कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर पुलिस ने अपराधियों पर नजर रखने के लिए एक अनूठा और हाई-टेक ऑपरेशन शुरू किया है, जिसका नाम ‘ऑपरेशन दिव्य दृष्टि’ है। इस पहल के तहत पुलिस मोबाइल जीपीएस और गूगल लोकेशन ट्रैकिंग का उपयोग करके चिन्हित अपराधियों की रीयल-टाइम निगरानी करेगी। इस प्रोजेक्ट की जानकारी स्वयं पुलिस आयुक्त अखिल कुमार ने दी।
I. ऑपरेशन की कार्यप्रणाली
‘ऑपरेशन दिव्य दृष्टि’ के अंतर्गत हिस्ट्रीशीटर और अन्य चिन्हित अपराधियों से उनकी सहमति प्राप्त की जाएगी। सहमति पत्र में उनका नाम, पता और मोबाइल नंबर दर्ज होगा। इन अपराधियों के मोबाइल की जीपीएस लोकेशन के जरिए उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। प्रत्येक थाने में एक समर्पित टीम गठित की गई है, जो थाने में उपलब्ध लैपटॉप और इंटरनेट के माध्यम से निगरानी करेगी। समय-समय पर वीडियो कॉल के जरिए उनकी लोकेशन की पुष्टि भी की जाएगी।
II. पारदर्शिता और पुनर्वास का लक्ष्य
पुलिस का कहना है कि यह पहल न केवल अपराध नियंत्रण में मदद करेगी, बल्कि उन हिस्ट्रीशीटरों को भी राहत देगी, जिन्होंने अपराध का रास्ता छोड़ दिया है। सहमति के बिना किसी की निगरानी नहीं की जाएगी, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। यह स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो अपराधियों के पुनर्वास और समाज में उनकी सकारात्मक भागीदारी को बढ़ावा देगा।
III. तकनीकी दृष्टिकोण
यह प्रोजेक्ट आधुनिक तकनीक पर आधारित है, जिसमें जीपीएस और गूगल लोकेशन ट्रैकिंग का उपयोग अपराधियों की गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए किया जाता है। थानों में स्थापित निगरानी टीमें डिजिटल उपकरणों के माध्यम से हर पल की जानकारी प्राप्त करेंगी। यह पहल पुलिस को अपराधियों के घर जाए बिना उनकी गतिविधियों पर नजर रखने में सक्षम बनाएगी, जिससे संसाधनों की बचत होगी और कार्यक्षमता बढ़ेगी।
