मुंबई और कोलकाता की सड़कों पर चलते हुए अगर आप एक कपल देखें, जहां औरत थोड़ी बड़ी लगे और आदमी जवान, तो क्या सोचेंगे? समाज तो तुरंत ताने कसने लगेगा- ‘मां-बेटा लगते हो!’ लेकिन दो ऐसी महिलाओं ने उम्र के फासले को ठेंगा दिखा दिया। एक ने 56 की उम्र में 20 साल छोटे लड़के से प्यार किया, तो दूसरी ने अपने स्टूडेंट से। विरोध, ताने, मजाक… सब झेला, लेकिन प्यार की जीत हुई। आइए सुनें गीता और अरुणिमा की दिल छू लेने वाली कहानियां।
गीता की जिंदगी में तलाक ने ऐसा तूफान ला दिया कि वो डिप्रेशन की गिरफ्त में आ गईं। 60 साल की उम्र में मुंबई लौटीं, जहां एक कुत्तों के टीकाकरण कैंप ने उनकी किस्मत बदल दी। वहां मिले निखिल से। वो लड़का, जो फेसबुक पर गीता को फॉलो करता था, धीरे-धीरे उनके घर आने लगा। देखभाल करता, प्यार जताता। गीता भी उसकी केयर से पिघल गईं। एक दिन निखिल ने मां-बाप से कहा- ‘मैं गीता से शादी करूंगा।’ लेकिन उम्र का 20 साल का गैप देखकर सब हिल गए।
गीता के मां-बाप ने निखिल को खूब समझाया- ‘उम्र में इतना फर्क, ये रिश्ता चलेगा कैसे?’ निखिल के घरवालों को तो गीता के बारे में कुछ पता ही नहीं था। जब बताया, तो मां ने कहा- ‘सोचो, रिश्तेदार क्या कहेंगे? बदनामी हो जाएगी।’ निखिल जिद पर अड़ा रहा। लंच पर गीता को घर बुलाया, मां-बाप हैरान। अलग कमरे में ले जाकर मां ने पूछा- ‘अगर तुम्हारी जगह होती तो क्या करती?’ गीता ने साफ कहा- ‘मैं भी विरोध करती।’ लेकिन प्यार ने सब कुछ बदल दिया।
शादी तय हुई, लेकिन ताने रुके नहीं। सोशल मीडिया पर लिखा- ‘बूढ़ी आंटी ने पूजा-पाठ की उम्र में शादी कर ली।’ रास्ते में लोग चिढ़ाते- ‘देखो, मां-बेटा जा रहे।’ निखिल का भाई मजाक उड़ाता- ‘भाभी कहूं या बुआ?’ दोस्तों ने कहा- ‘पैसे के लिए की होगी शादी।’ कोई बोला- ‘जादू-टोना किया होगा।’ लेकिन 11 दिसंबर 2020 को कोर्ट में शादी हो गई। रजिस्ट्रार ऑफिस में निखिल के मां-बाप आ धमके, आशीर्वाद दिया। घर लौटीं तो फूलों की सजावट देख आंसू आ गए।
आज पांच साल बाद गीता कहती हैं- ‘ससुराल में सब प्यार करते हैं। उम्र कभी मुद्दा नहीं बनी।’ सोशल मीडिया पर अब लोग टिप्स मांगते हैं- ‘कैसे रखें रिश्ता मजबूत?’ निखिल बताते हैं- ‘मां ने कहा था, पागल हो गया है तू। मनोचिकित्सक को दिखा।’ उनका तलाक भी उसी वक्त हो रहा था, घरवालों को डर था कि ये रिश्ता भी न टूट जाए। लेकिन आज सब स्वीकार कर चुके। रिश्तेदार अभी भी ताने मारते हैं, लेकिन कपल खुश है।
दूसरी कहानी कोलकाता की अरुणिमा बोस राठी की। वो आकाश को ट्यूशन पढ़ाती थीं- SAP और क्वांटम फिजिक्स। एक ही सोसाइटी में रहते थे, खिड़कियां आमने-सामने। आकाश नोटबुक में चिट्ठियां छिपाकर लाता। प्यार पनप गया, लेकिन 9 साल का उम्र गैप फिर आड़े आया। अरुणिमा की मां को चिट्ठी मिली, रो पड़ीं। पापा को पता चला तो घर में बवाल। आकाश को घर आने से रोक दिया। सुबह की दौड़ें बंद। आकाश के घर में भी तूफान- ‘9 साल बड़ी लड़की से शादी? नामुमकिन!’
मोहल्ले वाले ताने मारने लगे- ‘आकाश दीदी को क्यों नहीं कहता?’ लेकिन प्यार ने हार नहीं मानी। अरुणिमा ने मां को मना लिया। शादी तय की। बारात में मोहल्ले वाले आए, गिफ्ट देते हुए बोले- ‘हिम्मत की दाद!’ लेकिन आकाश के घर से कोई नहीं। शादी के बाद सोशल मीडिया पर ‘एज-गैप कपल’ बन गए। वीडियो बनाते हैं- ‘उम्र रिश्ते में मायने नहीं रखती।’ लोग तारीफ करते हैं, कहते हैं- ‘जागरूक करो लोगों को।’ लेकिन कुछ बुरे कमेंट आते हैं- ‘फर्जी ज्ञान मत दो।’
आकाश के आस-पास वाले चिढ़ाते हैं- ‘दीदी से शादी कर ली।’ कोई ‘बेबी बॉय विद आंटी’ कहता, कोई ‘मां-बेटा’। अरुणिमा पूछती हैं- ‘लड़की छोटी हो तो नॉर्मल, बड़ी हो तो क्यों नहीं?’ आकाश कहते हैं- ‘समाज की पुरानी सोच बदलनी होगी। आज लड़कियां फैसले ले सकती हैं।’ शादी को सात महीने हो चुके। मतभेद होते हैं तो बातचीत से सुलझाते। सास दोस्त जैसी, मां-बाप अब अरुणिमा की बात ज्यादा मानते।
ये कहानियां बताती हैं कि प्यार उम्र की सीमाओं से परे है। समाज ताने कसेगा, लेकिन अगर दिल मान जाए तो सब संभव।
