ईरान द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने की धमकी ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों में चिंता बढ़ा दी है। यह जलडमरूमध्य, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है, दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक है। भारत जैसे देश, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर हैं, इस संकट से गंभीर रूप से प्रभावित हो सकते हैं।
I. हॉर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व
- प्रतिदिन लगभग 20 मिलियन बैरल तेल (वैश्विक समुद्री तेल व्यापार का 20-25%) इस मार्ग से गुजरता है।
- भारत अपनी 60% से अधिक तेल आवश्यकता मध्य पूर्व से पूरी करता है, जिसका अधिकांश हिस्सा हॉर्मुज के रास्ते आता है।
- यह मार्ग LNG (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) के लिए भी महत्वपूर्ण है, जिसमें भारत की 50% से अधिक आपूर्ति कतर से होती है।
II. संभावित आर्थिक प्रभाव
i. ईंधन कीमतों में उछाल
- हाल के दिनों में ईरान-इजरा�ायल तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें पहले ही $78 प्रति बैरल तक पहुँच चुकी हैं।
- विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हॉर्मुज बंद होता है, तो तेल की कीमतें $120-150 प्रति बैरल तक पहुँच सकती हैं।
- इससे पेट्रोल, डीजल और LPG की कीमतों में भारी वृद्धि होगी, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
ii. परिवहन लागत में वृद्धि
- हॉर्मुज बंद होने पर जहाजों को अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप के रास्ते मोड़ना पड़ेगा, जिससे यात्रा समय और लागत दोनों बढ़ेंगे।
- शिपिंग और बीमा लागत में वृद्धि से भारतीय निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित हो सकती है।
iii. आपूर्ति शृंखला में व्यवधान
- भारत के लगभग 47% कच्चे तेल आयात और 40% LNG आयात पर इस मार्ग का असर पड़ेगा।
- उर्वरक, पेट्रोकेमिकल्स और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित हो सकती है, जिससे कृषि और औद्योगिक उत्पादन प्रभावित होगा।
III. भारत की तैयारी
i. रणनीतिक तेल भंडार का उपयोग
- भारत के पास 74 दिनों की तेल आपूर्ति का भंडार है, जो अल्पकालिक संकटों से निपटने में मददगार हो सकता है।
ii. वैकल्पिक आपूर्ति स्रोत
- भारत ने हाल के वर्षों में रूस, अमेरिका और अफ्रीका से तेल आयात बढ़ाकर अपनी निर्भरता में विविधता लाई है।
iii. कूटनीतिक प्रयास
- भारत ईरान और अन्य खाड़ी देशों के साथ संवाद बनाए रखकर इस संकट को कम करने की कोशिश कर सकता है।
IV. दीर्घकालिक समाधान
- नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देकर तेल और गैस पर निर्भरता कम करना।
- घरेलू तेल और गैस उत्पादन में वृद्धि करना।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना भारत के लिए एक गंभीर चुनौती होगी, जिससे ईंधन कीमतों, परिवहन लागत और महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, रणनीतिक भंडार और वैकल्पिक आपूर्ति मार्गों के जरिए भारत इस संकट का सामना करने की कोशिश कर रहा है। दीर्घकाल में, ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नवीकरणीय स्रोतों पर निर्भरता बढ़ाना एक व्यवहारिक विकल्प हो सकता है।
