Retimes india
  • Home
  • Education News
  • Technology
  • Uncategorized
  • India News
  • Science
  • sports
  • Stock Market News
  • Defence News
Reading: सुप्रीम कोर्ट की कांच की दीवार विवाद: ₹2.68 करोड़ की बर्बादी और प्रशासनिक स्थिरता पर सवाल
Share
Retimes indiaRetimes india
Font ResizerAa
  • Home
  • Education News
  • Technology
  • Uncategorized
  • India News
  • Science
  • sports
  • Stock Market News
  • Defence News
  • Home
  • Education News
  • Technology
  • Uncategorized
  • India News
  • Science
  • sports
  • Stock Market News
  • Defence News
© All Rights Reserved. Retimes India. Hosted on Elga Cloud Web Hosting Company.
Retimes india > Blog > Uncategorized > सुप्रीम कोर्ट की कांच की दीवार विवाद: ₹2.68 करोड़ की बर्बादी और प्रशासनिक स्थिरता पर सवाल
Uncategorized

सुप्रीम कोर्ट की कांच की दीवार विवाद: ₹2.68 करोड़ की बर्बादी और प्रशासनिक स्थिरता पर सवाल

Retimes india
Last updated: July 20, 2025 3:09 pm
Retimes india
Share
SHARE

सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में एक अनूठा विवाद तब सामने आया जब मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ के कार्यकाल में लगाई गई कांच की दीवार (पार्टिशन) को उनके उत्तराधिकारी सीजेआई बी. आर. गवई ने हटवा दिया। यह पूरा घटनाक्रम महज एक साल के भीतर घटित हुआ, जिसमें 2.6 करोड़ रुपये के निर्माण और 8 लाख रुपये के विध्वंस का खर्च सामने आया।

सुप्रीम कोर्ट के परिसर में तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ द्वारा 2022 में शुरू की गई कांच की दीवार परियोजना को एक साल से कम समय में हटा दिया गया। इस प्रक्रिया में करदाताओं के ₹2.68 करोड़ खर्च हुए, जिसमें दीवारें लगाने में ₹2.59 करोड़ और हटाने में ₹8.63 लाख का खर्च शामिल है। आज तक के पत्रकार अशोक कुमार उपाध्याय की आरटीआई से इस खर्च का खुलासा हुआ। यह घटना न केवल संसाधनों की बर्बादी को दर्शाती है, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के प्रशासनिक फैसलों की स्थिरता पर भी सवाल उठाती है। इस लेख में हम इस विवाद के कारणों, इसके प्रभाव, और इसके पीछे की कहानी का विस्तृत विश्लेषण करेंगे।

कांच की दीवार परियोजना और इसका खर्च

नवंबर 2022 में, CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट परिसर को आधुनिक बनाने के लिए कई कदम उठाए, जिनमें से एक था पहली पांच अदालतों के बाहर ऐतिहासिक कॉरिडोर में कांच की दीवारें लगवाना। इसका उद्देश्य सेंट्रलाइज्ड एयर कंडीशनिंग को बेहतर करना और परिसर को आरामदायक बनाना था। इस परियोजना का ठेका सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (CPWD) की ई-टेंडर प्रणाली के माध्यम से मेसर्स बीएम गुप्ता एंड सन्स को दिया गया। आरटीआई के अनुसार, दीवारें लगाने में ₹2,59,79,230 का खर्च आया। हालांकि, एक साल से भी कम समय में इन्हें हटाने का फैसला लिया गया, जिस पर ₹8,63,700 का अतिरिक्त खर्च हुआ। इस तरह, कुल ₹2.68 करोड़ का खर्च करदाताओं के पैसे से वहन किया गया।

वकीलों का विरोध और व्यावहारिक चुनौतियां

कांच की दीवारों की स्थापना का सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) और सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) ने तीव्र विरोध किया। वकीलों का कहना था कि इन दीवारों ने कॉरिडोर की चौड़ाई को काफी कम कर दिया, जिससे एक कोर्ट से दूसरी कोर्ट तक पहुंचना मुश्किल हो गया और भीड़भाड़ की स्थिति पैदा हुई। सबसे बड़ा मुद्दा यह था कि कोर्ट के दैनिक कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वकीलों से बिना किसी परामर्श के यह फैसला लिया गया। इस निर्णय को वकील समुदाय पर थोपा गया माना गया, जिससे असंतोष बढ़ा।

