वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर वैश्विक व्यापार को हिलाने वाला फैसला किया है। उन्होंने सेमीकंडक्टर चिप्स और स्टील पर नए टैरिफ लगाने की योजना का संकेत दिया है, जिसमें चिप्स पर शुल्क 300% तक बढ़ाया जा सकता है। यह कदम अमेरिकी विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए उठाया जा रहा है, लेकिन इससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और व्यापार तनाव बढ़ने की आशंका है।
क्या है ट्रंप की योजना
- चरणबद्ध टैरिफ लागू करना: शुरुआत में कम दरें रखी जाएंगी, ताकि कंपनियों को अमेरिका में उत्पादन बढ़ाने का समय मिले। बाद में इन्हें 100% से 300% तक बढ़ाया जा सकता है।
- घरेलू निर्माताओं को छूट: अमेरिका में चिप्स बनाने वाली कंपनियों (जैसे Apple, Intel) को राहत मिलेगी।
- स्टील पर भी नए शुल्क: पहले से ही 50% टैरिफ वाले स्टील आयात पर और बढ़ोतरी की जा सकती है।
ट्रंप ने कहा, “मैं पहले कम दर रखूंगा, ताकि कंपनियों को अमेरिका में निर्माण शुरू करने का मौका मिले। फिर, एक निश्चित समय बाद, दरें बहुत अधिक हो जाएंगी।”

अमेरिका :सेमीकंडक्टर चिप्स पर 300% तक शुल्क की योजना
क्यों उठाया जा रहा है यह कदम
- चीन पर निर्भरता कम करना: अमेरिका की 90% सेमीकंडक्टर चिप्स आयात पर निर्भरता है, जिसमें ताइवान और दक्षिण कोरिया प्रमुख आपूर्तिकर्ता हैं।
- रोजगार और निवेश बढ़ाना: ट्रंप चाहते हैं कि कंपनियाँ अमेरिका में फैक्ट्रियाँ लगाएँ।
- राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला: उन्नत चिप्स को रणनीतिक संसाधन माना जाता है, जिस पर चीन का प्रभुत्व खतरनाक हो सकता है।
वैश्विक प्रभाव
- उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं: स्मार्टफोन, लैपटॉप, कारों से लेकर AI तकनीक तक सभी में चिप्स का उपयोग होता है।
- भारत और यूरोप पर असर: अमेरिका के साथ व्यापार करने वाले देशों को नए शुल्क झेलने पड़ सकते हैं।
- चीन-अमेरिका तनाव बढ़ सकता है: पहले से ही ट्रेड वॉर की स्थिति में यह निर्णय और विवादास्पद होगा।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
- ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, यह नीति अप्रैल 2024 से विचाराधीन थी और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर लागू किया जा सकता है।
- Apple जैसी कंपनियाँ छूट पा सकती हैं, लेकिन TSMC (ताइवान सेमीकंडक्टर) और Samsung जैसे विदेशी निर्माताओं को भारी नुकसान होगा।
रूस और भारत पर भी नजर
ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ हुई मुलाकात के दौरान भी व्यापार पर चर्चा की। उन्होंने धमकी दी कि यदि रूस यूक्रेन युद्ध जारी रखता है, तो ऊर्जा खरीद पर नए टैरिफ लगाए जा सकते हैं। इसके अलावा, भारत से आयातित माल पर 50% शुल्क की योजना भी चल रही है।
ट्रंप की यह नीति “अमेरिका फर्स्ट” के एजेंडे को आगे बढ़ाती है, लेकिन इससे महंगाई और आपूर्ति श्रृंखला संकट बढ़ सकता है। यदि यह योजना लागू होती है, तो 2024 के चुनावों से पहले अमेरिकी अर्थव्यवस्था और वैश्विक व्यापार में नई उथल-पुथल देखने को मिल सकती है।
