न्यूज डेस्क, रीटाइम्स इंडिया
प्रकाशित: बुधवार, 06 अगस्त 2025
चिकनगुनिया वायरस ने दुनियाभर में हड़कंप मचा दिया है और अब यह चीन में भी तेजी से पांव पसार रहा है। खासकर गुआंगडोंग प्रांत में इस बीमारी ने लोगों में दहशत फैला दी है, जहां हजारों लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और यूरोपियन सेंटर फॉर डिजीज प्रिवेंशन एंड कंट्रोल (ECDC) के मुताबिक, 2025 की शुरुआत से अब तक 16 देशों में करीब 2.4 लाख लोग इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं और 90 लोगों की मौत हो चुकी है। आइए, चिकनगुनिया के बारे में विस्तार से जानते हैं – इसके लक्षण, प्रभावित क्षेत्र, और इसे रोकने के लिए किए जा रहे उपाय।
चिकनगुनिया वायरस क्या है?
चिकनगुनिया एक मच्छर जनित वायरल बीमारी है, जो एडीज इजिप्टी और एडीज अल्बोपिक्टस मच्छरों के काटने से फैलती है। ये वही मच्छर हैं, जो डेंगू, जीका और येलो फीवर जैसी बीमारियां भी फैलाते हैं। इस वायरस का नाम तंजानिया और मोजाम्बिक की किमाकोंडे भाषा से आया है, जिसका मतलब है “जो मुड़ जाता है” या “वह जो कष्ट देता है।” ऐसा इसलिए, क्योंकि यह बीमारी जोड़ों में इतना तेज दर्द पैदा करती है कि मरीज का शरीर झुक जाता है। इस वायरस की पहचान 1952 में तंजानिया में हुई थी और अब यह 119 देशों में फैल चुका है।
चिकनगुनिया के लक्षण
चिकनगुनिया के लक्षण मच्छर के काटने के 3 से 7 दिन बाद दिखने शुरू होते हैं। इसके प्रमुख लक्षण हैं:
- तेज बुखार: अचानक तेज बुखार जो कई दिनों तक बना रह सकता है।
- जोड़ों में तीव्र दर्द: यह दर्द इतना गंभीर हो सकता है कि मरीज को चलने-फिरने में मुश्किल होती है। कुछ मामलों में यह दर्द महीनों या सालों तक रह सकता है।
- त्वचा पर चकत्ते: शरीर पर लाल रैशेज या चकत्ते दिख सकते हैं।
- अन्य लक्षण: सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, थकान, और उल्टी जैसा अहसास।
ज्यादातर लोग एक हफ्ते में ठीक हो जाते हैं, लेकिन नवजात शिशु, बुजुर्ग, और डायबिटीज या हृदय रोग जैसी बीमारियों से ग्रस्त लोगों में यह बीमारी गंभीर हो सकती है। हालांकि मौतें कम होती हैं, लेकिन हाई-रिस्क ग्रुप में न्यूरोलॉजिकल समस्याएं या मल्टी-ऑर्गन फेल्यर जैसी जटिलताएं हो सकती हैं।
वैश्विक स्थिति: 2025 में क्या है हाल?
2025 में चिकनगुनिया के मामलों में भारी उछाल देखा गया है। ECDC के अनुसार, 16 देशों में 2.4 लाख मामले सामने आए हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में शामिल हैं:
- ब्राजील: 1,85,553 मामले
- बोलीविया: 4,721 मामले
- अर्जेंटीना: 2,836 मामले
- पेरू: 55 मामले
इसके अलावा, हिंद महासागर के द्वीप जैसे ला रियूनियन, मायोटे, और मॉरीशस में भी बड़े पैमाने पर प्रकोप देखा गया है। ला रियूनियन में मई 2025 तक 47,500 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए।
चीन में मचा हड़कंप
चीन के गुआंगडोंग प्रांत के फोशान शहर में चिकनगुनिया का प्रकोप सबसे ज्यादा है, जहां जून 2025 के अंत से अब तक 7,000 से 8,000 मामले सामने आए हैं। यह 2008 के बाद चीन का सबसे बड़ा चिकनगुनिया प्रकोप है। जुलाई में एक “आयातित मामला” सामने आने के बाद यह स्थानीय स्तर पर फैल गया, हालांकि यह मामला कहां से आया, इसकी जानकारी नहीं दी गई। फोशान के अलावा, गुआंगडोंग के 12 अन्य शहरों में भी मामले सामने आए हैं, और पिछले एक हफ्ते में करीब 3,000 नए मामले दर्ज किए गए। हांगकांग और मकाऊ में भी मामले पाए गए हैं, जहां हांगकांग में 6 साल बाद पहला मामला एक 12 साल के बच्चे में देखा गया, जो फोशान से लौटा था।
चीन में नियंत्रण के लिए क्या हो रहा है?