नए CJI का निर्णय: मूल स्वरूप की बहाली

CJI डीवाई चंद्रचूड़ के रिटायरमेंट के बाद, नए CJI संजीव खन्ना के कार्यकाल में इस मुद्दे पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि, जून 2025 में जस्टिस बीआर गवई के 51वें CJI के रूप में कार्यभार संभालने के बाद स्थिति बदल गई। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को उसके मूल ऐतिहासिक स्वरूप में लौटाने का संकल्प लिया। फुल कोर्ट की बैठक में सभी जजों ने सर्वसम्मति से कांच की दीवारें हटाने का फैसला किया। इसके बाद, कॉरिडोर को पहले की तरह खुला और ऐतिहासिक बनावट में बहाल कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने इसे सामूहिक निर्णय के रूप में प्रस्तुत किया।

लोगो और अन्य बदलावों का उलटना

कांच की दीवारें हटाना ही एकमात्र बदलाव नहीं था। CJI गवई ने सुप्रीम कोर्ट के लोगो को भी उसके मूल स्वरूप में बहाल किया, जिसमें भारत का राजचिह्न केंद्र में होता है। यह लोगो सितंबर 2024 में CJI चंद्रचूड़ के कार्यकाल में बदला गया था। इस तरह, नए CJI ने कई प्रशासनिक फैसलों को उलट दिया, जिससे संसाधनों की बर्बादी के साथ-साथ प्रशासनिक निरंतरता पर सवाल उठे।

न्यायपालिका की स्थिरता पर प्रभाव

हर नए CJI के कार्यकाल में सुप्रीम कोर्ट के परिसर और कामकाज में बदलाव देखने को मिलते हैं। हालांकि, जब अगले CJI इन फैसलों को उलट देते हैं, तो यह न केवल करदाताओं के पैसे की बर्बादी का कारण बनता है, बल्कि न्यायपालिका की प्रशासनिक स्थिरता पर भी सवाल खड़े करता है। कांच की दीवारों का यह प्रकरण इस बात का उदाहरण है कि बिना व्यापक परामर्श के लिए गए निर्णय दीर्घकालिक नहीं रह पाते। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे ने व्यापक चर्चा हासिल की, जहां लोगों ने इसे संसाधनों की बर्बादी और प्रशासनिक अस्थिरता के रूप में देखा।

करदाताओं के पैसे का दुरुपयोग

सुप्रीम कोर्ट का बुनियादी ढांचा केंद्रीय बजट से संचालित होता है, जो करदाताओं के पैसे से आता है। ₹2.68 करोड़ की लागत, जो महज एक साल में खर्च हुई, ने जनता में असंतोष पैदा किया। यह राशि कांच की दीवारों के निर्माण और हटाने में खर्च हुई, जो बिना ठोस परामर्श के लिए गए फैसले का परिणाम थी। यह प्रकरण इस बात को रेखांकित करता है कि सार्वजनिक धन का उपयोग कितनी सावधानी से किया जाना चाहिए।

स्थिर और विचारशील प्रशासन की जरूरत

सुप्रीम कोर्ट में कांच की दीवारों का बनना और हटना एक महत्वपूर्ण उदाहरण है कि कैसे बिना हितधारकों के परामर्श के लिए गए फैसले संसाधनों की बर्बादी का कारण बन सकते हैं। CJI डीवाई चंद्रचूड़ का आधुनिकीकरण का प्रयास स्वागत योग्य था, लेकिन वकीलों की अनदेखी इसकी असफलता का कारण बनी। CJI बीआर गवई द्वारा मूल स्वरूप की बहाली सुप्रीम कोर्ट की ऐतिहासिक गरिमा को बनाए रखने का कदम है, लेकिन यह घटना न्यायपालिका में दीर्घकालिक और स्थिर प्रशासनिक नीतियों की आवश्यकता को उजागर करती है। आप इस मुद्दे पर क्या सोचते हैं? अपनी राय कमेंट सेक्शन में जरूर साझा करें। इस जानकारी को शारदा यूनिवर्सिटी के सहयोग से हमारे इंटर्न आयुष प्रजापति ने संकलित किया है।

Subscribe to Our Newsletter
Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!
TAGGED:BR GavaiDY Chandrachudglass walljudiciary stabilityRTISupreme CourtSupreme Court Bar Associationtaxpayers' money
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article रिलायंस इंडस्ट्रीज के Q1 नतीजे: 78% की शानदार उछाल, निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत
Next Article सेकंड हैंड डीलर्स के पास नई गाड़ियां कहाँ से आयी : क्या है रहस्य और क्या हैं जोखिम
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Headlines

