अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने भारत की व्यापार नीतियों को एकतरफा और अमेरिका के खिलाफ बताया। ट्रंप ने कहा कि भारत के साथ उनके रिश्ते अच्छे हैं, लेकिन भारतीय आयात पर लगाए गए 50% टैरिफ को कम करने का कोई संकेत नहीं दिया। हार्ले डेविडसन का उदाहरण देते हुए उन्होंने भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की बात कही। आइए जानते हैं ट्रंप के इस बयान के पीछे की पूरी कहानी!
ट्रंप की तल्खी फिर उभरी
कुछ दिन शांत रहने के बाद मंगलवार को डोनाल्ड ट्रंप अपने कार्यालय लौटे और भारत के खिलाफ फिर तल्ख बयानबाजी शुरू कर दी। उन्होंने भारत की व्यापार नीतियों को ‘एकतरफा’ करार देते हुए कहा कि ये नीतियां अमेरिकी हितों के खिलाफ काम कर रही हैं। ट्रंप ने भारत के साथ अपने अच्छे रिश्तों का जिक्र तो किया, लेकिन हाल ही में भारतीय आयात पर लगाए गए 50% टैरिफ को हटाने या कम करने की कोई बात नहीं की।
‘भारत का व्यापार एकतरफा था’
ट्रंप का यह बयान भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के उस बयान के जवाब में आया, जिसमें गोयल ने नवंबर 2025 तक भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक समझौते की बात कही थी। ट्रंप ने कहा, “हमारा भारत के साथ बहुत अच्छा रिश्ता है, लेकिन सालों से यह रिश्ता एकतरफा था। भारत हम पर भारी-भरकम टैरिफ लगाता था, जो दुनिया में सबसे ज्यादा थे। हम भारत के साथ ज्यादा व्यापार नहीं कर पाते थे, क्योंकि वे हमारे उत्पादों पर 100% तक टैरिफ लगाते थे। वहीं, हम उनसे कोई टैरिफ नहीं लेते थे। इससे भारत अपने सारे उत्पाद हमारे देश में भेज देता था, लेकिन हम कुछ नहीं भेज पाते थे।”
हार्ले डेविडसन का उदाहरण
ट्रंप ने अपनी बात को समझाने के लिए हार्ले डेविडसन का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि भारत में इस कंपनी पर 200% टैरिफ लगाया गया था, जिसके चलते हार्ले डेविडसन को भारत में अपना प्लांट लगाना पड़ा। अब उन्हें टैरिफ नहीं देना पड़ता। ट्रंप ने इस उदाहरण के जरिए भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।
भारत की चुप्पी और रुख
ट्रंप ने पहले सोशल मीडिया पर दावा किया था कि भारत ने टैरिफ कम करने की पेशकश की है, लेकिन अब ‘देरी हो चुकी है’। इस पर भारत की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पिछले दो हफ्तों से ट्रंप और उनके अधिकारियों की टिप्पणियों पर भारत के विदेश मंत्रालय ने चुप्पी साध रखी है। हालांकि, भारत पहले ही अमेरिका के टैरिफ आरोपों को ‘अनुचित और अन्यायपूर्ण’ बता चुका है और अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने की बात कह चुका है।
