उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां साढ़ इलाके में गूगल मैप की सर्वे टीम को ग्रामीणों ने चोर समझकर घेर लिया और उनके साथ मारपीट तक कर दी। गूगल की गाड़ी पर लगे कैमरे को देखकर ग्रामीणों को शक हुआ कि ये लोग इलाके की रेकी कर रहे हैं। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
क्या है पूरा मामला
गूगल मैप की एक टीम साढ़ थाना क्षेत्र के बिरहार गांव में गलियों का सर्वे करने पहुंची थी। उनकी गाड़ी पर मूविंग कैमरा लगा हुआ था, जिसे देखकर ग्रामीणों को शक हुआ। हाल के दिनों में गांव में चोरी की कई घटनाएं हो चुकी थीं, जिसके चलते लोग पहले से ही सतर्क थे। जैसे ही गूगल की गाड़ी गांव में घुसी, ग्रामीणों ने उसे रोक लिया और टीम को घेरकर सवाल-जवाब शुरू कर दिए।
देखते ही देखते मामला गरमा गया और कुछ ग्रामीणों ने गूगल टीम के साथ मारपीट शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले गई।
गूगल टीम ने दी सफाई
गूगल मैप टीम के इंचार्ज संदीप ने पुलिस को बताया कि यह सब एक गलतफहमी का नतीजा था। उनकी टीम के पास केंद्र और राज्य सरकार से सर्वे के लिए वैध परमिट थे। उन्होंने कहा, “अगर ग्रामीणों ने पहले हमसे बात की होती या कागजात देखे होते, तो यह नौबत नहीं आती।” गूगल टीम ने इस घटना को गलतफहमी करार देते हुए कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई।
पुलिस ने क्या कहा
एसीपी कृष्णकांत यादव ने बताया कि गूगल मैप की टीम बिना स्थानीय प्रशासन या पुलिस को सूचना दिए सर्वे कर रही थी। कैमरे वाली गाड़ी को देखकर ग्रामीणों को शक हुआ और उन्होंने गाड़ी रोक दी। पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत कर मामले को शांत किया। साथ ही, गूगल टीम को सलाह दी गई कि भविष्य में सर्वे से पहले स्थानीय पुलिस और ग्राम प्रधान को सूचित करें।
पुलिस ने ग्रामीणों को भी भरोसा दिलाया कि उनकी सुरक्षा को लेकर कोई लापरवाही नहीं बरती जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में बढ़ती सतर्कता और संदेह की स्थिति को उजागर किया है।