Retimes india
  • Home
  • Education News
  • Technology
  • Uncategorized
  • India News
  • Science
  • sports
  • Stock Market News
  • Defence News
Reading: भारत और अमेरिका का ऐतिहासिक मिशन: निसार सैटेलाइट से सेंटीमीटर स्तर पर बदलावों पर भी रहेगी नजर
Share
Retimes indiaRetimes india
Font ResizerAa
  • Home
  • Education News
  • Technology
  • Uncategorized
  • India News
  • Science
  • sports
  • Stock Market News
  • Defence News
  • Home
  • Education News
  • Technology
  • Uncategorized
  • India News
  • Science
  • sports
  • Stock Market News
  • Defence News
© All Rights Reserved. Retimes India. Hosted on Elga Cloud Web Hosting Company.
Retimes india > Blog > Technology > भारत और अमेरिका का ऐतिहासिक मिशन: निसार सैटेलाइट से सेंटीमीटर स्तर पर बदलावों पर भी रहेगी नजर
Technology

भारत और अमेरिका का ऐतिहासिक मिशन: निसार सैटेलाइट से सेंटीमीटर स्तर पर बदलावों पर भी रहेगी नजर

Retimes india
Last updated: August 17, 2025 5:53 pm
Retimes india
Share
Historic mission of India and America: Nisar satellite will keep an eye on changes even at the centimeter level
SHARE

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और नासा (NASA) का संयुक्त उपग्रह निसार (NISAR) 30 मार्च को श्रीहरिकोटा से लॉन्च होने जा रहा है। यह दुनिया का पहला ड्यूल-बैंड (L & S बैंड) रडार इमेजिंग सैटेलाइट है, जो सेंटीमीटर स्तर तक के परिवर्तनों को ट्रैक करेगा।

भारत और अमेरिका ने मिलकर एक अत्याधुनिक सैटेलाइट, नासा-इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार (निसार), लॉन्च करने की तैयारी पूरी कर ली है। यह सैटेलाइट 30 जुलाई 2025 को शाम 5:40 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से जीएसएलवी F16 रॉकेट के माध्यम से लॉन्च किया जाएगा। इसरो और नासा के इस संयुक्त प्रयास का उद्देश्य पृथ्वी की सतह की उच्च रिजॉल्यूशन तस्वीरें प्राप्त करना है, जो पर्यावरणीय परिवर्तनों, प्राकृतिक आपदाओं और कृषि निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह मिशन दोनों देशों के लिए एक ऐतिहासिक कदम है, क्योंकि यह पहला मौका है जब इसरो और नासा मिलकर ड्यूल-बैंड रडार सैटेलाइट लॉन्च कर रहे हैं।

निसार क्या है और यह कैसे काम करता है

निसार का पूरा नाम नासा-इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार (NASA-ISRO Synthetic Aperture Radar) है। यह एक अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट है, जो दो प्रकार के रडार बैंड्स – एल-बैंड (25 सेमी वेवलेंथ) और एस-बैंड (10 सेमी वेवलेंथ) – का उपयोग करता है। ये रडार पृथ्वी की सतह और उसकी गहराई तक की उच्च रिजॉल्यूशन तस्वीरें लेने में सक्षम हैं। निसार सन-सिंक्रोनस ऑर्बिट में 750 किमी की ऊंचाई पर पृथ्वी का चक्कर लगाएगा और हर 12 दिन में पूरी पृथ्वी की मैपिंग करेगा। यह सैटेलाइट रेडियो वेव्स के माध्यम से डेटा एकत्र करता है, जो सतह से टकराकर वापस लौटती हैं और तस्वीरें बनाती हैं। इसकी स्वीप SAR तकनीक इसे 250 किमी के क्षेत्र को एक साथ स्कैन करने में सक्षम बनाती है।

निसार के प्रमुख उद्देश्य और लाभ

निसार सैटेलाइट का मुख्य उद्देश्य पृथ्वी की सतह पर होने वाले सूक्ष्म परिवर्तनों को सेंटीमीटर स्तर तक मॉनिटर करना है। इसके प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:

  • प्राकृतिक आपदाओं की भविष्यवाणी: बाढ़, तूफान, भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियों की सटीक निगरानी और पूर्व चेतावनी।
  • ग्लेशियर और समुद्र तल की निगरानी: ग्लेशियर्स के पिघलने और समुद्र तल में वृद्धि का अध्ययन।
  • कृषि और भूमि उपयोग: फसलों की निगरानी और भूमि उपयोग में परिवर्तनों का विश्लेषण।
  • पर्यावरण संरक्षण: कार्बन डाइऑक्साइड के स्तर और पर्यावरणीय परिवर्तनों पर नजर।
    यह सैटेलाइट प्रतिदिन 85 टेराबाइट से अधिक डेटा पृथ्वी पर भेजेगा, जो वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए मुफ्त उपलब्ध होगा, जिससे मानवता की सहायता में योगदान मिलेगा।

