डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नेपाल में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ शुरू हुआ Gen-Z का आंदोलन अब एक बड़े सियासी तूफान में बदल चुका है। लाखों युवा सड़कों पर उतर आए, संसद भवन में घुस गए और सुरक्षाबलों से उनकी तीखी झड़प हुई। हालात इतने बेकाबू हो गए कि काठमांडू की सड़कों पर सेना उतारनी पड़ी और कई शहरों में कर्फ्यू लगाना पड़ा। इस हिंसक आंदोलन में 19 लोगों की जान चली गई, लेकिन प्रदर्शनकारी डटे रहे। उनकी मांग थी कि प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली इस्तीफा दें। आखिरकार, मंगलवार को जब युवाओं ने पीएम ऑफिस में घुसने की कोशिश की, तो ओली ने इस्तीफा दे दिया। अब प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि काठमांडू के मेयर बालेंद्र शाह नेपाल की कमान संभालें।
कौन हैं बालेंद्र शाह
बालेंद्र शाह, जिन्हें उनके समर्थक प्यार से ‘बालेन’ कहते हैं, काठमांडू मेट्रोपॉलिटन सिटी के मेयर हैं। 1990 में काठमांडू में जन्मे बालेंद्र ने पहले नेपाल से सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की। इसके बाद वे भारत आए और कर्नाटक के बेलगावी में विश्वेश्वरैया प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर्स डिग्री ली।
लेकिन इंजीनियरिंग के साथ-साथ बालेंद्र नेपाल के अंडरग्राउंड हिप-हॉप सीन में भी एक जाना-माना नाम थे। एक रैपर और गीतकार के तौर पर उन्होंने अपने गानों में भ्रष्टाचार और सामाजिक असमानता जैसे मुद्दों को बेबाकी से उठाया। उनकी यह बेबाकी ही उन्हें जनता के दिलों में बसाने वाली थी।
मेयर चुनाव में रचा इतिहास
2022 में बालेंद्र शाह ने काठमांडू मेयर चुनाव में स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर हिस्सा लिया। किसी बड़े राजनीतिक दल का समर्थन न होने के बावजूद उन्होंने 61,000 से ज्यादा वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की और कई दिग्गज नेताओं को धूल चटाई। उनकी इस जीत को नेपाल की सियासत में एक नए युग की शुरुआत माना गया।
बालेंद्र शाह ने सबीना काफले से शादी की है और सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते हैं। वे जनता के मुद्दों पर खुलकर बात करते हैं और हमेशा लोगों से जुड़े रहते हैं। जब Gen-Z आंदोलन शुरू हुआ, तब बालेंद्र ने इसका खुलकर समर्थन किया, हालांकि उम्र की सीमा की वजह से वे खुद प्रदर्शनों में शामिल नहीं हो सके।
सोशल मीडिया पर क्यों ट्रेंड कर रहे बालेन
Gen-Z आंदोलन में शामिल होने के लिए 28 साल से कम उम्र के युवाओं को बुलाया गया था, जबकि बालेंद्र 35 साल के हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “यह रैली Gen-Z का एक स्वतःस्फूर्त आंदोलन है, जिसके लिए मैं शायद बूढ़ा लग सकता हूँ। मैं उनकी आकांक्षाओं और सोच को समझना चाहता हूँ। राजनीतिक दल और नेता इस आंदोलन का गलत फायदा न उठाएँ।”
जब सोमवार देर रात सरकार ने प्रदर्शनकारियों के दबाव में सोशल मीडिया बैन हटाया, तो युवाओं ने ऑनलाइन अपनी आवाज और बुलंद की। इसके बाद बालेंद्र शाह सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगे। कई यूजर्स ने उनसे देश की कमान संभालने की अपील की। ओली के इस्तीफे के बाद अब कयास लगाए जा रहे हैं कि बालेंद्र शाह को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया जा सकता है।
