भारत का स्मार्टफोन मार्केट एक बार फिर सुर्खियों में है। 2025 की पहली छमाही में भारत में 7 करोड़ स्मार्टफोन शिप किए गए, जो पिछले साल की तुलना में 0.9% की मामूली बढ़ोतरी दर्शाता है। दूसरी तिमाही में यह आंकड़ा 7.3% की बढ़ोतरी के साथ 3.7 करोड़ यूनिट्स तक पहुंचा। इंटरनेशनल डेटा कॉरपोरेशन (IDC) की रिपोर्ट के मुताबिक, विवो लगातार छठी तिमाही से भारत के स्मार्टफोन मार्केट में नंबर वन बना हुआ है। लेकिन शाओमी और रियलमी जैसे बड़े ब्रांड्स को तगड़ा झटका लगा है। आइए जानते हैं इस मार्केट की पूरी कहानी।
विवो की बादशाहत और सैमसंग-ऑप्पो की रेस
विवो ने 2025 की दूसरी तिमाही में 19% मार्केट शेयर के साथ अपनी बादशाहत कायम रखी। सैमसंग 21% की शानदार बढ़ोतरी के साथ दूसरे नंबर पर रहा, जबकि ऑप्पो ने तीसरा स्थान हासिल किया। सबसे ज्यादा सालाना बढ़ोतरी नथिंग ने दर्ज की, जिसके शिपमेंट्स में 84.9% का उछाल आया, इसके बाद iQOO ने 68.4% की बढ़ोतरी के साथ सबको चौंकाया।
लेकिन शाओमी को 23.5% की गिरावट का सामना करना पड़ा, जिससे वह पांचवें स्थान पर खिसक गया। रियलमी भी 17.8% की कमी के साथ चौथे स्थान पर रहा। वनप्लस की हालत सबसे खराब रही, जिसके शिपमेंट्स में 39.4% की गिरावट आई और वह टॉप 10 में दसवें नंबर पर पहुंच गया।
एप्पल का दमदार प्रदर्शन
एप्पल ने भी अपनी मजबूत मौजूदगी दिखाई। 2025 की पहली छमाही में इसके शिपमेंट्स 21.5% बढ़कर 59 लाख यूनिट्स तक पहुंचे। iPhone 16 इस दौरान भारत में सबसे ज्यादा शिप किया गया मॉडल रहा, जो कुल शिपमेंट्स का 4% हिस्सा था। दूसरी तिमाही में एप्पल 7.5% मार्केट शेयर के साथ सातवें स्थान पर रहा।
मार्केट की रफ्तार और चुनौतियां
IDC की रिपोर्ट बताती है कि दो तिमाहियों की गिरावट के बाद मार्केट में रिकवरी तो हुई है, लेकिन कमजोर कंज्यूमर डिमांड और बढ़ती औसत बिक्री कीमत (ASP) इस रिकवरी को सीमित कर रही हैं। दूसरी तिमाही में ASP 275 डॉलर (लगभग 24,000 रुपये) तक पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में 10.8% ज्यादा है।
प्राइस सेगमेंट का हाल
- एंट्री-लेवल (100 डॉलर से कम): इस सेगमेंट में 22.9% की बढ़ोतरी हुई और इसका मार्केट शेयर 14% से बढ़कर 16% हो गया। शाओमी ने अपने सस्ते रेडमी A4 और A5 मॉडल्स के साथ इस सेगमेंट में लीड बनाए रखी।
- मास बजट (100-200 डॉलर): इस सेगमेंट में 1.1% की मामूली बढ़ोतरी हुई, लेकिन इसका शेयर 44% से घटकर 42% रह गया। विवो, ऑप्पो और रियलमी ने मिलकर इस सेगमेंट में 60% हिस्सेदारी बनाए रखी।
- एंट्री-प्रिमियम (200-400 डॉलर): इस सेगमेंट में 2.5% की गिरावट आई और शेयर 30% से घटकर 27% हो गया। विवो, सैमसंग और ऑप्पो इस सेगमेंट में टॉप पर रहे, जबकि मोटोरोला ने चौथे स्थान पर शानदार बढ़ोतरी दर्ज की।
- मिड-प्रिमियम (400-600 डॉलर): इस सेगमेंट में 39.5% की शानदार बढ़ोतरी हुई और शेयर 4% से बढ़कर 5% हो गया। ऑप्पो और वनप्लस ने इस सेगमेंट में बड़ी कामयाबी हासिल की।
- प्रीमियम (600-800 डॉलर): इस सेगमेंट में सबसे ज्यादा 96.4% की बढ़ोतरी हुई और शेयर 2% से बढ़कर 4% हो गया। iPhone 16 और 15 ने इस सेगमेंट में 60% से ज्यादा शिपमेंट्स हासिल किए।
- सुपर-प्रिमियम (800 डॉलर से ज्यादा): इस सेगमेंट में 15.8% की बढ़ोतरी हुई, लेकिन शेयर 7% पर स्थिर रहा। सैमसंग ने 49% हिस्सेदारी के साथ एप्पल (48%) को पीछे छोड़ दिया। iPhone 16, गैलेक्सी S25, S24 अल्ट्रा, S25 और iPhone 16 प्लस इस सेगमेंट के टॉप मॉडल्स रहे।
चिपसेट और चैनल ट्रेंड्स
क्वालकॉम आधारित स्मार्टफोन्स के शिपमेंट्स में 37.6% की बढ़ोतरी हुई और इसका शेयर 33.9% रहा। वहीं, मीडियाटेक का शेयर 56.1% से घटकर 44.3% हो गया, क्योंकि इसके शिपमेंट्स में 15.4% की कमी आई।
ऑफलाइन चैनल्स में शिपमेंट्स 14.3% बढ़े और इनका शेयर 53.6% तक पहुंच गया। ऑनलाइन चैनल्स में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई और इनका शेयर पिछले साल के 49.7% से घटकर 46.4% रह गया, हालांकि पहली तिमाही के 41.9% से यह थोड़ा बढ़ा।
