कुल्लू, हिमाचल प्रदेश: कुल्लू जिले के शिली राजगिरी पंचायत में बादल फटने से भारी तबाही मच गई। भाखली और चेष्टा नाले में अचानक आई बाढ़ ने शगाड़ गांव में कहर बरपाया। छह घरों में मलबा घुस गया और लोगों का सारा सामान बह गया। हालांकि, राहत की बात है कि कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन डरे हुए लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर भाग गए। आइए जानते हैं इस प्राकृतिक आपदा की पूरी कहानी!
शगाड़ गांव में मलबे का कहर
सोमवार शाम को शिली राजगिरी पंचायत की पहाड़ी पर बादल फटने से भाखली और चेष्टा नाले उफान पर आ गए। तेज बहाव के साथ मलबा शगाड़ गांव में घुस गया, जिससे कई घरों को भारी नुकसान हुआ। मोहर सिंह, खुशाल, प्रताप चंद, गोपाल, डोले राम सहित कई लोगों के घरों में मलबा भर गया। मोहर सिंह के तीन और खुशाल सिंह के चार पशुओं के मलबे में दबे होने की आशंका है। गांव वालों का सारा सामान बाढ़ में बह गया, जिससे उनका भारी नुकसान हुआ।
रेस्क्यू ऑपरेशन और लोगों की स्थिति
शिली राजगिरी में एक मकान में दो लोग बाढ़ में फंस गए थे, लेकिन उन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया। डरे हुए ग्रामीण अपने घर छोड़कर खेतों और अन्य सुरक्षित स्थानों पर चले गए। डाबरी और बाखली के बीच का नाला भी उफान पर रहा, जिससे नुकसान और बढ़ गया। कहुधार नाले में भी बाढ़ ने कई बगीचों को तबाह कर दिया। मणिकर्ण के छैंउंर नाले में भी बाढ़ आई, लेकिन रात होने की वजह से नुकसान का पूरा आकलन अभी नहीं हो पाया है।
कुल्लू में पहले भी प्राकृतिक आपदा
कुल्लू में प्राकृतिक आपदाएं पहले भी कहर बरपा चुकी हैं। हाल ही में ऐसी ही घटनाओं में 12 लोग प्रभावित हुए, जिनमें 9 की मौत हो गई और 3 घायल हुए। इस ताजा आपदा ने स्थानीय लोगों में दहशत पैदा कर दी है। लोग डरे हुए हैं और अपने घरों को छोड़कर रिश्तेदारों या अन्य सुरक्षित जगहों पर शरण ले रहे हैं।
प्रशासन का बयान
एसडीएम कुल्लू निशांत ठाकुर ने बताया कि शगाड़ गांव में मलबा घुसने से कई घरों और पशुओं को नुकसान हुआ है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। प्रभावित लोगों की मदद के लिए टीमें मौके पर काम कर रही हैं।