चीन ने चिकनगुनिया को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं, जिनकी तुलना कोविड-19 के दौरान अपनाए गए उपायों से की जा रही है।
- मच्छरों पर वार: फोशान में सैनिक पार्कों और घरों में कीटनाशक छिड़क रहे हैं। ड्रोन की मदद से मच्छरों के प्रजनन स्थलों का पता लगाया जा रहा है।
- प्राकृतिक शिकारी: सरकार ने “एलिफेंट मच्छर” (लगभग 2 सेमी लंबे) और मच्छर खाने वाली मछलियां छोड़ी हैं, जो चिकनगुनिया फैलाने वाले छोटे मच्छरों को खत्म करते हैं। फोशान में 5,000 ऐसी मछलियां झीलों में छोड़ी गई हैं।
- जमा पानी पर रोक: लोगों को घरों और आसपास से स्थिर पानी (जैसे गमलों, कॉफी मशीनों, या खाली बोतलों में) हटाने का आदेश है। ऐसा न करने पर 10,000 युआन (लगभग $1,400) का जुर्माना या गंभीर मामलों में आपराधिक कार्रवाई हो सकती है।
- क्वारंटीन: फोशान में कुछ मरीजों को “क्वारंटीन वार्ड” में रखा जा रहा है, जहां मच्छरदानी और स्क्रीन का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि मच्छर उन्हें न काटें।
वैश्विक चेतावनी और जोखिम
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि चिकनगुनिया 119 देशों में मौजूद है और यह वैश्विक स्तर पर फैल सकता है। अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) ने गुआंगडोंग प्रांत के लिए लेवल 2 ट्रैवल अलर्ट जारी किया है। यात्रियों को कीट repellent, लंबी बांह के कपड़े, और स्क्रीन वाले कमरों में रहने की सलाह दी गई है। CDC ने गुआंगडोंग, बोलीविया, और हिंद महासागर के द्वीपों की यात्रा से बचने की सलाह दी है। ब्राज affiल, कोलंबिया, भारत, मैक्सिको, नाइजीरिया, पाकिस्तान, थाइलैंड, और फिलीपींस में भी जोखिम बढ़ रहा है।
बचाव के उपाय
चिकनगुनिया का कोई खास इलाज या व्यापक रूप से उपलब्ध वैक्सीन नहीं है, हालांकि कुछ देशों में दो वैक्सीन को मंजूरी मिली है। बचाव के लिए ये कदम उठाएं:
- मच्छरों से सुरक्षा: डीट या पिकारिडिन युक्त कीट repellent का इस्तेमाल करें।
- कपड़े: लंबी बांह और हल्के रंग के कपड़े पहनें।
- मच्छरदानी और स्क्रीन: खिड़कियों-दरवाजों पर स्क्रीन लगाएं और सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।
- जमा पानी हटाएं: घर के आसपास गमलों, बाल्टियों, या बोतलों में पानी जमा न होने दें।
- डॉक्टर से संपर्क: बुखार, चकत्ते, या जोड़ों में दर्द दिखे तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग और गर्म, नम मौसम के कारण मच्छरों का प्रजनन बढ़ रहा है, जिससे चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ब्राजील भी इस वायरस से बुरी तरह प्रभावित है। चीन में भारी बारिश और गर्मी ने इस संकट को और गंभीर कर दिया है, जो आमतौर पर उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में देखा जाता है।