हैदराबाद में श्री विद्या महायज्ञ: 10 करोड़ मंत्रों के साथ विश्व शांति की कामना

स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी के नेतृत्व में हैदराबाद में शुरू हुआ श्री विद्या दस कोटि कुमकुमार्चन…

4 Min Read

नमक का अधिक सेवन आप के जीवन में ला सकती है , एक साइलेंट महामारी

ICMR और WHO की हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय औसतन 11 ग्राम नमक प्रतिदिन खा…

3 Min Read

EPFO Big Update: 15 लाख रुपये की राहत! जानें किन कर्मचारियों के परिवार को मिलेगा ये लाभ, चेक करें आपकी पात्रता

“ईपीएफओ ने डेथ रिलीफ फंड के तहत एक्स-ग्रेशिया राशि को 8.8 लाख से बढ़ाकर 15…

3 Min Read

T-20 में नेपाली लायंस ने वेस्टइंडीज को 19 रन से हराया, 180 मैचों बाद टेस्ट टीम पर पहली धमाकेदार जीत

नेपाल क्रिकेट टीम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ शारजाह में खेले गए तीन मैचों की टी20…

4 Min Read

TMC सांसद महुआ मोइत्रा की बढ़ी मुश्किल! अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद दर्ज हुई शिकायत

तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा एक बार फिर विवादों में घिर गई हैं।…

4 Min Read

भारत अमेरिका पर लगाएगा डिजिटल टैक्स ट्रंप प्रशासन हुआ परेशान

भारत ने एक ऐसी रणनीति अपनाई है जो न केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर…

6 Min Read

भारत-चीन संबंधों में नई गति: जयशंकर की चीन यात्रा के प्रमुख बिंदु

सीमा विवाद के बावजूद कूटनीतिक प्रगति भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की हालिया चीन…

2 Min Read

‘भारत हमें टैरिफ से लूट रहा!’ ट्रंप का तीखा हमला, भारत-अमेरिका व्यापार पर दिया बड़ा बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने…

3 Min Read

5 साल में ₹1 लाख को ₹4-6 लाख बनाने वाले टॉप 10 इक्विटी म्यूचुअल फंड्स

अगर आपने 5 साल पहले सिर्फ ₹1 लाख का निवेश कुछ चुनिंदा इक्विटी म्यूचुअल फंड्स…

3 Min Read

ताइवान ने भारत से मांगा D4 एंटी-ड्रोन सिस्टम, चीन की बढ़ी परेशानी

नई दिल्ली। भारतीय रक्षा क्षेत्र के लिए यह एक बड़ी खबर है। ताइवान ने औपचारिक…

5 Min Read

You Might Also Like

बिग बॉस 19: सलमान खान के शो का धमाकेदार आगाज, इन सितारों के साथ जानें टाइमिंग और थीम

बिग बॉस 19 का ग्रैंड प्रीमियर 24 अगस्त को, लोकतंत्र की थीम के साथ सलमान खान लाएंगे नया तड़का, जानें…

18 Min Read

Biological clockऔर Health: एसिडिटी, उपवास, और ऑटोफैजी का प्रभाव

जैव घड़ी और स्वास्थ्य: एसिडिटी, उपवास, और ऑटोफैजी का प्रभाव - Retimes India हमारी जैव घड़ी क्या है? हमारे शरीर…

9 Min Read

बिग बॉस 19: मृदुल-नतालिया का रोमांस हुआ वायरल, सलमान खान के सामने दिखाया जबरदस्त डांस

पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 19' इन दिनों खूब चर्चा में है। शो को शुरू हुए अभी चंद दिन ही…

2 Min Read
Sensational scam in UP: One person worked in 6 districts, Akhilesh trapped while cornering Yogi
Uncategorized

UP में सनसनीखेज घोटाला: एक शख्स ने 6 जिलों में की नौकरी, योगी को घेरते-घेरते फंसे अखिलेश

उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी के नाम पर एक हैरान करने वाला घोटाला सामने आया है। अर्पित सिंह नाम के…

3 Min Read
Retimes india

Popular Category

  • India News
  • Stock Market News
  • Technology
  • Education News

Latest Vews

  • Defence News
  • Education News
  • Science
  • sports

Policy Pages

  • About Us
  • DMCA
  • Term and Conditions
  • Privacy Policy

Get in Touch

  • Contact

© All Rights Reserved. Retimes India. Hosted on Elga Cloud Web Hosting Company.

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?