त्योहारों से पहले सरकार ने ग्राहकों को बड़ी राहत दी है! जीएसटी दरों में कटौती का फायदा अब सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा। सरकार ने सख्त आदेश जारी किया है कि कंपनियों को अपने पुराने और बिना बिके स्टॉक पर नया MRP (मैक्सिमम रिटेल प्राइस) दिखाना होगा। इसके लिए कंपनियां स्टिकर, स्टैंप या प्रिंट का इस्तेमाल कर सकती हैं, लेकिन पुराना MRP भी साफ दिखना चाहिए। यानी हर प्रोडक्ट पर दो MRP—पुराना और नया—दिखाना अनिवार्य होगा।
सरकार का सख्त आदेश
9 सितंबर 2025 को जारी इस आदेश में उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने साफ किया कि निर्माता, पैकर्स और इंपोर्टर्स 31 दिसंबर 2025 तक (या स्टॉक खत्म होने तक) नए दाम लागू कर सकते हैं। कीमत में बदलाव सिर्फ जीएसटी दरों के हिसाब से होगा—न ज्यादा बढ़ाया जा सकता है, न ही मनमानी कमी दिखाई जा सकती है।
कंपनियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि वे कम से कम दो बार अखबारों में विज्ञापन देकर नए दामों की जानकारी दें। साथ ही, डीलरों और सरकारी अधिकारियों को भी इसकी पूरी जानकारी देनी होगी।
क्यों जरूरी था यह कदम
2017 में जीएसटी लागू होने के बाद कई कंपनियों पर आरोप लगे थे कि उन्होंने टैक्स कटौती का फायदा ग्राहकों तक नहीं पहुंचाया। उस समय नेशनल एंटी-प्रॉफिटियरिंग अथॉरिटी (NAA) ने कई कंपनियों पर टैक्स डिमांड लगाई थी। इस बार सरकार ने शुरू से ही सख्ती बरतने का फैसला किया है। नए नियमों के तहत कंपनियों को मजबूरन जीएसटी कटौती का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाना होगा।
ग्राहकों और कंपनियों को क्या फायदा?
- ग्राहकों के लिए: टैक्स कम होने से प्रोडक्ट्स की कीमतें घटेंगी, जिसका सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा।
- पारदर्शिता: दो MRP दिखाने से बाजार में दामों को लेकर कोई भ्रम नहीं रहेगा।
- कंपनियों के लिए: पुराने स्टॉक को नए दामों के साथ बेचने की छूट मिलने से कंपनियों को नुकसान नहीं होगा।
- उपभोक्ता हित: यह नियम ग्राहकों के हितों की रक्षा करेगा और बाजार में पारदर्शिता बढ़ाएगा।
कंपनियों को राहत, त्योहारी सीजन में आसानी
एफएमसीजी कंपनियों के पास पुराने जीएसटी रेट्स के साथ छपे पैक का बड़ा स्टॉक है। खासकर त्योहारी सीजन को देखते हुए गिफ्ट पैक्स का प्रोडक्शन बढ़ाया गया था। अगर पुराने स्टॉक को बिना बदलाव बेचा जाता, तो बाजार में एक ही प्रोडक्ट के दो अलग-अलग दाम हो सकते थे, जिससे ग्राहक और दुकानदार दोनों के लिए उलझन पैदा होती। अब सरकार ने कंपनियों को दिसंबर 2025 तक पुराने स्टॉक को नए दामों के साथ बेचने की छूट दी है।
यह कदम न सिर्फ ग्राहकों के लिए फायदेमंद है, बल्कि कंपनियों को भी स्टॉक मैनेज करने में मदद करेगा। अब जब जीएसटी दरें कम होंगी, तो दुकानों पर प्रोडक्ट्स की कीमतें भी उसी हिसाब से कम होंगी, जिससे त्योहारी सीजन में ग्राहकों की जेब पर बोझ कम होगा।
