उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज उन्नाव में देश की पहली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) यूनिवर्सिटी का लोकार्पण किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर सीएम योगी ने कहा, “कोई भी विश्वविद्यालय, समाज या देश हो, जो समय से तेज चलेगा, वही प्रगति के द्वार खोलेगा।” उन्होंने यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू और उनकी पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि “शिक्षा के क्षेत्र में नई क्रांति लाने वाली यह यूनिवर्सिटी उन्नाववासियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।”
यह परिसर लखनऊ-कानपुर हाइवे पर नवाबगंज में 63.53 एकड़ में करीब 2500 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित किया गया है। यह यूनिवर्सिटी भारत के शैक्षिक परिदृश्य को बदलने और युवाओं को भविष्य की तकनीकों जैसे एआई, रोबोटिक्स, और साइबर सिक्योरिटी में प्रशिक्षित करने के लिए एक मील का पत्थर है।
एआई और रोबोटिक्स में करियर का सुनहरा अवसर
आने वाले समय में एआई और रोबोटिक्स दुनिया की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और उद्योगों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का उन्नाव परिसर इस दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। यह यूनिवर्सिटी 43 स्नातक और स्नातकोत्तर कोर्सेज की पेशकश कर रही है, जो इंजीनियरिंग, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, हेल्थ एंड लाइफ साइंसेज, ह्यूमैनिटीज, लिबरल आर्ट्स, और लीगल स्टडीज जैसे छह क्षेत्रों में फैले हैं। इन कोर्सेज में एआई को एकीकृत किया गया है, ताकि छात्र उद्योग की मांगों के अनुरूप तैयार हो सकें।
प्रमुख कोर्सेज और फीस संरचना
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, उत्तर प्रदेश परिसर, में विभिन्न एआई-आधारित कोर्सेज उपलब्ध हैं, जिनकी फीस संरचना इस प्रकार है:
- बी.टेक सीएसई (साइबर सिक्योरिटी): 4 वर्षीय कोर्स, प्रति सेमेस्टर फीस ₹1,49,000।
- बी.टेक सीएसई (डेटा साइंस): 4 वर्षीय कोर्स, प्रति सेमेस्टर फीस ₹1,49,000।
- बी.टेक सीएसई (एआई और मशीन लर्निंग): 4 वर्षीय कोर्स, प्रति सेमेस्टर फीस ₹1,65,000।
- बी.टेक इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी: 4 वर्षीय कोर्स, प्रति सेमेस्टर फीस ₹1,10,000।
इसके अलावा, यूनिवर्सिटी में अन्य कोर्सेज जैसे बीसीए, एमसीए, बी.एससी. (बायोटेक्नोलॉजी, फोरेंसिक साइंस, न्यूट्रीशन एंड डायटेटिक्स), और लिबरल आर्ट्स में सात कोर्सेज (साइकोलॉजी, लॉ, जर्नलिज्म आदि) भी उपलब्ध हैं, जिनकी फीस अपेक्षाकृत कम है। ये कोर्सेज छात्रों को एआई, डेटा साइंस, और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए तैयार करते हैं।
प्रवेश प्रक्रिया और स्कॉलरशिप
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में प्रवेश के लिए छात्रों को चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीयूसीईटी) देना होगा। इस परीक्षा के आधार पर मेरिट-आधारित स्कॉलरशिप भी प्रदान की जाती है, जिसमें 100% तक की छूट संभव है। 90% से अधिक अंक प्राप्त करने वाले या जेईई में शीर्ष 50,000 रैंक हासिल करने वाले छात्रों को सीयूसीईटी से छूट मिल सकती है। इसके अतिरिक्त, सीवी रमन स्कॉलरशिप और अन्य मेरिट-आधारित स्कॉलरशिप भी उपलब्ध हैं, जो वित्तीय रूप से कमजोर छात्रों को सहायता प्रदान करती हैं। प्रवेश के लिए छात्रों को यूनिवर्सिटी की वेबसाइट (www.culko.in) पर रजिस्ट्रेशन करना होगा और ₹1,000 का रजिस्ट्रेशन शुल्क जमा करना होगा।
उद्योगों के साथ सहयोग और प्लेसमेंट
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का उत्तर प्रदेश परिसर माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, आईबीएम, और इंटेल जैसे वैश्विक दिग्गजों के साथ साझेदारी कर रहा है। यह सुनिश्चित करता है कि छात्रों को नवीनतम तकनीकों का प्रशिक्षण और वैश्विक स्तर की मेंटरशिप मिले। यूनिवर्सिटी का प्लेसमेंट सेल 900 से अधिक कंपनियों के साथ काम करता है, और पिछले रिकॉर्ड के अनुसार, उच्चतम पैकेज 1.7 करोड़ रुपये (अंतरराष्ट्रीय) और 54.75 लाख रुपये (राष्ट्रीय) रहा है। यह परिसर छात्रों को ड्रोन, रोबोटिक्स, और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में नौकरी के अवसर प्रदान करने के लिए तैयार है।
राष्ट्रीय और वैश्विक महत्व
उन्नाव में इस यूनिवर्सिटी का उद्घाटन कारगिल विजय दिवस (26 जुलाई 2025) के दिन हुआ, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय गौरव से जोड़ा। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे भारतीय सेना ने 22 मिनट में पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को नष्ट किया था। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि भारत को जाति, क्षेत्र, और भाषा के नाम पर बांटने की साजिशों से सावधान रहना होगा। यह यूनिवर्सिटी न केवल तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देगी, बल्कि साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी भारत को सशक्त बनाएगी, ताकि पाकिस्तान और चीन जैसे देशों के साइबर हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके।
यूपी का बदलता शैक्षिक परिदृश्य
उत्तर प्रदेश सरकार की एआई प्रज्ञा योजना के तहत 10 लाख लोगों को एआई, डेटा एनालिटिक्स, मशीन लर्निंग, और साइबर सिक्योरिटी में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है। उन्नाव का यह परिसर इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लखनऊ में भारत की पहली एआई सिटी के साथ यह यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश को तकनीकी और शैक्षिक हब के रूप में स्थापित करेगी। यह परिसर पर्यावरणीय स्थिरता को भी बढ़ावा देता है, जिसमें ऊर्जा-कुशल भवन और हरित स्थानों का समावेश है।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का उन्नाव परिसर भारत के एआई और रोबोटिक्स क्षेत्र में एक नया युग शुरू करने जा रहा है। यह न केवल छात्रों को भविष्य की तकनीकों में प्रशिक्षित करेगा, बल्कि भारत को आत्मनिर्भर और विकसित भारत के सपने को साकार करने में भी योगदान देगा। यह यूनिवर्सिटी उन युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है जो एआई, साइबर सिक्योरिटी, और रोबोटिक्स में करियर बनाना चाहते हैं।
