चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने साफ-साफ कहा है कि चीन के साथ सीमा विवाद का न सुलझना भारत के लिए सबसे बड़ी राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौती है। इसके बाद पाकिस्तान का प्रोक्सी वॉर और भारत को कमजोर करने की उसकी चालबाजी दूसरी सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने परमाणु हथियारों से लैस दुश्मनों से आने वाले खतरे को भी गंभीर बताया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने शुक्रवार को कहा कि चीन के साथ अनसुलझा सीमा विवाद भारत के लिए सबसे बड़ी राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौती है। इसके बाद पाकिस्तान का प्रोक्सी वॉर और उसकी ‘भारत को धीरे-धीरे कमजोर करने की रणनीति’ दूसरी बड़ी समस्या है।
सेना के इस शीर्ष अधिकारी ने क्षेत्रीय अस्थिरता और इसका भारत पर असर, साथ ही तेजी से बदलते माहौल में हाई-टेक हथियारों से लैस भविष्य के युद्ध की तैयारियों को तीसरी और चौथी बड़ी चुनौती बताया।
परमाणु हथियारों वाले दुश्मनों का खतरा
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक कार्यक्रम में जनरल चौहान ने कहा कि परमाणु हथियारों से लैस दो दुश्मनों से निपटना भारत के लिए एक और बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि भारत को किसी भी तरह के पारंपरिक युद्ध के लिए हमेशा तैयार रहना होगा।
जनरल चौहान ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम देने के लिए सशस्त्र बलों को पूरी आजादी दी गई थी। इस ऑपरेशन का मकसद सिर्फ पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेना नहीं था, बल्कि सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ एक सख्त “लाल रेखा” खींचना भी था।
ऑपरेशन सिंदूर में NSA की अहम भूमिका
अपनी पहली सार्वजनिक टिप्पणी में CDS ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर की योजना और उसे लागू करने में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) ने अहम भूमिका निभाई। इसमें लक्ष्य चुनना, सैनिकों की तैनाती, तनाव कम करने का तरीका और कूटनीति का इस्तेमाल शामिल था।
उन्होंने कहा, “NSA ने जो दिशा-निर्देश दिए, उनमें लक्ष्य का चयन, सैनिकों की तैनाती (संख्या और समय के हिसाब से), बिना तनाव बढ़ाए कार्रवाई करना, तनाव कम करने का ढांचा और कूटनीति का इस्तेमाल शामिल था।”
पाकिस्तान को लेकर क्या बोले जनरल
जनरल चौहान ने अपने भाषण में भारत के सामने मौजूद राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तार से बात की।
उन्होंने कहा, “चीन के साथ सीमा विवाद को मैं सबसे बड़ी चुनौती मानता हूं। दूसरी बड़ी चुनौती है पाकिस्तान का भारत के खिलाफ छेड़ा गया प्रोक्सी वॉर। पाकिस्तान की रणनीति हमेशा से यही रही है कि वह छोटे-छोटे हमलों से भारत को कमजोर करता रहे। इसका मतलब है कि नियमित अंतराल पर भारत को नुकसान पहुंचाना और देश में अशांति का माहौल बनाए रखना।”
पांचवीं चुनौती पर क्या बोले जनरल चौहान
पांचवीं चुनौती के बारे में CDS ने कहा, “हमारे दोनों दुश्मन परमाणु हथियारों से लैस हैं। यह हमारे लिए एक बड़ी चुनौती है कि हम उनसे निपटने के लिए किस तरह का पारंपरिक युद्ध लड़ेंगे और कैसे ऑपरेशन करेंगे।”
