टोरंटो: कनाडा की प्रमुख एयरलाइन एयर कनाडा के फ्लाइट अटेंडेंट्स ने शनिवार को हड़ताल शुरू कर दी, जिसके चलते एयरलाइन को अपने सभी परिचालनों को निलंबित करना पड़ा। इससे प्रतिदिन लगभग 1.3 लाख यात्री प्रभावित हुए हैं। कनाडाई यूनियन ऑफ पब्लिक एम्प्लॉइज़ (CUPE), जो 10,000 से अधिक फ्लाइट अटेंडेंट्स का प्रतिनिधित्व करता है, ने वेतन वृद्धि और काम के घंटों के बेहतर मुआवजे की मांग को लेकर यह कदम उठाया है।
हड़ताल का यात्रियों पर प्रभाव
- एयर कनाडा ने सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं और यात्रियों से हवाई अड्डे पर न आने का आग्रह किया है।
- शुक्रवार को ही 623 उड़ानें रद्द हो चुकी थीं, जिससे 1 लाख से अधिक यात्री प्रभावित हुए।
- शनिवार को निर्धारित 700 उड़ानों का पूरा शेड्यूल रद्द कर दिया गया है।
- एयरलाइन ने यात्रियों से रिफंड या रीबुकिंग के लिए संपर्क करने को कहा है।
यूनियन की मांगें और एयरलाइन का रुख
CUPE के अनुसार, फ्लाइट अटेंडेंट्स उड़ान से पहले और बाद के काम के लिए भुगतान चाहते हैं, क्योंकि वर्तमान में उन्हें केवल हवा में बिताए समय के लिए वेतन मिलता है। यूनियन का कहना है कि एयर कनाडा का प्रस्ताव “मुद्रास्फीति से कम और बाजार मूल्य से नीचे” है।
एयर कनाडा ने गुरुवार को एक प्रस्ताव रखा था, जिसके तहत 2027 तक एक सीनियर फ्लाइट अटेंडेंट की औसत सालाना आय 87,000 कनाडाई डॉलर (लगभग 53 लाख रुपये) हो सकती है। हालांकि, यूनियन ने इसे अपर्याप्त बताते हुए खारिज कर दिया।
क्या है विवाद की मुख्य वजह?
- बोर्डिंग और डीबोर्डिंग के दौरान अवैतनिक काम: फ्लाइट अटेंडेंट्स का कहना है कि उन्हें यात्रियों की मदद करने, सामान लगाने और सुरक्षा जांच जैसे कामों के लिए भुगतान नहीं मिलता।
- वेतन वृद्धि की मांग: CUPE का दावा है कि एयरलाइन का प्रस्ताव महंगाई दर से भी कम है।
- मध्यस्थता से इनकार: यूनियन ने सरकार और एयरलाइन द्वारा प्रस्तावित स्वतंत्र मध्यस्थता को भी ठुकरा दिया है।
विशेषज्ञों की राय
टोरंटो विश्वविद्यालय के राफेल गोमेज़ ने कहा, “यह एक तरह का ‘चिकन गेम’ है। एयरलाइन राजस्व खोना नहीं चाहती, लेकिन कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने में भी हिचकिचा रही है।”
आर्थिक प्रभाव
कनाडा बिजनेस काउंसिल ने चेतावनी दी है कि इस हड़ताल से राष्ट्रीय हवाई यातायात और कार्गो सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होंगी, जो कनाडा की अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
क्या होगा आगे
अभी तक दोनों पक्षों के बीच कोई समझौता नहीं हुआ है। यदि जल्द ही बातचीत सफल नहीं हुई, तो यात्रियों को लंबे समय तक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
