बिहार के नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव एक नए विवाद में फंस गए हैं। उनके पास दो EPIC नंबर होने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है, और अब चुनाव आयोग इसकी गहराई से जांच कर रहा है। अगर दूसरा EPIC नंबर फर्जी साबित हुआ, तो तेजस्वी के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। आइए, इस पूरे मामले को आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर माजरा क्या है।
तेजस्वी यादव के पास दो EPIC नंबर
शनिवार को पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने मतदाता सूची में अपना नाम खोजा, लेकिन वह नहीं मिला। इस बयान ने बिहार की सियासत में भूचाल ला दिया। लेकिन जवाब में चुनाव आयोग और जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने तुरंत सफाई दी कि तेजस्वी का नाम मतदाता सूची में मौजूद है।
इसके बाद मामला तब और गर्म हो गया, जब पता चला कि तेजस्वी के पास एक नहीं, बल्कि दो EPIC (इलेक्टोरल फोटो आइडेंटिटी कार्ड) नंबर हो सकते हैं। इस खुलासे ने सियासी हलचल को और तेज कर दिया, और अब चुनाव आयोग इसकी तहकीकात में जुट गया है।
तेजस्वी के दावों को आयोग ने बताया भ्रामक
चुनाव आयोग ने तेजस्वी के 10 सवालों को फैक्ट-चेक किया और उन्हें भ्रामक करार दिया। आयोग ने कहा कि ड्राफ्ट मतदाता सूची सभी राजनीतिक दलों के साथ साझा की गई है, और दावे व आपत्तियों के लिए 1 अगस्त से 1 सितंबर 2025 तक का समय दिया गया है। आयोग ने यह भी साफ किया कि तेजस्वी का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में सीरियल नंबर 416 पर दर्ज है।
दो EPIC नंबर पर बवाल
चुनाव आयोग के मुताबिक, तेजस्वी यादव ने 2020 के विधानसभा चुनाव में अपने शपथ पत्र में EPIC नंबर RAB0456228 का इस्तेमाल किया था। यह नंबर 2015 से उनके नाम से जुड़ा है और 1 अगस्त 2025 की ड्राफ्ट मतदाता सूची में भी यही नंबर दर्ज है।
लेकिन, तेजस्वी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक दूसरा EPIC नंबर (RAB2916120) बताया, जिसकी जांच में आयोग को कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। आयोग का कहना है कि यह नंबर शायद कभी जारी ही नहीं हुआ। अब सवाल यह है कि क्या यह नंबर फर्जी है?
चुनाव आयोग की जांच में क्या मिला
चुनाव आयोग ने पिछले 10 साल के रिकॉर्ड खंगाले, लेकिन दूसरे EPIC नंबर का कोई दस्तावेज नहीं मिला। ECI सूत्रों के मुताबिक, “यह बहुत संभव है कि दूसरा EPIC नंबर आधिकारिक रूप से कभी जारी ही न हुआ हो।” अगर यह नंबर फर्जी साबित होता है, तो तेजस्वी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है, जो उनके लिए बड़ा सियासी और कानूनी संकट खड़ा कर सकता है।
तेजस्वी के दावे को किया खारिज
चुनाव आयोग ने तेजस्वी के उस दावे को भी सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है। आयोग ने दो टूक कहा कि उनका नाम ड्राफ्ट सूची में मौजूद है, और उनके पास वैध EPIC नंबर भी है। आयोग ने तेजस्वी से अनुरोध किया कि वो सूची को ध्यान से देखें।
अब क्या होगा असर
अगर जांच में दूसरा EPIC नंबर फर्जी पाया जाता है, तो तेजस्वी यादव के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बीजेपी ने इस मुद्दे को लपक लिया है और तेजस्वी पर हमला तेज कर दिया है। बीजेपी नेता अमित मालवीया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ड्राफ्ट मतदाता सूची का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए तेजस्वी के दावे को झूठा बताया।
चुनाव आयोग ने साफ संकेत दिए हैं कि इस मामले की गहन जांच होगी। तेजस्वी यादव ने अभी तक इस नए विवाद पर कोई ताजा बयान नहीं दिया है। क्या यह मामला बिहार की सियासत में नया तूफान लाएगा? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं!
