रिटायरमेंट की चिंता अब कम हो सकती है! पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में गैर-सरकारी सेक्टर के लिए बड़ा बदलाव किया है। अब पेंशन फंड्स ग्राहकों के लिए खास योजनाएं बना सकेंगे, ताकि आप अपना फ्यूचर और मजबूत बना सकें। सबसे बड़ी बात – आप अपनी पूरी रकम यानी 100% तक इक्विटी में निवेश कर सकेंगे। ये नया नियम 1 अक्टूबर 2025 से लागू होगा।
क्या है ये नया अपडेट
PFRDA ने 16 सितंबर 2025 को एक सर्कुलर जारी किया, जिसमें गैर-सरकारी NPS सब्सक्राइबर्स के लिए मल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क (MSF) की घोषणा की गई। पहली बार, पेंशन फंड्स कॉर्पोरेट कर्मचारियों, प्रोफेशनल्स, सेल्फ-एम्प्लॉयड लोगों और डिजिटल इकोनॉमी के वर्कर्स के लिए कस्टमाइज्ड स्कीम्स डिजाइन कर सकेंगे। ये स्कीम्स NPS के जरिए आपकी फाइनेंशियल सिक्योरिटी को आसान बनाएंगी।
सर्कुलर के मुताबिक, ये सुविधा नए और मौजूदा सब्सक्राइबर्स के लिए टियर I (रिटायरमेंट फोकस्ड) और टियर II (वॉलंटरी सेविंग्स) दोनों में उपलब्ध होगी। वेस्टिंग पीरियड वैकल्पिक रखा गया है, यानी आपकी जरूरत के हिसाब से।
100% इक्विटी निवेश का मौका
हर नई स्कीम में कम से कम दो ऑप्शन्स होंगे – मॉडरेट रिस्क वाला और हाई रिस्क वाला। हाई रिस्क चुनने पर आप 100% तक का निवेश इक्विटी में डाल सकेंगे, जिससे रिटर्न बढ़ाने का चांस मिलेगा। रूढ़िवादी इनवेस्टर्स के लिए लो रिस्क ऑप्शन भी पेंशन फंड्स ऑफर कर सकते हैं। इससे पहले इक्विटी में 75% तक ही सीमा थी, लेकिन अब फुल फ्लेक्सिबिलिटी मिलेगी।
1 अक्टूबर से शुरू होगा नया दौर
PFRDA का कहना है कि ये स्टेप रिटायरमेंट प्लानिंग को ज्यादा फ्लेक्सिबल और पर्सनलाइज्ड बनाने के लिए है। ये ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिसेज के साथ NPS को मैच करेगा। पहले सब्सक्राइबर्स के पास इनवेस्टमेंट के कम ऑप्शन्स थे और इक्विटी पर स्ट्रिक्ट कैप्स लगे थे। अब आप अपनी इनकम, बिजनेस और रिस्क लेने की क्षमता के हिसाब से प्लान कस्टमाइज कर सकेंगे।
किसे मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा
सेल्फ-एम्प्लॉयड और डिजिटल वर्कर्स, जिनके पास अक्सर एम्प्लॉयर-सपोर्टेड रिटायरमेंट बेनिफिट्स नहीं होते, उनके लिए ये स्कीम्स बूस्टर साबित होंगी। कॉर्पोरेट एम्प्लॉयी भी उन प्लान्स से फायदा उठा सकेंगे जो एम्प्लॉयर-एम्प्लॉयी कंट्रीब्यूशन को बेहतर तरीके से जोड़ती हैं।
सर्कुलर में ये भी कहा गया है कि इन स्कीम्स पर पेंशन फंड्स प्रति साल AUM का 0.3% तक चार्ज ले सकेंगे। इसमें IMF, POP को डिस्ट्रीब्यूशन और अवेयरनेस फीस शामिल है।
