लखनऊ: उत्तर प्रदेश में वस्त्र और परिधान उद्योग को मिलने वाला है बड़ा झटका… अच्छे अर्थ में! राज्य सरकार ने 6,000 करोड़ रुपये के निवेश के लिए हरी झंडी दे दी है। हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग को इसके लिए 225 प्रस्ताव मिल चुके हैं। कैबिनेट ने ‘संत कबीर वस्त्र एवं परिधान पार्क योजना’ को मंजूरी दे दी है, जिससे लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा।
10 आधुनिक पार्कों का सपना
योजना के तहत सरकार की जमीन पर 10 आधुनिक वस्त्र पार्क बनाए जाएंगे। ये पार्क प्लग एंड प्ले सुविधाओं से लैस होंगे, यानी निवेशकों को इकाइयां लगाने में कम खर्च और कम समय लगेगा। बस प्लग लगाओ और शुरू हो जाओ! वस्त्र उद्योग पहले से ही राज्य में 45 लाख लोगों को नौकरी दे रहा है। ये पार्क रोजगार के नए द्वार खोलेंगे।
वस्त्र उद्योग का बड़ा बाजार
देश में वस्त्र और परिधान का बाजार 14.88 लाख करोड़ रुपये का है, जिसमें 11.84 लाख करोड़ घरेलू बाजार और 3.04 लाख करोड़ निर्यात का है। केंद्र सरकार का लक्ष्य 2030 तक इसे 26.61 लाख करोड़ तक ले जाना है, जिसमें 8.46 लाख करोड़ का निर्यात शामिल है। उत्तर प्रदेश की वर्तमान निर्यात हिस्सेदारी 10 प्रतिशत है। ये पार्क इस लक्ष्य को हासिल करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे।
संत कबीर के नाम पर पार्क
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही संत कबीर के नाम पर इन पार्कों की घोषणा की थी। कुल 500 एकड़ जमीन पर ये पार्क बनेंगे, हर पार्क कम से कम 50 एकड़ का होगा। इनमें सामान्य अपशिष्ट उपचार संयंत्र (CETP), बटन, जिपर, लेबल, पैकेजिंग और वेयरहाउस जैसी सहायक इकाइयां भी होंगी।
इन 10 शहरों में लगेंगे पार्क
विभाग की कोशिश है कि पार्क पारंपरिक वस्त्र जिलों में बनें। नोएडा, कानपुर, वाराणसी, मऊ, भदोही, मीरजापुर, सीतापुर, बाराबंकी, गोरखपुर और मेरठ जैसे शहरों में ये पार्क विकसित होंगे। सरकार सड़क, बिजली और पानी जैसी बेसिक सुविधाएं मुहैया कराएगी।
रोजगार और विकास की नई कहानी
ये पार्क न सिर्फ निवेश लाएंगे, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे। वस्त्र उद्योग देश के जीडीपी में 2 प्रतिशत और औद्योगिक उत्पादन में 11 प्रतिशत का योगदान देता है। उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है।
