Retimes india
  • Home
  • Education News
  • Technology
  • Uncategorized
  • India News
  • Science
  • sports
  • Stock Market News
  • Defence News
Reading: सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: अमीर दलितों को अब नहीं मिलेगा आरक्षण, क्रीमी लेयर लागू होगा
Share
Retimes indiaRetimes india
Font ResizerAa
  • Home
  • Education News
  • Technology
  • Uncategorized
  • India News
  • Science
  • sports
  • Stock Market News
  • Defence News
  • Home
  • Education News
  • Technology
  • Uncategorized
  • India News
  • Science
  • sports
  • Stock Market News
  • Defence News
© All Rights Reserved. Retimes India. Hosted on Elga Cloud Web Hosting Company.
Retimes india > Blog > Uncategorized > सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: अमीर दलितों को अब नहीं मिलेगा आरक्षण, क्रीमी लेयर लागू होगा
Uncategorized

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: अमीर दलितों को अब नहीं मिलेगा आरक्षण, क्रीमी लेयर लागू होगा

Retimes india
Last updated: July 8, 2025 4:47 pm
Retimes india
Share
SHARE

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस बी.आर. गवई ने एक ऐतिहासिक फैसले में शेड्यूल्ड कास्ट (SC) और शेड्यूल्ड ट्राइब्स (ST) के लिए रिजर्वेशन में क्रीमी लेयर की अवधारणा लागू करने की बात कही है। इस फैसले के तहत आर्थिक और सामाजिक रूप से संपन्न दलितों को अब SC/ST कोटे का लाभ नहीं मिलेगा। यह फैसला रिजर्वेशन नीति में एक बड़ा बदलाव लाने वाला है, जो वर्षों से चर्चा में रहा है। जस्टिस गवई ने इस मुद्दे को 2023 में दायर एक जनहित याचिका (PIL) के दौरान उठाया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट की सात जजों की संवैधानिक बेंच ने सुना। इस लेख में हम इस केस की पूरी जानकारी, क्रीमी लेयर की अवधारणा, और इसके SC/ST समुदाय पर प्रभाव को विस्तार से समझेंगे।

Contents
क्या है क्रीमी लेयर का सिद्धांतएससी/एसटी में क्रीमी लेयर क्यों जरूरी

क्रीमी लेयर का कॉन्सेप्ट सबसे पहले 1992 के इंदिरा साहनी बनाम भारत सरकार (मंडल कमीशन केस) में सुप्रीम कोर्ट की नौ जजों की बेंच द्वारा पेश किया गया था। 16 नवंबर 1992 को दिए गए इस फैसले में क्रीमी लेयर को उन लोगों के रूप में परिभाषित किया गया, जो पिछड़े वर्ग से तो हैं, लेकिन आर्थिक और सामाजिक रूप से इतने समृद्ध हैं कि उन्हें रिजर्वेशन की जरूरत नहीं। यह कॉन्सेप्ट शुरू में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए लागू किया गया था, ताकि रिजर्वेशन का लाभ केवल जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे। उदाहरण के लिए, अगर किसी के माता-पिता IAS, IPS या गजेटेड ऑफिसर हैं, तो उनके बच्चे सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े नहीं माने जाते। ऐसे में उन्हें रिजर्वेशन का लाभ क्यों मिले? वहीं, अगर किसी के पिता सब्जी बेचते हैं या ऑटो चलाते हैं, तो उनके बच्चों को रिजर्वेशन की जरूरत हो सकती है।

क्रीमी लेयर की पहचान के लिए सरकार ने आय सीमा निर्धारित की थी। 1993 में यह सीमा 1 लाख रुपये थी, जो 2004 में बढ़कर 2.5 लाख, 2008 में 4.5 लाख, 2013 में 6 लाख, और 2017 में 8 लाख रुपये हो गई। यह आय सीमा समय-समय पर संशोधित होती रही है। अब जस्टिस गवई ने इस कॉन्सेप्ट को SC/ST समुदाय पर भी लागू करने की वकालत की है। उनका कहना है कि रिजर्वेशन का उद्देश्य सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े लोगों को बराबरी का अवसर देना है। लेकिन अगर आर्थिक रूप से संपन्न लोग इसका लाभ उठा रहे हैं, तो यह नीति अपने मूल उद्देश्य से भटक रही है।