सन-सिंक्रोनस ऑर्बिट: निसार की तकनीकी खासियत

निसार को सन-सिंक्रोनस ऑर्बिट (SSO) में स्थापित किया जाएगा, जो पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण और सूर्य की स्थिति के साथ संतुलन बनाए रखता है। यह ऑर्बिट सुनिश्चित करता है कि सैटेलाइट बिना अतिरिक्त ईंधन खर्च किए पृथ्वी के चारों ओर चक्कर लगाए। सोलर पैनल्स इसकी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेंगे, जिससे यह लंबे समय तक कार्य कर सके। इसकी कार्य अवधि लगभग 3 से 5 वर्ष तक होगी।

इसरो और नासा का योगदान

इस मिशन में इसरो और नासा की भूमिका स्पष्ट रूप से परिभाषित है:

  • इसरो: जीएसएलवी रॉकेट, एस-बैंड रडार, डेटा कमांड्स, जीपीएस रिसीवर और सॉलिड स्टेट रिकॉर्डर प्रदान कर रहा है।
  • नासा: एल-बैंड रडार और 12 मीटर व्यास का रिफ्लेक्टिंग एंटीना प्रदान कर रहा है।
    इस मिशन की लागत लगभग 15 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें इसरो का योगदान 800 करोड़ रुपये के आसपास है। यह सहयोग न केवल तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को वैश्विक मान्यता भी दिलाता है।

चुनौतियां और तैयारी

निसार का लॉन्च पहले 2022 में प्रस्तावित था, लेकिन रडार एंटीना में तकनीकी खराबी के कारण इसे स्थगित करना पड़ा। एंटीना को अमेरिका वापस भेजा गया और 2024 में C130 कार्गो विमान के माध्यम से भारत लाया गया। अब सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, और सैटेलाइट को जीएसएलवी रॉकेट पर माउंट कर लिया गया है। लॉन्च के बाद 90 दिनों के भीतर सैटेलाइट के सिस्टम की जांच की जाएगी, जिसके बाद डेटा संग्रह शुरू होगा।

निसार का वैश्विक महत्व

निसार मिशन को “वन मिशन टू वॉच अर्थ” के रूप में जाना जा रहा है। यह सैटेलाइट न केवल भारत और अमेरिका के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है। जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आपदाओं और पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने में यह मिशन वैज्ञानिकों को सटीक और समयबद्ध जानकारी प्रदान करेगा। इसके डेटा का उपयोग वैश्विक शोधकर्ताओं द्वारा पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन के लिए किया जाएगा।

निसार सैटेलाइट भारत और अमेरिका के बीच अंतरिक्ष सहयोग का एक नया अध्याय है। यह मिशन पृथ्वी की निगरानी में क्रांति लाएगा और प्राकृतिक आपदाओं, पर्यावरण परिवर्तनों और कृषि निगरानी में महत्वपूर्ण योगदान देगा। 30 जुलाई 2025 को होने वाला यह लॉन्च भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की ताकत को दर्शाता है और वैश्विक स्तर पर इसरो की बढ़ती साख को रेखांकित करता है।

Subscribe to Our Newsletter
Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!
TAGGED:अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइटइसरो-नासा मिशनग्लेशियर मॉनिटरिंगजीएसएलवी लॉन्चनिसार सैटेलाइटपर्यावरण संरक्षणप्राकृतिक आपदा निगरानीभारत-अमेरिका सहयोगसन-सिंक्रोनस ऑर्बिटसिंथेटिक अपर्चर रडार
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article HuFi: Wi-Fi based surveillance technology that is challenging privacy HuFi: वाई-फाई आधारित निगरानी तकनीक जो गोपनीयता को चुनौती दे रही है
Next Article NALSA Veer Parivar Sahayata Yojana: Historic step for soldiers and their families NALSA वीर परिवार सहायता योजना: सैनिकों और उनके परिवारों के लिए ऐतिहासिक कदम
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Headlines

बिग बॉस 19: सलमान खान के शो का धमाकेदार आगाज, इन सितारों के साथ जानें टाइमिंग और थीम

बिग बॉस 19 का ग्रैंड प्रीमियर 24 अगस्त को, लोकतंत्र की थीम के साथ सलमान…

18 Min Read

प्रयागराज में उत्तर प्रदेश का पहला बायो सीएनजी प्लांट बनेगा

प्रयागराज में स्थापित होने वाला उत्तर प्रदेश का पहला बायोसीएनजी प्लांट। यह न केवल कचरा…

3 Min Read

वियतनाम में 80वें राष्ट्रीय दिवस पर भव्य परेड और रोमांचक विवरण!

