देवरिया के नूनखार रेलवे स्टेशन के पास एक हैरान करने वाला हादसा हुआ, जब छपरा से गोरखपुर जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस का इंजन बोगी से अलग हो गया। इंजन करीब 200 मीटर तक अकेला दौड़ता रहा, जिससे ट्रेन में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। गेटमैन की सतर्कता और चालक की सूझबूझ ने एक बड़े हादसे को टाल दिया। आइए, जानते हैं इस घटना की पूरी कहानी।
क्या हुआ नूनखार स्टेशन के पास?
छपरा से गोरखपुर और फिर नौतनवा जाने वाली 15105 इंटरसिटी एक्सप्रेस सुबह 8:18 बजे नूनखार रेलवे स्टेशन पर रुकी। एक मिनट रुकने के बाद, 8:19 बजे ट्रेन स्टेशन से आगे बढ़ी। स्टेशन से करीब 500 मीटर दूर, पश्चिमी ढाला नंबर 122 सी के पास अचानक इंजन और बोगी के बीच का कपलिंग टूट गया। इससे इंजन बोगी से अलग होकर आगे बढ़ने लगा।
यह देखकर गेटमैन राजकुमार ने तुरंत शोर मचाया और स्टेशन मास्टर मुन्ना यादव को सूचना दी। चालक को भी बोगी अलग होने का अहसास हुआ और उसने 200 मीटर आगे जाकर इंजन को रोक लिया। इस दौरान ट्रेन में सवार यात्रियों में डर का माहौल बन गया।
20 मिनट की मशक्कत के बाद ट्रेन रवाना
घटना के बाद कांटा मैन मनीष सवैया मौके पर पहुंचे और इंजन व बोगी के बीच कपलिंग को ठीक किया। करीब 20 मिनट की मेहनत के बाद, सुबह 8:40 बजे ट्रेन को गोरखपुर के लिए रवाना किया गया। स्टेशन मास्टर मुन्ना यादव ने बताया कि कपलिंग की समस्या के कारण यह घटना हुई, लेकिन इसे जल्दी ठीक कर लिया गया। अच्छी बात यह रही कि इस घटना में कोई यात्री घायल नहीं हुआ।
रेलवे अधिकारियों में हड़कंप, जांच के आदेश
इंजन के बोगी से अलग होने की खबर जैसे ही पूर्वोत्तर रेलवे के गोरखपुर मुख्यालय और वाराणसी मंडल के अधिकारियों तक पहुंची, हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने स्टेशन मास्टर से लगातार जानकारी ली और इस घटना की जांच के आदेश दिए। रेलवे यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि आखिर कपलिंग टूटने की वजह क्या थी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को कैसे रोका जा सकता है।
ट्रेन में थे 1500 से ज्यादा यात्री
इंटरसिटी एक्सप्रेस में उस समय 1500 से ज्यादा यात्री सवार थे, जिनमें ज्यादातर छात्र और कर्मचारी शामिल थे। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ट्रेन ने अभी पूरी रफ्तार नहीं पकड़ी थी, वरना यह घटना एक बड़े हादसे में बदल सकती थी। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे ने तुरंत कार्रवाई की और स्थिति को नियंत्रित किया।
सतर्कता ने बचा लिया बड़ा हादसा
गेटमैन राजकुमार की त्वरित सूचना और चालक की समझदारी ने एक संभावित रेल हादसे को टाल दिया। यह घटना एक बार फिर रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है। यात्रियों का कहना है कि ऐसी घटनाएं डरावनी होती हैं और रेलवे को अपने रखरखाव पर और ध्यान देना चाहिए।
अगर आप भी इस रूट पर यात्रा करते हैं, तो सतर्क रहें और किसी भी असामान्य स्थिति में तुरंत रेलवे कर्मचारियों को सूचित करें। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और ऐसी घटनाओं में धैर्य बनाए रखें।