जस्टिस गवई ने 1 अगस्त 2024 को इस मामले में अपनी राय देते हुए कहा कि SC/ST समुदाय में भी क्रीमी लेयर की पहचान के लिए अलग मानदंड बनाए जाने चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि रिजर्वेशन का लाभ केवल उन लोगों को मिलना चाहिए, जो वास्तव में जरूरतमंद हैं। उदाहरण के लिए, अगर किसी SC/ST व्यक्ति के माता-पिता उच्च पदस्थ अधिकारी हैं, तो उनके बच्चे रिजर्वेशन के हकदार नहीं होने चाहिए। यह फैसला सामाजिक न्याय को और परिष्कृत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

जस्टिस गवई स्वयं SC समुदाय से हैं और भारत के पहले बौद्ध CJI हैं। इसके बावजूद, उन्होंने निष्पक्षता के साथ यह राय दी कि रिजर्वेशन का लाभ केवल जरूरतमंदों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना क्रीमी लेयर की पहचान के, रिजर्वेशन के लाभ को संपन्न लोग हड़प लेते हैं, जिससे वास्तविक जरूरतमंद वंचित रह जाते हैं। इस फैसले को लागू करने के लिए सरकार को SC/ST के लिए क्रीमी लेयर की पहचान के अलग मानदंड विकसित करने होंगे, जो OBC से भिन्न हो सकते हैं।

2024 में इस मुद्दे पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की सात जजों की बेंच, जिसमें तत्कालीन CJI डी.वाई. चंद्रचूड़ और जस्टिस गवई शामिल थे, ने इस बात पर जोर दिया कि SC/ST में क्रीमी लेयर की अवधारणा लागू होनी चाहिए। यह फैसला रिजर्वेशन नीति को अधिक समावेशी और निष्पक्ष बनाने की दिशा में है, ताकि लाभ का समान वितरण हो।

जस्टिस गवई, जो 14 मई 2025 को CJI नियुक्त हुए, ने अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण फैसले दिए हैं। उन्होंने आर्टिकल 370, इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम, डीमोनेटाइजेशन, और फ्रीडम ऑफ स्पीच से जुड़े मामलों में अहम भूमिका निभाई। इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम को असंवैधानिक घोषित करने और डीमोनेटाइजेशन की वैधता पर फैसले में उनकी राय महत्वपूर्ण थी। इसके अलावा, उन्होंने न्यूज़क्लिक फाउंडर की गिरफ्तारी और अबाद यौन उत्पीड़न मामले में भी फैसले दिए।

जस्टिस गवई ने यह भी घोषणा की है कि वह रिटायरमेंट के बाद किसी सरकारी या संवैधानिक पद को स्वीकार नहीं करेंगे, जो उनकी निष्पक्षता और सिद्धांतों को दर्शाता है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में 81,000 लंबित मामलों और जिला अदालतों के बुनियादी ढांचे को बेहतर करने की जरूरत पर भी जोर दिया है।

यह फैसला रिजर्वेशन नीति में एक नया अध्याय जोड़ता है। यह सुनिश्चित करता है कि SC/ST समुदाय के भीतर भी रिजर्वेशन का लाभ केवल जरूरतमंदों तक पहुंचे। क्या आप मानते हैं कि रिजर्वेशन का लाभ उन लोगों को मिल रहा है, जिन्हें इसकी जरूरत नहीं? अगर आपके माता-पिता IAS या IPS जैसे उच्च पदों पर हैं, तो क्या उनके बच्चों को रिजर्वेशन का लाभ मिलना चाहिए? या यह लाभ उन तक पहुंचना चाहिए, जिनके परिवार आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े हैं? अपनी राय जरूर साझा करें।

क्या है क्रीमी लेयर का सिद्धांत

क्रीमी लेयर की अवधारणा सर्वप्रथम 1992 के इंदिरा साहनी बनाम भारत सरकार (मंडल आयोग केस) में सामने आई थी। इसके अनुसार, पिछड़े वर्ग के उन सदस्यों को आरक्षण से बाहर रखा जाना चाहिए जो आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पहले ही सशक्त हो चुके हैं। उदाहरण के लिए:

  1. जिनके माता-पिता आईएएस, आईपीएस या अन्य उच्च पदों पर हैं।
  2. जिनकी वार्षिक आय सरकार द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक है (वर्तमान में OBC के लिए ₹8 लाख)।
  3. जिनके पास बड़ी संपत्ति या स्थायी सरकारी नौकरी है।

एससी/एसटी में क्रीमी लेयर क्यों जरूरी

  1. आरक्षण का मूल उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा: डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने आरक्षण का उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा में लाना बताया था। लेकिन आज अमीर दलित परिवारों के बच्चे भी आरक्षण का लाभ लेकर प्रतियोगिताओं में सामान्य वर्ग के छात्रों से आगे निकल जाते हैं, जबकि गरीब दलितों को यह सुविधा नहीं मिल पाती।
  2. असमान वितरण: आरक्षण का लाभ उन्हीं परिवारों तक सीमित हो गया है जो पहले से ही सरकारी नौकरियों या व्यवसायों में स्थापित हैं।
  3. सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी: CJI गवई ने कहा कि “आरक्षण उन्हीं को मिलना चाहिए जिन्हें वास्तव में इसकी आवश्यकता है। अगर किसी के पिता आईएएस अधिकारी हैं, तो उनके बच्चों को आरक्षण की जरूरत नहीं।”
Subscribe to Our Newsletter
Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!
TAGGED:BR Gavai Creamy Layer JudgementBR Gavai's historic reservation judgmentChange in Dalit ReservationCreamy layer and SC ST reservation in IndiaCreamy Layer Applicable in ReservationCreamy Layer in SC ST ReservationCreamy layer rule for SC ST communityCreamy Layer Rules SC STCreamy Layer SC ST 2025How will Creamy Layer be Applicable in SC ST ReservationJustice BR Gavai JudgementJustice Gavai Reservation JudgementJustice Gavai's View on Dalit Reservation JudgmentReservation Creamy Layer Rules in IndiaRich Dalits' quota abolished in SC ST reservationSC ST Creamy Layer ExclusionSC ST creamy layer exclusion rule 2025SC ST Quota Creamy LayerSC ST Reservation Creamy LayerSC ST Reservation News 2025Supreme Court Creamy Layer Judgement 2025Supreme Court Dalit Reservation JudgementSupreme Court Reservation PolicySupreme Court SC ST Reservation JudgementSupreme Court Social JusticeSupreme Court Sub-Classification JudgementSupreme Court's reservation sub-classification judgmentSupreme Court's SC ST Creamy Layer Judgement 2025What is Creamy LayerWhat is Supreme Court's creamy layer decision
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article UAE Golden Visa 2025: Lifetime residency opportunity for Indian and Bangladeshi professionals for ₹23 lakh UAE गोल्डन वीजा 2025: भारतीय और बांग्लादेशी प्रोफेशनल्स के लिए ₹23 लाख में आजीवन रेजिडेंसी का मौका
Next Article म्यूचुअल फंड निवेश का वह सच जो 99% निवेशक नहीं जानते: FOF और एक्सपेंस रेशियो की पूरी कहानी
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Headlines

इंटरसिटी एक्सप्रेस का इंजन बोगी से अलग होकर 200 मीटर दौड़ा, देवरिया में यात्रियों में मची खलबली!

देवरिया के नूनखार रेलवे स्टेशन के पास एक हैरान करने वाला हादसा हुआ, जब छपरा…

4 Min Read

भारत स्थित iPhone प्लांट्स से 300 से अधिक चीनी इंजीनियरों और तकनीशियनों को चीन ने वापस बुलाया

हाल ही में, ताइवानी कंपनी फॉक्सकॉन, जो Apple के iPhone की सबसे बड़ी निर्माता है,…

9 Min Read

पाकिस्तान में 2027 में होगा SCO समिट, शहबाज शरीफ ने किया बड़ा ऐलान!

