लखनऊ में तीन दिवसीय सीएम युवा कॉन्क्लेव का शानदार आगाज हुआ, जहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को उद्यमिता की नई राह दिखाई। इस मौके पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) विभाग के मंत्री राकेश सचान, प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव (MSME) आलोक कुमार, और कई विश्वविद्यालयों के कुलपति व विशेषज्ञ मौजूद रहे। लेकिन इस कॉन्क्लेव की असली चमक थे वो पांच युवा उद्यमी, जिन्होंने सीएम युवा उद्यमी स्कीम की बदौलत अपनी कामयाबी की कहानियां सुनाकर सभी को प्रेरित किया। तो आइए, जानते हैं कि कैसे यह स्कीम यूपी के युवाओं को नई उड़ान दे रही है और क्यों यह कॉन्क्लेव हर युवा के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है!
CM युवा उद्यमी स्कीम: बिना ब्याज, बिना गारंटी का लोन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कॉन्क्लेव में कहा कि सीएम युवा उद्यमी स्कीम युवाओं के सपनों को हकीकत में बदलने का एक शानदार मौका है। यह स्कीम ब्याज-मुक्त और गारंटी-मुक्त लोन देती है। यानी, न आपको ब्याज देना होगा, न ही कोई गारंटी देनी होगी – दोनों का खर्च राज्य सरकार उठाएगी। इतना ही नहीं, इस स्कीम के तहत आपको जितना लोन मिलेगा, उसका 10% मार्जिन मनी भी सरकार देगी।
इस स्कीम का असर देखिए: अब तक 68,000 से ज्यादा युवाओं को 751 करोड़ रुपये का लोन दिया जा चुका है। ये वो युवा हैं, जो उत्तर प्रदेश के विकास की यात्रा में नए उद्यमी बनकर शामिल हो रहे हैं। योगी जी ने कहा, “ये स्कीम यूपी की अनलिमिटेड पोटेंशियल को दिखाती है। हमारे युवाओं के चेहरों पर जो उत्साह है, वो इस स्कीम की कामयाबी का सबूत है।”
पांच युवाओं की सक्सेस स्टोरी: प्रेरणा का स्रोत
कॉन्क्लेव में पांच युवा उद्यमियों ने अपनी कहानियां साझा कीं, जो अलग-अलग क्षेत्रों से ताल्लुक रखते हैं। किसी ने वुड कार्विंग में, किसी ने फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी में, तो किसी ने फिजियोथेरेपी जैसे क्षेत्र में इस स्कीम का फायदा उठाकर अपना बिजनेस शुरू किया। इन कहानियों ने दिखाया कि अगर सही मौका और मार्गदर्शन मिले, तो यूपी का युवा कुछ भी हासिल कर सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारे युवा जब विश्वविद्यालयों से निकलते हैं, तो अक्सर असमंजस में होते हैं। उन्हें न केंद्र सरकार की स्कीम्स की जानकारी होती है, न राज्य सरकार की। बिना ट्रेनिंग के लोन लेने से कर्ज बढ़ता है और निराशा हावी हो जाती है। लेकिन सीएम युवा उद्यमी स्कीम इस समस्या का समाधान है।”
यूपी का गौरव: वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP)
मुख्यमंत्री ने वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) स्कीम की भी जमकर तारीफ की, जिसे 2018 में शुरू किया गया था। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले यूपी में MSME सेक्टर को नजरअंदाज किया गया। परंपरागत उद्यम और हस्तशिल्प दम तोड़ रहे थे। कारीगर निराश थे और पलायन कर रहे थे। लेकिन ODOP ने हर जिले की खासियत को एक ब्रांड बनाया।
आज ODOP की बदौलत यूपी का एक्सपोर्ट 86,000 करोड़ से बढ़कर 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। योगी जी ने कहा, “2017 से पहले यूपी में हर तीसरे दिन दंगे होते थे, कर्फ्यू लगता था। ऐसे माहौल में कौन उद्यम शुरू करता? लेकिन आज ODOP आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला बन चुका है। अब त्योहारों पर चीन का सामान नहीं, बल्कि यूपी के कारीगरों का बनाया सामान बिकता है।”
