क्या आप हवाई अड्डों पर लंबी लाइनों और इमीग्रेशन की झंझट से परेशान हैं? तो अच्छी खबर है! गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को लखनऊ, तिरुअनंतपुरम, त्रिची, कोझिकोड और अमृतसर हवाई अड्डों पर फास्ट ट्रैक इमीग्रेशन-ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम की शुरुआत की। इस सुविधा के साथ अब आपका इमीग्रेशन महज 30 सेकेंड में पूरा हो जाएगा! यह सुविधा पहले से ही दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, कोचीन और अहमदाबाद हवाई अड्डों पर उपलब्ध है।
सिर्फ 30 सेकेंड में इमीग्रेशन, कैसे मिलेगा फायदा
गृह मंत्री अमित शाह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस प्रोग्राम का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि इस सुविधा के तहत रजिस्ट्रेशन कराने के बाद यात्री बिना किसी परेशानी के 30 सेकेंड में इमीग्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। शाह ने सुझाव दिया कि पासपोर्ट और ओसीआई कार्ड जारी करते समय ही इस प्रोग्राम के लिए रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू की जाए, ताकि यात्रियों को बार-बार दस्तावेज जमा करने या फिंगरप्रिंट देने की जरूरत न पड़े।
यह सुविधा भारतीय नागरिकों के साथ-साथ ओसीआई कार्डधारकों के लिए भी उपलब्ध होगी। गृह मंत्रालय की योजना है कि नवी मुंबई और जेवर हवाई अड्डों को बनने के बाद इस प्रोग्राम से जोड़ा जाए। अमित शाह ने कहा, “इस सुविधा से लंबी लाइनों और मैनुअल चेकिंग का झंझट खत्म हो जाएगा। अब यात्री बिना देरी के इमीग्रेशन पूरा कर सकेंगे।”
पिछले साल शुरू हुई इस योजना में अब तक तीन लाख यात्रियों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें से 2.65 लाख ने इसका इस्तेमाल भी किया। गृह मंत्री ने इस संख्या को और बढ़ाने पर जोर दिया।
कैसे ले सकते हैं इस सुविधा का लाभ
इस सुविधा का फायदा उठाने के लिए यात्रियों को एफटीआइ-टीटीपी ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके लिए जरूरी दस्तावेज और अपनी डिटेल्स पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी। रजिस्ट्रेशन के बाद बायोमेट्रिक डेटा विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय या हवाई अड्डे पर लिया जाएगा।
हवाई अड्डे पर प्रक्रिया और भी आसान है:
- यात्री को अपने बोर्डिंग पास को ई-गेट पर स्कैन करना होगा।
- इसके बाद पासपोर्ट स्कैन करना होगा।
- ई-गेट पर बायोमेट्रिक डेटा (जैसे फिंगरप्रिंट) को वेरिफाई किया जाएगा।
- वेरिफिकेशन के बाद ई-गेट अपने आप खुल जाएगा और इमीग्रेशन स्वीकृति मिल जाएगी।
भविष्य की योजनाएं
गृह मंत्रालय की योजना है कि इस सुविधा को और विस्तार दिया जाए। नए हवाई अड्डों, जैसे नवी मुंबई और जेवर, को इस प्रोग्राम से जोड़ा जाएगा। इससे यात्रियों को और भी बेहतर अनुभव मिलेगा।
