वाशिंगटन: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं। उन्होंने दावा किया है कि उनके कार्यकाल के दौरान सात बड़े युद्ध रोके गए, जिनमें भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को कम करने में भी उनकी अहम भूमिका रही। ट्रंप ने अपने इस दावे को न्यूयॉर्क में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान साझा किया, जहां उन्होंने अपनी विदेश नीति की उपलब्धियों का जिक्र किया।
सात युद्धों को रोकने का दावा
ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार ने कई देशों के बीच बढ़ते तनाव को शांत करने में कामयाबी हासिल की। उन्होंने विशेष रूप से भारत और पाकिस्तान के बीच 2019 में हुए तनाव का जिक्र किया, जब दोनों देशों के बीच पुलवामा हमले के बाद स्थिति गंभीर हो गई थी। ट्रंप ने दावा किया कि उनकी मध्यस्थता और कूटनीतिक बातचीत ने दोनों देशों को युद्ध की कगार से वापस लाने में मदद की।
“मैंने सात युद्ध रोके। लोग इस बारे में बात नहीं करते, लेकिन यह सच है। भारत और पाकिस्तान के बीच भी हमने शांति कायम करने में बड़ी भूमिका निभाई,” ट्रंप ने कहा। हालांकि, उन्होंने इस बारे में और विस्तार से जानकारी नहीं दी कि ये सात युद्ध कौन-कौन से थे।
भारत-पाकिस्तान सीजफायर पर जोर
ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच 2021 में हुए सीजफायर समझौते का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की कोशिशों की वजह से दोनों देशों ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर शांति बनाए रखने का फैसला किया। यह समझौता फरवरी 2021 में हुआ था, जब भारत और पाकिस्तान ने संयुक्त बयान जारी कर एलओसी पर युद्धविराम का पालन करने की बात कही थी।
ट्रंप का कहना है कि उनकी टीम ने पर्दे के पीछे से इस समझौते को सफल बनाने में मदद की। हालांकि, भारत और पाकिस्तान ने कभी भी आधिकारिक तौर पर ट्रंप की इस भूमिका की पुष्टि नहीं की।
ट्रंप की विदेश नीति का दावा
अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने अपनी विदेश नीति को “शांति के लिए काम करने वाली नीति” बताया। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में अमेरिका ने कई देशों के बीच मध्यस्थता की और युद्ध जैसे हालात को टाला। ट्रंप ने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाए, जिससे वैश्विक स्तर पर स्थिरता आई।
“हमने दुनिया को सुरक्षित बनाया। मेरे समय में कोई बड़ा युद्ध नहीं हुआ। मैंने जो किया, वो कोई और नहीं कर सकता था,” ट्रंप ने जोर देकर कहा।
क्या है इस दावे की सच्चाई?
ट्रंप के दावों पर कई विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं। कुछ का कहना है कि भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर में अमेरिका की भूमिका सीमित थी, और यह समझौता दोनों देशों की अपनी पहल का नतीजा था। इसके अलावा, ट्रंप ने जिन सात युद्धों का जिक्र किया, उनके बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं दी गई, जिससे उनके दावे पर बहस शुरू हो गई है।
फिलहाल, ट्रंप के इस बयान ने सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोरी है। कुछ लोग उनकी कूटनीति की तारीफ कर रहे हैं, तो कुछ इसे महज एक राजनीतिक बयान बता रहे हैं।
भविष्य में फिर से मध्यस्थता की पेशकश
ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर वो दोबारा सत्ता में आते हैं, तो भारत और पाकिस्तान के बीच स्थायी शांति के लिए और काम करेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच अच्छे रिश्ते पूरे क्षेत्र के लिए फायदेमंद होंगे।
“मैं भारत और पाकिस्तान को एक टेबल पर ला सकता हूं। ये मेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं है,” ट्रंप ने आत्मविश्वास के साथ कहा।
डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे ने एक बार फिर वैश्विक कूटनीति में उनकी भूमिका पर चर्चा शुरू कर दी है। हालांकि, उनके दावों की सच्चाई पर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन यह बयान भारत और पाकिस्तान के बीच शांति की संभावनाओं को फिर से चर्चा में लाया है। क्या ट्रंप वाकई सात युद्ध रोकने में कामयाब रहे थे? यह सवाल अभी भी अनुत्तरित है।
