ऑनलाइन गेमिंग की वजह से बढ़ती आत्महत्याओं और कर्ज में डूबने की घटनाओं ने सरकार को बड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया है। अब सरकार बेटिंग से जुड़े सभी ऑनलाइन गेम्स पर पूरी तरह रोक लगाने की तैयारी में है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) एक नया ऑनलाइन गेमिंग बिल ला रहा है, जिसे बुधवार, 20 अगस्त 2025 को लोकसभा में पेश किया जाएगा। इस बिल में बेटिंग को अपराध की श्रेणी में रखा गया है, जिसमें 7 साल तक की जेल और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। आइए जानते हैं कि इस बिल से क्या-क्या बदलने वाला है और ड्रीम 11 जैसे ऐप्स का भविष्य क्या होगा।
ऑनलाइन गेमिंग पर सख्ती, बेटिंग होगी अपराध
ऑनलाइन गेमिंग की वजह से कई लोग, खासकर युवा, कर्ज में डूब रहे हैं और कुछ ने तो अपनी जान तक गंवा दी। ऐसी खबरें आए दिन सामने आ रही हैं। इसे देखते हुए सरकार ने बेटिंग या जुए से जुड़े सभी ऑनलाइन गेम्स पर बैन लगाने का फैसला किया है। चाहे गेम स्किल-बेस्ड हो या चांस-बेस्ड, अगर उसमें पैसे का लेन-देन होता है, तो वह इस बिल के दायरे में आएगा। मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस ऑनलाइन गेमिंग बिल को हरी झंडी दे दी। नए नियमों के तहत बेटिंग को अपराध माना जाएगा, जिसमें 7 साल की सजा और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
1400 से ज्यादा ऐप्स पहले ही बैन
पिछले 4-5 सालों में सरकार ने 1400 से ज्यादा बेटिंग और जुआ ऐप्स पर रोक लगा दी है। लेकिन, अब तक कोई ठोस कानून न होने की वजह से इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई में दिक्कत आ रही थी। नए बिल के लागू होने के बाद सिर्फ वही ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स बचे रहेंगे, जिन्हें खेलने के लिए कोई शुल्क या पैसा न देना पड़े। यानी फ्री-टू-प्ले गेम्स को छोड़कर बाकी सब पर तलवार लटक रही है।
ड्रीम 11 जैसे ऐप्स पर भी खतरा
नए बिल के तहत बैंकों को ऑनलाइन गेमिंग के लिए किसी भी तरह के ट्रांजैक्शन की इजाजत नहीं होगी। कई ऐसे गेमिंग ऐप्स हैं, जैसे ड्रीम 11, जहां बेटिंग तो नहीं होती, लेकिन खेलने से पहले शुल्क देना पड़ता है। इसके लिए क्रेडिट या डेबिट कार्ड का इस्तेमाल होता है। अब ऐसे ऐप्स भी बैन के दायरे में आ सकते हैं। अगर यह बिल पास हो गया, तो ड्रीम 11 जैसे फैंटेसी स्पोर्ट्स ऐप्स पर भी बड़ा असर पड़ सकता है।
ऑनलाइन गेमिंग कारोबार पर असर
फिलहाल भारत में ऑनलाइन गेमिंग का कारोबार 3.8 अरब डॉलर (लगभग 32,000 करोड़ रुपये) का है, जिसमें से 3 अरब डॉलर का हिस्सा उन गेम्स से आता है, जो पैसे के लेन-देन से जुड़े हैं। नए नियम लागू होने पर यह कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। बड़े-बड़े क्रिकेटर और सेलिब्रिटी इन ऐप्स का प्रचार करते हैं, लेकिन अब ऐसे प्रचार पर भी जुर्माना लगेगा।
गेमिंग सेक्टर के जानकारों का कहना है कि सरकार भले ही घरेलू ऐप्स पर बैन लगा दे, लेकिन विदेश से चलने वाले गेमिंग ऐप्स पर भी कार्रवाई जरूरी है। ये विदेशी ऐप्स न तो भारत को टैक्स देते हैं और न ही भारतीय नियमों का पालन करते हैं, जिससे भारतीय यूजर्स का पैसा विदेश चला जाता है।
GST में भी बदलाव की तैयारी
2023 में सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग पर 28% GST लगाया था। तब कहा गया था कि गेमिंग सही है या गलत, इसका फैसला बाद में होगा, लेकिन टैक्स इसलिए लगाया गया क्योंकि इससे लोग और कंपनियां कमाई कर रही हैं। अब खबर है कि सरकार GST को बढ़ाकर 40% करने की योजना बना रही है, जो इस साल दिवाली से लागू हो सकता है।
