा, एसएंडपी ग्लोबल इंडेक्स में कॉइनबेस की एंट्री ने बिटकॉइन को विश्वसनीयता दी है।
बाययू कॉइन के सीईओ शिवम ठकरार के अनुसार, “ईटीएफ़ में मजबूत निवेश और वैश्विक नियामक समर्थन ने बिटकॉइन को $16,000 के स्तर से ऊपर धकेल दिया है।” वहीं, पाई 42 के सीईओ अविनाश शेखर मानते हैं कि क्रिप्टो बाजार में यह तेजी एक बड़े उछाल की शुरुआत है।
15 साल में 44 करोड़ प्रतिशत का रिटर्न
बिटकॉइन ने पिछले 15 वर्षों में निवेशकों को अभूतपूर्व रिटर्न दिया है। 2009 में इसकी कीमत मात्र 2.25 रुपये (0.04865 डॉलर) थी, जो आज 1 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। यानी 44 करोड़ 60 लाख प्रतिशत का रिटर्न! अगर किसी ने 2009 में सिर्फ 5 रुपये का बिटकॉइन खरीदा होता, तो आज वह करोड़पति बन चुका होता।
क्या बिटकॉइन है नया सेफ हेवन
शेयर बाजारों में अस्थिरता बढ़ने के साथ, निवेशक सुरक्षित संपत्तियों की ओर भाग रहे हैं। पारंपरिक रूप से सोना इस भूमिका को निभाता था, लेकिन अब बिटकॉइन “डिजिटल गोल्ड” के रूप में उभर रहा है। 11 जुलाई तक बिटकॉइन का कुल बाजार पूंजीकरण 2.232 ट्रिलियन रुपये था, जिसमें 24 घंटे में 70% की वृद्धि दर्ज की गई।
शेयर बाजार बनाम बिटकॉइन: कौन है बेहतर
लोग अपनी बचत को बढ़ाने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), म्यूचुअल फंड्स, और शेयर बाजार में निवेश कर रहे हैं। FD में जोखिम कम है, लेकिन रिटर्न भी 5-7% तक सीमित है। म्यूचुअल फंड्स और शेयर बाजार में रिटर्न की संभावना अधिक है, लेकिन जोखिम भी ज्यादा है। दूसरी ओर, बिटकॉइन ने पिछले 15 वर्षों में 44.80 लाख गुना रिटर्न दिया है। 2009 में बिटकॉइन की कीमत $0.04865 (लगभग ₹2.25) थी, जो आज ₹1 करोड़ से अधिक है। यानी, ₹5 के निवेश से आज कोई करोड़पति हो सकता था।
पिछले 24 घंटों में बिटकॉइन 6% बढ़कर $1.18 लाख (₹1 करोड़ 3 लाख 64 हजार) के स्तर पर पहुंच गया। यह रिटर्न शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड्स से कहीं अधिक है, लेकिन इसकी अस्थिरता भी उतनी ही ज्यादा है। ट्रंप के टैरिफ युद्ध के कारण शेयर बाजारों में अनिश्चितता बढ़ रही है, जिससे निवेशक बिटकॉइन को “सेफ हेवन” के रूप में देख रहे हैं।
बिटकॉइन का भविष्य: $1.5 लाख की भविष्यवाणी
कई ऑप्शन ट्रेडर्स और विश्लेषक बिटकॉइन के $1.5 लाख तक पहुंचने की उम्मीद जता रहे हैं। इसके पीछे कई कारण हैं:
- संस्थागत निवेश: BlackRock और Fidelity जैसे संस्थानों ने बिटकॉइन ETFs में भारी निवेश किया है।
- ट्रंप की नीतियां: क्रिप्टो के लिए अनुकूल नियामक माहौल और रणनीतिक रिजर्व की योजना।
- वैश्विक अनिश्चितता: टैरिफ युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के बीच बिटकॉइन को डिजिटल गोल्ड के रूप में देखा जा रहा है।
- सीमित आपूर्ति: बिटकॉइन की हालविंग (अप्रैल 2024) के बाद माइनिंग रिवॉर्ड 3.125 BTC तक कम हो गया है, जिससे इसकी आपूर्ति सीमित हुई है।
भारत में बिटकॉइन का परिदृश्य
भारत में बिटकॉइन की लोकप्रियता बढ़ रही है। CoinDCX और Binance India जैसे प्लेटफॉर्म्स पर डाउनलोड और रजिस्ट्रेशन में 15% की वृद्धि देखी गई है। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) क्रिप्टो को मुद्रा के रूप में मान्यता नहीं देता और 30% टैक्स व 1% TDS जैसे सख्त नियम लागू हैं। फिर भी, निवेशक बिटकॉइन को एक वैकल्पिक निवेश के रूप में देख रहे हैं।
निवेश से पहले याद रखें
हालांकि बिटकॉइन ने शानदार रिटर्न दिया है, लेकिन यह अत्यधिक अस्थिर संपत्ति है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें। यह लेख सिर्फ सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है, न कि निवेश सलाह।