आमतौर पर हम मानते हैं कि बैंक में जमा पैसा पूरी तरह सुरक्षित होता है। लेकिन क्या होगा अगर बैंक आपकी जानकारी के बिना आपकी जमा राशि को ऐसी जोखिम भरी योजना में निवेश कर दे जहाँ पूंजी डूबने का खतरा हो? हाल के वर्षों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहाँ बैंकों ने ग्राहकों के पैसे को एटी1 (Additional Tier 1) बॉन्ड्स में निवेश कर दिया, जिससे उनकी कमाई डूब गई।
एक हाई नेट-वर्थ इंडिविजुअल ने HDFC बैंक के चार अधिकारियों पर क्रेडिट सुइस के एडिशनल टियर-1 (AT-1) बॉन्ड्स को गलत तरीके से बेचने का आरोप लगाते हुए आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता नरेंद्र सिंगरू, जो एशियन डेवलपमेंट बैंक में सीनियर एडवाइजर हैं, ने नागपुर EOW में यह केस दायर किया है।
HDFC बैंक पर मिससेलिंग के आरोप
देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में शुमार HDFC बैंक पर भी एटी1 बॉन्ड्स को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैंक ने अपने कई एनआरआई ग्राहकों को गुमराह करके इन उच्च-जोखिम वाले बॉन्ड्स में निवेश करवाया। ग्राहकों का कहना है कि बैंक अधिकारियों ने उन्हें सालाना 12-13% रिटर्न का लालच दिया, लेकिन निवेश के जोखिमों के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी।
जब 2023 में क्रेडिट सुइस बैंक का यूबीएस द्वारा अधिग्रहण किया गया, तो HDFC बैंक द्वारा बेचे गए एटी1 बॉन्ड्स की कीमत शून्य हो गई। इससे निवेशकों का पैसा पूरी तरह डूब गया। प्रभावित ग्राहकों ने नागपुर, चंडीगढ़ और गुरुग्राम की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) में शिकायत दर्ज कराई है।
एटी1 बॉन्ड्स क्या हैं और इनमें जोखिम क्यों है?
एटी1 बॉन्ड्स बैंकों द्वारा जारी किए जाने वाले परपेचुअल बॉन्ड्स होते हैं, जिनकी कोई निश्चित परिपक्वता तिथि नहीं होती। ये बैंकों के पूंजी आधार को मजबूत करने के लिए जारी किए जाते हैं, लेकिन इनमें निवेशकों के लिए बड़ा जोखिम होता है। अगर बैंक की वित्तीय स्थिति खराब होती है, तो इन बॉन्ड्स को पूरी तरह राइट ऑफ किया जा सकता है, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान होता है।
इसी तरह का मामला यस बैंक में भी सामने आया था, जहाँ 2020 में बैंक के संकटग्रस्त होने पर 8,415 करोड़ रुपये के एटी1 बॉन्ड्स रद्द कर दिए गए थे। इन बॉन्ड्स को “सुपर एफडी” बताकर बेचा गया था, जिसमें कई सीनियर सिटीजन्स ने अपनी जमा पूंजी गंवा दी।
निवेशकों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
- जोखिम को समझें: किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसके जोखिमों के बारे में पूरी जानकारी लें।
- दस्तावेजों की जाँच करें: बैंक या वित्तीय संस्थान द्वारा दिए गए सभी दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें।
- रेगुलेटरी शिकायत दर्ज करें: अगर आपको लगता है कि आपके साथ धोखाधड़ी हुई है, तो RBI या सेबी में शिकायत करें।
निष्कर्ष
बैंकों में जमा राशि को सुरक्षित माना जाता है, लेकिन एटी1 बॉन्ड्स जैसे उच्च-जोखिम वाले उत्पादों में निवेश से पहले सावधानी जरूरी है। HDFC बैंक और यस बैंक के मामले निवेशकों के लिए एक सबक हैं कि वे किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले पूरी तरह शोध कर लें।