विश्वकर्मा श्रम सम्मान: कारीगरों का सम्मान
मुख्यमंत्री ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान स्कीम का भी जिक्र किया, जिसे 2019 में शुरू किया गया। इस स्कीम के तहत परंपरागत कारीगरों और हस्तशिल्पियों को ट्रेनिंग और टूलकिट दी जाती है। योगी जी ने कहा, “जो समाज अपने कारीगरों का सम्मान नहीं करता, उसका भविष्य नहीं हो सकता। हमने कारीगरों को न सिर्फ ट्रेनिंग दी, बल्कि उन्हें बैंकों से जोड़ा और आत्मनिर्भर बनाया।”
यह स्कीम अब पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत देशभर में लोकप्रिय हो चुकी है। इससे यूपी के गांवों में ग्राम स्वराज की गांधी जी की परिकल्पना को साकार करने में मदद मिल रही है।
MSME सेक्टर: यूपी की ताकत
योगी जी ने बताया कि यूपी में MSME सेक्टर कृषि के बाद सबसे ज्यादा रोजगार देने वाला क्षेत्र है। 3 करोड़ किसान और 1.75 करोड़ MSME कर्मी यूपी की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। अगर इस सेक्टर पर कोई आंच आती है, तो 5 करोड़ लोग प्रभावित होते हैं। इसलिए सरकार ने कॉमन फैसिलिटी सेंटर्स, ट्रेनिंग प्रोग्राम, पैकेजिंग, और एक्सपोर्ट सब्सिडी जैसी सुविधाएं शुरू कीं।
उन्होंने कहा, “हमने MSME उद्यमियों को पहले 1000 दिन तक किसी लाइसेंस की जरूरत से मुक्त किया। साथ ही, हर उद्यमी को 5 लाख रुपये का सुरक्षा बीमा कवर भी दिया। यूपी पहला राज्य है, जो ऐसी सुविधा दे रहा है।”
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो: ग्लोबल मंच
मुख्यमंत्री ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का भी जिक्र किया, जो हर साल ग्रेटर नोएडा में होता है। यह शो यूपी के प्रोडक्ट्स को दुनिया के सामने लाता है। पिछले साल इसमें 5 लाख लोग शामिल हुए थे। योगी जी ने कहा, “यह शो यूपी के पोटेंशियल को दिखाता है। लोग हैरान होते हैं कि यूपी में इतना कुछ बनता है।”
युवाओं के लिए अपील: मौके को न छोड़ें
मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे सीएम युवा उद्यमी स्कीम का फायदा उठाएं। उन्होंने कहा, “लोन, ट्रेनिंग, मशीनरी – सबकुछ सरकार दे रही है। आपको बस अपने सपनों को हकीकत में बदलने का जुनून चाहिए।” उन्होंने MSME विभाग से कहा कि हर जिले से 50-50 सक्सेस स्टोरीज सामने लाएं, ताकि ये कहानियां लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बनें।
उन्होंने विश्वविद्यालयों से भी MoU साइन करने की बात कही, ताकि छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही सरकारी स्कीम्स की जानकारी मिले। इससे वे डिग्री लेने के बाद असमंजस में नहीं रहेंगे।
कॉन्क्लेव का मकसद: सभी स्टेकहोल्डर्स को एक मंच पर लाना
इस कॉन्क्लेव में बैंकर, विश्वविद्यालय, उद्यमी, और सरकारी अधिकारी एक मंच पर आए। यहां एग्जिबिशन भी लगाई गई, जहां युवा मशीनरी और बिजनेस के नए तरीकों को देख सकते हैं। पैनल डिस्कशन और सेशंस में विशेषज्ञ युवाओं को गाइड करेंगे। योगी जी ने कहा, “हमारा मकसद है कि हर युवा को सही जानकारी, ट्रेनिंग, और पूंजी मिले। सीएम युवा उद्यमी स्कीम न सिर्फ जॉब लेने की, बल्कि जॉब देने की ताकत देती है।”
यूपी का नया भविष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले यूपी में अराजकता, भ्रष्टाचार, और गुंडागर्दी का माहौल था। लेकिन अब यूपी बदल चुका है। ODOP, विश्वकर्मा श्रम सम्मान, और सीएम युवा उद्यमी स्कीम जैसी योजनाओं ने यूपी को आत्मनिर्भर भारत का सच्चा सिपाही बना दिया है।
उन्होंने युवाओं से कहा, “आपके सामने अनंत संभावनाएं हैं। बस एक कदम बढ़ाइए, राह आपका इंतजार कर रही है।”
