भारतीय वायुसेना ने एक बार फिर अपनी ताकत का लोहा मनवाया है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने 300 किलोमीटर की दूरी से पाकिस्तान के एक बड़े सैन्य विमान को मार गिराया, जो सतह से हवा में मार करने का विश्व का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने इस बात की पुष्टि की और बताया कि इस ऑपरेशन में पांच पाकिस्तानी लड़ाकू विमान और एक निगरानी विमान ढेर किए गए। यह खबर न सिर्फ भारत की सैन्य ताकत को दर्शाती है, बल्कि पाकिस्तान को भी साफ संदेश देती है कि भारत हर चुनौती का जवाब देने को तैयार है।
ऑपरेशन सिंदूर में भारत की बड़ी कामयाबी
एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने बेंगलुरु में आयोजित 16वें एयर चीफ मार्शल एलएम कात्रे स्मृति व्याख्यान में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 7 मई, 2025 को शुरू हुए इस ऑपरेशन में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में नौ आतंकी ठिकानों पर हमला किया। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब थी, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। चार दिनों तक चली इस सैन्य कार्रवाई में भारत ने 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया और पाकिस्तान के हवाई बेड़े को भारी नुकसान पहुंचाया। सिंह ने बताया कि पांच लड़ाकू विमानों के साथ-साथ एक बड़ा विमान, जो शायद AWACS (एयरबोर्न वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम) या ELINT विमान था, 300 किलोमीटर की दूरी से ढेर किया गया। यह उपलब्धि भारत के S-400 डिफेंस सिस्टम की ताकत को दिखाती है, जिसने इस ऑपरेशन में गेम चेंजर की भूमिका निभाई।
पाकिस्तान को हुआ भारी नुकसान
भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर में न सिर्फ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, बल्कि पाकिस्तान के हवाई अड्डों, रडार साइट्स और कमांड सेंटरों पर भी सटीक हमले किए। सिंह ने सैटेलाइट तस्वीरें और खुफिया जानकारी दिखाते हुए बताया कि जैश-ए-मोहम्मद के बहावलपुर मुख्यालय और लश्कर-ए-तैयबा के मुरिदके कैंप को नष्ट किया गया। सुक्कुर, भोलारी और जैकोबाबाद जैसे हवाई अड्डों पर हमले किए गए, जहां F-16 हैंगर का आधा हिस्सा तबाह हो गया। सिंह ने कहा कि हमलों में आसपास की इमारतों को नुकसान नहीं हुआ, जो भारत की सटीकता और पेशेवर रवैये को दर्शाता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस ऑपरेशन में ब्रह्मोस क्रूज मिसाइलों, ड्रोन्स और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध उपकरणों का इस्तेमाल किया गया।
पाकिस्तान ने झूठ बोला, भारत ने सबूत पेश किए
भारत के इस दावे के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उनका कोई भी विमान नष्ट नहीं हुआ। उन्होंने भारत के दावों को “असंभावित और गलत समय पर उठाया गया” बताया और स्वतंत्र जांच की मांग की। हालांकि, एयर चीफ मार्शल सिंह ने साफ कहा कि भारत के पास सैटेलाइट तस्वीरें, हथियारों से ली गई वीडियो फुटेज और स्थानीय मीडिया की तस्वीरें हैं, जो ऑपरेशन की सफलता को साबित करते हैं। उन्होंने कहा कि इस बार बालाकोट हमले जैसा कोई विवाद नहीं होगा, क्योंकि भारत के पास पुख्ता सबूत हैं। सिंह ने यह भी बताया कि 80-90 घंटों की इस हाई-टेक जंग में भारत ने इतना नुकसान पहुंचाया कि पाकिस्तान को बातचीत की मेज पर आना पड़ा। 10 मई को दोनों देशों ने सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनाई।
S-400 और राजनीतिक इच्छाशक्ति ने बनाया फर्क
सिंह ने ऑपरेशन की सफलता का श्रेय S-400 डिफेंस सिस्टम, तीनों सेनाओं के बीच तालमेल और सरकार की मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति को दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने सेना को पूरी छूट दी थी और कोई पाबंदी नहीं लगाई गई। ऑपरेशन को सावधानी से नियोजित किया गया ताकि यह आतंकी ठिकानों तक सीमित रहे और अनावश्यक बढ़त न हो। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) ने भी इस ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई। सिंह ने बताया कि पाकिस्तानी विमानों को भारत की सीमा में घुसने से रोका गया और S-400 ने उनकी लंबी दूरी की मिसाइलों को नाकाम कर दिया।
पाकिस्तान को मिला सख्त संदेश
ऑपरेशन सिंदूर ने न सिर्फ भारत की सैन्य ताकत दिखाई, बल्कि यह भी साबित किया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रहा है। सिंह ने कहा कि इस ऑपरेशन ने बालाकोट हमले के “भूत” को खत्म कर दिया, क्योंकि इस बार भारत ने दुनिया को अपनी उपलब्धियों के सबूत दिखाए। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के दावों के बावजूद, भारत की यह कार्रवाई साफ बताती है कि भारत हर चुनौती का जवाब देने को तैयार है।
