कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर बड़ा दावा किया है, जिसने सियासी हलकों में हड़कंप मचा दिया है। उन्होंने कहा कि उनके पास मतदाता सूची में धांधली के पक्के सबूत हैं, जिन्हें वो 5 अगस्त 2025 को बेंगलुरु में सबके सामने लाएंगे। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में इस ‘एटम बम’ खुलासे के साथ-साथ फ्रीडम पार्क से चुनाव आयोग के दफ्तर तक जोरदार प्रदर्शन भी होगा। आइए, जानते हैं इस पूरे मामले की पूरी कहानी और राहुल के दावों की सच्चाई।
5 अगस्त को बेंगलुरु में होगा बड़ा खुलासा
राहुल गांधी ने कहा कि मंगलवार, 5 अगस्त 2025 को कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में वो चुनाव आयोग के खिलाफ ठोस सबूत पेश करेंगे। लंबे समय से वो आयोग पर मतदाता सूची में हेरफेर का आरोप लगाते रहे हैं, लेकिन हर बार आयोग ने उनके दावों को खारिज किया है। इस बार राहुल का दावा है कि उनके पास ऐसा सबूत है जो सारी सच्चाई उजागर कर देगा। बेंगलुरु में होने वाला प्रदर्शन भी इस मुद्दे को और गर्माने वाला है।
मध्य प्रदेश-राजस्थान में हार पर सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में कांग्रेस को एक भी सीट न मिलना चौंकाने वाला था। उन्होंने पहले भी इन राज्यों में चुनावी धांधली का आरोप लगाया था, लेकिन सबूतों की कमी के कारण उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। अब राहुल का दावा है कि छह महीने की मेहनत के बाद उनके पास पक्के सबूत हैं, जिन्हें वो 5 अगस्त को पेश करेंगे।
कर्नाटक में मतदाता सूची पर सवाल
राहुल गांधी का सबसे बड़ा आरोप कर्नाटक के मतदान से जुड़ा है। उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक में मतदाता सूची में गड़बड़ी हुई। उनकी जांच के मुताबिक, मतदाता सूची में अचानक 40 से 45 साल के लोगों के नाम बड़ी संख्या में जोड़े गए, जबकि आमतौर पर नए मतदाता 18-20 साल की उम्र के होते हैं। इतनी बड़ी संख्या में उम्रदराज लोगों के नाम जोड़े जाना संदिग्ध है। राहुल ने इसे ‘एटम बम’ जैसा सबूत बताया और कहा कि ये उनकी छह महीने की मेहनत का नतीजा है।
संसद में विपक्ष का हंगामा
विपक्ष के नेता संसद में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का विरोध कर रहे हैं, जिसके चलते सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है। बिहार के नेता तेजस्वी यादव ने भी दावा किया था कि उनका नाम मतदाता सूची से गायब था। हालांकि, चुनाव आयोग ने सफाई दी कि तेजस्वी का नाम सूची में मौजूद था, लेकिन उनका एपिक नंबर बदलने की वजह से उन्हें दिक्कत हुई।
राहुल की चेतावनी
राहुल गांधी ने पहले भी चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिन्हें आयोग ने खारिज कर दिया था। इस बार उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि वोटों की चोरी में शामिल अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने धमकी दी कि रिटायरमेंट के बाद भी ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
क्या राहुल गांधी का यह ‘एटम बम’ खुलासा सियासत में भूचाल लाएगा? 5 अगस्त को बेंगलुरु में होने वाला प्रदर्शन और सबूतों का खुलासा क्या नया मोड़ लाएगा? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं!
