दक्षिण राजस्थान का जनजातीय इलाका बांसवाड़ा ऊर्जा के मैदान में धमाल मचाने को तैयार है। माही नदी के किनारे बनने वाला माही बांसवाड़ा परमाणु विद्युत संयंत्र राजस्थान का सबसे बड़ा बिजलीघर बनेगा। इसका शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर करेंगे। ये प्रोजेक्ट न सिर्फ राजस्थान बल्कि पूरे देश की बिजली जरूरतों को नई ताकत देगा। आइए, ग्राफिक्स की मदद से समझते हैं इस मेगा प्रोजेक्ट की पूरी डिटेल।
परियोजना आधुनिक तकनीक से लैस होगी। भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम (NPCIL) की मदद से बनेगी ये प्लांट सुरक्षा और प्रोडक्शन दोनों में टॉप क्लास होगा। यहां 700-700 मेगावाट के चार रिएक्टर लगेंगे, जो देश के अब तक के बड़े परमाणु प्लांट्स में शुमार होंगे। रोजाना 2800 मेगावाट बिजली पैदा होगी।
सुरक्षा को लेकर कोई चूक नहीं। रिएक्टर बिल्डिंग के विशाल गुंबद (डोम) में दोहरी दीवारें होंगी, बीच में एक मीटर का गैप हवा के दबाव और इमरजेंसी को कंट्रोल करने के लिए। इतना मजबूत कि दुर्ग से भी ज्यादा सेफ माना जा रहा। मिसाइल अटैक का भी असर न होगा। यूरेनियम से नाभिकीय विखंडन से बिजली बनेगी।
रावतभाटा से आगे निकलेगा ये प्लांट। राजस्थान का मौजूदा रावतभाटा परमाणु स्टेशन 2500 मेगावाट बिजली देता है, लेकिन बांसवाड़ा 2800 मेगावाट का दम रखेगा। ये प्रदेश की कुल बिजली खपत का करीब 20 फीसदी कवर करेगा। पहली यूनिट ग्राउंडवर्क शुरू होने के साढ़े पांच साल बाद तैयार, और पूरे प्लांट को सात साल में चालू कर दिया जाएगा। आठ साल का टोटल टाइमलाइन है।
रोजगार और विकास का बड़ा बूस्ट। सीधे 5 हजार लोगों को जॉब्स, अप्रत्यक्ष 20 हजार को फायदा। 623 हेक्टेयर जमीन पर बनेगा, माही बांध के 5 टीएमसी पानी यूज होगा। लगभग 50 हजार करोड़ की लागत से ये प्रोजेक्ट बांसवाड़ा को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
पीएम मोदी का दौरा और सौगातों की बौछार। शिलान्यास के अलावा बीकानेर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस, जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस और उदयपुर सिटी-चंडीगढ़ एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। पीएम कुसुम योजना के बेनिफिशियरी से वर्चुअल बातचीत भी करेंगे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों के साथ मीटिंग की, तैयारियों की रिव्यू लिया। बताया गया कि पीएम 1 लाख 21 हजार करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। पूरे राजस्थान में लाइव टेलीकास्ट होगा। ये मौका बांसवाड़ा के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।