अमेरिका में डॉक्टर बनने का सपना देख रहे भारतीयों के लिए बड़ी खुशखबरी! ट्रंप प्रशासन ने ऐलान किया है कि एच-1बी वीजा आवेदन पर डॉक्टरों को एक लाख डॉलर के शुल्क से छूट मिल सकती है। जी हां, आपने सही सुना! राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए कुछ खास मामलों में वीजा शुल्क माफ करने का फैसला लिया गया है। यह खबर उन अस्पतालों के लिए भी राहत भरी है, जो विदेशी डॉक्टरों पर निर्भर हैं।
वीजा शुल्क में छूट, अस्पतालों के लिए वरदान
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अगर आप डॉक्टर हैं और अमेरिका में करियर बनाने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है। ट्रंप प्रशासन ने साफ किया है कि एच-1बी वीजा आवेदन पर एक लाख डॉलर का शुल्क माफ किया जा सकता है। हाल ही में वीजा शुल्क बढ़ाए जाने से मची हलचल के बाद यह फैसला राहत देने वाला है। प्रशासन का कहना है कि राष्ट्रीय हित को देखते हुए कुछ खास मामलों में यह छूट दी जाएगी।
एच-1बी वीजा कार्यक्रम उन अस्पतालों के लिए बेहद अहम है, जो दूरदराज के इलाकों में काम करने वाले विदेशी डॉक्टरों पर निर्भर हैं। कई अस्पताल और स्वास्थ्य प्रणालियां रेजिडेंट डॉक्टरों और विशेषज्ञों को लाने के लिए इस वीजा पर भरोसा करती हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जहां अमेरिकी पेशेवर कम ही आते हैं।
नए नियम: ज्यादा सैलरी, ज्यादा मौके
ट्रंप प्रशासन ने मंगलवार को एक नया प्रस्ताव जारी किया, जिसके तहत एच-1बी वीजा चयन प्रक्रिया को पूरी तरह बदल दिया जाएगा। अब ज्यादा वेतन देने वाले नियोक्ताओं को प्राथमिकता मिलेगी। संघीय रजिस्टर नोटिस के मुताबिक, अगर यह प्रस्ताव लागू हो जाता है, तो हर साल 85 हजार वीजा आवेदनों की सीमा से ज्यादा आवेदन आने पर उन नियोक्ताओं को तरजीह दी जाएगी, जो ऊंची सैलरी ऑफर करते हैं। इससे मौजूदा लॉटरी सिस्टम भी खत्म हो जाएगा। नए नियम मार्च 2026 से लागू होने की उम्मीद है।
ट्रंप ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र में अपने भाषण में दावा किया कि उन्होंने सात युद्ध रुकवाए हैं और कहा, “हर कोई चाहता है कि मुझे शांति का नोबेल पुरस्कार मिले।” उनके इस बयान ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं।