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि 2027 में…

2 Min Read

‘विदेशी मॉडल से बचके रहना!’ बिग बॉस 19 में जीशान ने मृदुल को दी चेतावनी, बोले- ‘रोना-धोना मत करना’

बिग बॉस 19 शुरू होते ही धमाल मचा रहा है। शो को शुरू हुए अभी…

3 Min Read

सिर्फ 99,900 रुपये में TVS Orbiter लॉन्च! 158 किमी रेंज के साथ धांसू फीचर्स

TVS Orbiter में 3.1 kWh बैटरी है, जो IDC-टेस्टेड 158 किमी की रेंज देती है…

4 Min Read

ताइवान ने भारत से मांगा D4 एंटी-ड्रोन सिस्टम, चीन की बढ़ी परेशानी

नई दिल्ली। भारतीय रक्षा क्षेत्र के लिए यह एक बड़ी खबर है। ताइवान ने औपचारिक…

5 Min Read

बिहार में अवैध घुसपैठ: चुनाव आयोग का बड़ा अभियान, नेपाल-बांग्लादेश-म्यांमार के नागरिकों की पहचान

भारत के गृह मंत्रालय ने अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई…

3 Min Read

भारत vs कोरिया हॉकी मैच: ड्रॉ का रोमांच! दोनों टीमों को मिला एक-एक अंक, फैन्स हुए हैरान

भारत और कोरिया के बीच हॉकी का सुपर 4 मैच आज हर किसी की जुबान…

2 Min Read

बिग बॉस 19 में तान्या मित्तल का धमाकेदार खुलासा: दो बार करेंगी शादी, गरीब लड़के का खर्च भी खुद उठाएंगी

मुंबई: टीवी का सबसे चर्चित और विवादित रियलिटी शो बिग बॉस 19 शुरू हो चुका…

2 Min Read

प्रभास की ‘द राजा साब’ फंसी मुसीबत में, दिल्ली हाई कोर्ट में को-प्रोड्यूसर के खिलाफ केस

प्रभास के फैंस उनकी अगली फिल्म 'द राजा साब' का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे…

3 Min Read

You Might Also Like

हाई-इनकम जॉब, फिर भी गरीबी का अहसास: आर्थिक प्रणाली की सच्चाई

आज की दुनिया में, चाहे भारत हो, चीन हो, या अमेरिका, हाई-इनकम जॉब्स करने वाले लोग अक्सर यह महसूस करते…

8 Min Read
Bigg Boss 19: Kajol and Salman Khan mock Ajay Devgn's dance moves, Kajol says, 'Don't try this at home'
Uncategorized

बिग बॉस 19: काजोल और सलमान खान ने उड़ाया अजय देवगन के डांस का मजाक, काजोल बोलीं- ‘घर पर ये ना आजमाएं’

बिग बॉस 19 का धमाकेदार प्रीमियर हो चुका है, और इस बार सलमान खान के साथ काजोल ने शो में…

4 Min Read
GST reform creates a buzz in the market, auto companies are thrilled with advance booking; sales will increase by 20%
Uncategorized

जीएसटी सुधार से बाजार में धूम, ऑटो कंपनियां एडवांस बुकिंग से गदगद; 20% तक बढ़ेगी बिक्री

त्योहारी सीजन में कार, बाइक, इलेक्ट्रॉनिक्स और कपड़ों की बिक्री में 15-20% की बढ़ोतरी की उम्मीद है। जीएसटी काउंसिल ने…

4 Min Read
Global energy markets are in a state of panic due to the possibility of closure of Strait of Hormuz amid Iran-Israel tension
Uncategorized

ईरान-इजराइल तनाव के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने की आशंका से वैश्विक ऊर्जा बाजारों में हड़कंप

 ईरान द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने की धमकी ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों में चिंता बढ़ा दी…

3 Min Read
Retimes india

Popular Category

  • India News
  • Stock Market News
  • Technology
  • Education News

Latest Vews

  • Defence News
  • Education News
  • Science
  • sports

Policy Pages

  • About Us
  • DMCA
  • Term and Conditions
  • Privacy Policy

Get in Touch

  • Contact

© All Rights Reserved. Retimes India. Hosted on Elga Cloud Web Hosting Company.

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?