वियतनाम अपने 80वें राष्ट्रीय दिवस को धूमधाम से मनाने के लिए तैयार है। 2 सितंबर…

6 Min Read

वायरल ऑडियो ने बढ़ाया मामला बस्ती में बिजली अधिकारी प्रशांत सिंह, ऊर्जा मंत्री के हस्तक्षेप के बाद निलंबित

बस्ती जिले में बिजली कटौती की शिकायत को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है,…

2 Min Read

SSC GD Result 2025 OUT!कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने आज (17 जून 2025) को ssc.gov.in पर GD कांस्टेबल का रिजल्ट जारी

कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने आज 17 जून 2025 को अपनी आधिकारिक वेबसाइट ssc.nic.in पर SSC GD…

2 Min Read

ITR फाइलिंग की डेडलाइन बढ़ेगी या नहीं? टैक्सपेयर्स में क्यों मचा है हड़कंप

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख 15 सितंबर नजदीक है, और टैक्सपेयर्स…

4 Min Read

Windows 12 में आपका कंप्यूटर बनेगा आपका सुपरपॉवर: बोलेगा, सुनेगा और तुरंत समझकर मदद करेगा!

Microsoft की आगामी Windows का विचार बिलकुल अलग होगा: एक ऐसा चैटबॉट जो आवाज़ और…

2 Min Read

ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों के खिलाफ सड़कों पर क्यों उतरे हजारों लोग? कई शहरों में भड़के विरोध प्रदर्शन

ऑस्ट्रेलिया के कई शहरों में रविवार को हजारों लोग सड़कों पर उतरे और आव्रजन विरोधी…

6 Min Read

लखीमपुर खीरी में ईंट भट्ठे पर तेंदुए का हमला: नौजवान घायल, दिखाई बहादुरी

लखीमपुर खीरी के धौरहरा तहसील के बबूरी गांव में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई…

1 Min Read

भारत में फॉरेक्स और क्रिप्टो ट्रेडिंग में टैक्सेशन के नियम

फॉरेक्स और क्रिप्टो ट्रेडिंग आज के समय में भारत में तेजी से लोकप्रिय हो रही…

7 Min Read

You Might Also Like

WhatsApp screen mirroring fraud can empty your bank account, know how to avoid it
Technology

सावधान! व्हाट्सएप स्क्रीन मिररिंग फ्रॉड से आपका बैंक अकाउंट हो सकता है खाली, जानें कैसे बचें

व्हाट्सएप स्क्रीन मिररिंग फ्रॉड एक नया और खतरनाक साइबर अपराध है, जो आपकी मेहनत की कमाई और निजी जानकारी को…

7 Min Read
India has made full preparations to divert the water of Indus river, now Pakistan will not get even a drop The secret of the world's most expensive coffee: Know how 'Kopi Luwak' is made India's semiconductor revolution: $200 million funding for 2nm chip and indigenous GPU
Technology

भारत की सेमीकंडक्टर क्रांति: 2nm चिप और स्वदेशी GPU के लिए 200 मिलियन डॉलर की फंडिंग

भारत सरकार ने स्वदेशी 2 नैनोमीटर (2nm) सेमीकंडक्टर चिप और विश्वस्तरीय ग्राफिक प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) विकसित करने की घोषणा की…

4 Min Read
Jio's Dhamaka! JioSaavn Pro plan worth Rs. 99 now available for just Rs. 9
Technology

जियो का धमाका! 99 रुपये वाला JioSaavn Pro प्लान अब सिर्फ 9 रुपये में, जियो यूजर न हों तब भी मिलेगा फायदा

JioSaavn Pro का सब्सक्रिप्शन अब बेहद कम कीमत पर उपलब्ध। टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। जियो ने अपने म्यूजिक और पॉडकास्ट…

3 Min Read
ChatGPT 5 vs Claude Sonnet: Who won the battle of AI coding
Technology

ChatGPT 5 vs Claude Sonnet: AI कोडिंग की जंग में कौन जीता

क्या हो अगर कोडिंग का भविष्य सिर्फ इंसानी दिमाग पर नहीं, बल्कि AI की जंग पर टिका हो? OpenAI का…

7 Min Read
Retimes india

Popular Category

  • India News
  • Stock Market News
  • Technology
  • Education News

Latest Vews

  • Defence News
  • Education News
  • Science
  • sports

Policy Pages

  • About Us
  • DMCA
  • Term and Conditions
  • Privacy Policy

Get in Touch

  • Contact

© All Rights Reserved. Retimes India. Hosted on Elga Cloud Web Hosting Company.

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?