नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने एक हैरान करने वाले मामले में दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है, जो अपनी पहचान छुपाने के लिए जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी करवाकर किन्नर के रूप में रह रहे थे। ये दोनों महेंद्र पार्क इलाके में छिपकर रह रहे थे। पुलिस को उनके पास से बांग्लादेशी पहचान पत्र और प्रतिबंधित ऐप्स वाले स्मार्टफोन मिले हैं। अब इनके निर्वासन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
उत्तरी-पश्चिमी जिला पुलिस की विदेशी सेल ने यह कार्रवाई तब की, जब उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन और नई सब्जी मंडी के पास कुछ संदिग्ध लोग घूम रहे हैं। डीसीपी भीष्म सिंह ने बताया कि इंस्पेक्टर विपिन कुमार की अगुवाई में एक विशेष टीम बनाई गई। इस टीम ने छापेमारी कर दोनों संदिग्धों को पकड़ा।
पहले तो दोनों ने खुद को भारतीय नागरिक बताया, लेकिन गहन जांच में सच्चाई सामने आई। उनके मोबाइल फोन और इंस्टाग्राम अकाउंट से बांग्लादेश के स्थानों की तस्वीरें मिलीं। पुलिस को पता चला कि ये लोग अपनी पहचान छुपाने के लिए साड़ी, सलवार सूट, मेकअप और नकली बाल (विग) का इस्तेमाल करते थे। इसके अलावा, इन्होंने जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी भी करवाई थी ताकि कोई शक न करे।
पुलिस ने इनके पास से दो स्मार्टफोन बरामद किए, जिनमें प्रतिबंधित आईएमओ ऐप इंस्टॉल था। इस ऐप के जरिए ये लोग बांग्लादेश में अपने रिश्तेदारों से संपर्क में थे। साथ ही, दो बांग्लादेशी राष्ट्रीय पहचान पत्र भी मिले, जिसने इनके अवैध प्रवासी होने की पुष्टि की।
अब पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है ताकि अन्य बांग्लादेशी घुसपैठियों का पता लगाया जा सके। इनके निर्वासन के लिए विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) के साथ मिलकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यह मामला दिल्ली में अवैध प्रवासियों के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है, जो अब और तेज हो गया है।